Comments & Ratings: लौट गया सर झुका कर.
Next >>
deleted
किस्मत के खेल भी निराले हैं,
सिखता ही नहीं है चोट खाकर.

अपनी मोहब्बत मांग रहे हैं वो,
जख्म करता भी क्या दिखा कर.

ये कब कहा कि मैं दूर हूं तुमसे,
पर देखना हैं अब तुम्हें भुला कर
Wonderful, Thank you so much...
818 days ago

deleted Rating: 10
818 days ago

BN DWIVEDI Rating: 9
818 days ago

Next >>