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on: Mar 25, 2020
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tags: My Diary✍
language: hi

मुश्किलों को हराते है, चलो मुस्कुराते हैं.......✍

मुश्किलों को हराते है,
चलो मुस्कुराते हैं,
उदासियों में रखा है क्या,
आओ थोड़ी खुशियाँ बांटते हैं,,
वर्षों पुराने ज़ख्मों को,
खुशियों से मात देते हैं,
बस तारीफें दुनिया से ले के,
हर तानों को ठुकराते हैं,
मुश्किलों को हराते है,
चलो मुस्कुराते हैं,
कल की उम्मीद पलकों में लिए,
इस सोच से आगे बढ़ते हैं,
लेते हैं थोड़ा उनसे हौसला,
जो नित्य पहाड़ चढ़ते हैं,
कुछ हौसला समंदर से भी,
जो पर्वत को भी घिसते हैं,
कुछ हौसलें नदियों से भी,
जो झरनों में से रिसते हैं,
ले कर सब उधर आज सब से,
कदम हम आगे बढ़ाते हैं,
अपनी हँसी के बीच में अपने,
हालात को आज छुपाते हैं,
मुश्किलों को हराते है,
चलो मुस्कुराते हैं,
कोई छीन नहीं सकता मुझसे मेरा,
जो मेरा नहीं वो खो के रहेगा,
गीता में भी साफ़ लिखा है,
जो होना है वो हो के रहेगा,
फिर क्यों कल की चिंता में,
आज को अपने खो देना,
जिन पलकों ने ख्वाब देखे इतने,
क्यों इनको है भिगो देना,
आओ सब कुछ को भुला के फिर से,
खुद को थोड़ा आज़माते हैं,
मुश्किलों को हराते है,
चलो मुस्कुराते हैं...
 
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on: Mar 24, 2020
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tags: friends
language: hi

तूफ़ान के हालात है ना किसी सफ़र में रहो...
पंछियों से है गुज़ारिश अपने शजर में रहो...

ईद के चाँद हो अपने ही घरवालो के लिए...
ये उनकी खुशकिस्मती है उनकी नज़र में रहो...

माना बंजारों की तरह घूमे हो डगर डगर...
वक़्त का तक़ाज़ा है अपने ही शहर में रहो...

तुम ने खाक़ छानी है हर गली चौबारे की...
थोड़े दिन की तो बात है अपने घर में रहो...🙏🙏

हम लोगो नेअपनी जिंदगी मे ये पहली बार ऐसी रेस देखी होगी...

जिसमें घर पर रुकने वाला ही जीतेगा, सुरक्षित रहेगा...
कृप्या घर पर ही रहे ....और अपने देश को बचाए...
 
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on: Mar 6, 2020
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tags: My Diary✍
language: hi

प्यार ताकत है खुदा की ये तू जानले
महोब्बत नूर है रूह का ये तू मानले
चल दिखा तेरी ताकत, ला आसमान जमीन पर
है जिगर में जज्बा, भेज कयामत को भी ऊपर
तो सारी कायनात है तेरी ये तू ठान ले
प्यार ताकत है खुदा की ये तू जानले
चिर-कौओ को खिला दे ऐसी लाश नही है तू
जिंदा होकर मर जाए ये एहसास नही है तू
चल उठ खड़ा हो, अंत नहीं है तू
इश्क़ की दुनिया का कोई संत नहीं है तू
तुझे लड़ना ही होगा ये तू ठान ले
प्यार ताकत है खुदा की ये तू जानले
कमजोर नहीं, बलवान है तू
चंद पलों का मेहमान है तू
खुद की जिंदगी का अरमान है तू
हर कयामत का सौदागर है तू
तू बस अपने आप को पहचनाले
प्यार ताकत है खुदा की ये तू जानले
 
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on: Mar 6, 2020
ratings: 3

language: hi

हो सकती है मोहब्बत ज़िन्दगी में दोबारा भी
बस हौसला हो एक दफा फिर बर्बाद होने का.. !!


यूँ मिले के मुलाकात न हो सकी
होंट खुले मगर कोई बात न हो सकी
मेरी खामोश निगाहें हर बात कह गई
और उनको शिकायत है के बात न हो सकी.. !!

मैं आज भी रखती हूँ अपने दोनों हाथो का ख्याल
न जाने उसने कौन सा हाथ पकड़ कर कहा होगा
मुझे तुम से मुहब्बत है..!!
 
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on: Mar 3, 2020
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tags: My Diary✍
language: hi

ना खड़ा तू देख गलत को
अब तो तू बवाल कर

चुप क्यों है तू
ना तो अपनी आवाज दबा
अब तो तू सवाल कर

ना मिले जवाब
तो खुद जवाब तलाश कर

क्यों दफन है सीने में तेरे आग
आज आग को भी
तू जलाकर राख कर

कमियों को ना गिन तू
ना उसका तू मलाल कर

कुछ तो अच्छा ढूंढ ले
ना मन को तू उदास कर
जो भी पास है तेरे
तू उससे ही कमाल कर

तू उठ कुछ करके दिखा
ना खुद को तू बेकार कर

खुद मिसाल बनकर
जग में तू प्रकाश कर
सोचता है क्या तू
तू वक्त ना खराब कर

जिंदगी जो है तो
जी के उसका नाम कर
रास्ते जो ना मिले
तो खुद की राह निर्माण कर



काल के कपाल पर
करके तांडव तू दिखा
दरिया जो दिखे आग का
प्रचंड अग्नि बन कर
तू उसे भी पार कर
 
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on: Mar 1, 2020
ratings: 3

tags: My Diary✍
language: hi


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मैं ? मैं हूँ एक प्यारी सी धरती

कभी परिपूर्णता से तृप्त और कभी प्यासी आकाँक्षाओं में तपती.

और तुम? तुम हो एक अंतहीन आसमान
संभावनों से भरपूर और ऊंची तुम्हारी उड़ान
कभी बरसाते हो अंतहीन स्नेह और कभी.....
सिर्फ धूप......ना छांह और ना मेंह.

जब जब बरसता है मुझ पर
तुम्हारा प्रेम और तुम्हारी कामनाओं का मेंह
खिल उठता है मेरा मन और
अंकुरित होती है मेरी देह.

युगों युगों से मुझ पर हो छाए
मुझे अपने गर्वित अंकमें समाये
सदियों का अटूट हमारा नाता है ...लेकिन
फिर भी कभी सम्पूर्ण ना हो पाता है.

धरती और आसमान....मिलते हैं तो सिर्फ क्षितिज में
सदियों से यही होता आया है ...और होगा.
जितना करीब आऊं
तुम्हारा सुखद संपर्क उतना ही ओझल हो जाता है.

लेकिन इन सब से मुझे कैसा अनर्थ डर?
अंतहीन युगों के अन्तराल से परे ...जब चाहूँ...

सतरंगी इन्द्रधनुषी रंगों की सीढियां चढ़ती हूँ
रंगीले कोहरे में रोमांचक नृत्य करती हूँ
परमात्मा के रचित मंदिर में तुम पर अर्चित होती हूँ
तुम्हें छू कर, तुम्हें पा कर, तुम पर समर्पित हो कर
फिर खुद ही खुद तक लौट आती हूँ.

अब ना मिलने की ख़ुशी है और ना ही ना मिलने का गम
मैं अब ना मैं हूँ और ना तुम हो तुम.... हैं तो बस अब सिर्फ हैं हम.

सिर्फ कहने भर को हूँ तुमसे मैं दूर.....

तुम्हारे आकर्षण की गुरुता में गुँथी
परस्पर आत्माओं के तृषित बंधन में बँधी
तुम्हारी किरणों के सिंधूरी रंगों से सजी
तुम्हारे मोहक संपर्क में मेरी नस नस रची.

मैं रहूँगी तुम्हारी प्रिया धरती
और रहोगे तुम मेरे प्रिय आसमान
मैं? मैं हूँ आसमान की धरती, और तुम?
तुम हो धरती के आसमान.
 
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on: Feb 20, 2020
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language: hi

वो दिन तो दिन थे यार, बचपन के दिन थे यार !!

माँ का आलिंगन, पापा की डाँट,
भाई बहन के साथ नटखट सा व्यव्हार,
वो दिन तो दिन थे यार........

बहानो से घर से निकल जाना,
दोस्तों के साथ खेलना और खाना,
वो दिन तो दिन थे यार........

बिना किस्से कहानी सुने नींद ना आना,
माँ की गोद में थक हार कर सो जाना,
वो दिन तो दिन थे यार........

छोटी छोटी बातो पर रूठ जाना,
पल में हँसना और सब भूल जाना,
वो दिन तो दिन थे यार........

अधूरा होमवर्क और स्कूल ना जाने का बहाना,
पापा का डांटना, और माँ का हमेशा बचाना,
वो दिन तो दिन थे यार........

मेहमानों के आने पर माँ के आँचल में छिप जाना,
धीरे से मुस्कुराना और नजरे चुराना,
वो दिन तो दिन थे यार........

सुबह का नाश्ता और खाना ना खाने का बहाना,
ना खाने की जिद से माँ को सताना,
वो दिन तो दिन थे यार......

पेपर की टेंशन और ट्यूशन का बहाना,
यारो दोस्तों के साथ गप्पे लड़ाना,
वो दिन तो दिन थे यार......

कागज की नाव और बारिश में नहाना,
गावं की गलियाँ और वो बेफिक्रा जमाना,
वो दिन तो दिन थे यार.......

बाग़ बग़िया और तितलियों का ठिकाना,
घड़े का पानी और पीपल के नीचे सुस्ताना,
वो दिन तो दिन थे यार......

चाँद चांदनी और परियो का फ़साना,
सुहाने सपने और नींद का टूट जाना,
वो दिन तो दिन थे यार......

पर ना जाने कहा चला गया वो जमाना,
बचपन ही है एक सफर सुहाना,
वो दिन तो दिन थे यार, बचपन के दिन थे यार !!
 
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on: Feb 15, 2020
ratings: 7

tags: My Diary...
language: hi

घर की जब याद आती है...
सच यार घर की जब याद आती है,
उस वक़्त आंखो से आँसू से रुक नहीं पाती है,
बहोत याद आते है!
वो घर,वो गलियां
वो दोस्त,वो नदानिया
न जाने कब और कहाँ,
छूट गई वो बचपन और वो शैतानिया,

सच यार घर की जब याद आती है,
माँ तू और तेरी कमी हमेशा रह जाती है,
काश,काश की लौट पाता उस बचपन में,
माँ तू फिर से मुझे सवारती,
और दुलारती उस पल में,
सच माँ तेरी कमी यहाँ
बहोत रहती है,
तेरे बिन पल-पल
बहोत मुश्किल से कटती है,
माँ कोई नहीं पूछने वाला
यहाँ तेरे लाल से,
की खाना खाया की नहीं,
भूख लगी है या नहीं,
सच माँ तेरे वो
जबरजस्ती खाना खिलाने
में भी बहोत प्यार नजर आता है,
माँ जैसा कोई नहीं
ये तुझसे दूर होने के बाद
आज महसूस हो पाया है,
सच माँ तेरी कमी यहाँ
बहोत रहती है,
तेरे बिन पल-पल
बहोत मुश्किल से कटती है,

सच यार घर की जब याद आती है,
घर से दूर रहना
क्या होता है,
उस वक़्त पता चल जाती है,
घर को अपने फैमली को
मिस करना उनसे पूछो
जो घर से दूर रहते है,
बिन माँ-बाप,बिन दोस्तों
के न जाने उनके पल
कैसे कटते है.....
 
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on: Feb 5, 2020
ratings: 3

language: hi

Ghayal Kar Ke Mujhe Usne Poochha !!
Karoge Kya Phir Mohabbat Mujhse !!!!

Lahoo-Lahoo Tha Dil Mera Magar !!
Honthon Ne Kaha Beintha-Beintha !!!!
 
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on: Jan 27, 2020
ratings: 4

language: hi

पलकों पर होंगी बूंदें,पर मंद-मंद मुस्काओगे।।

वो भी क्या दिन थे जब,संदेशों में बातें होती थीं।
हम दोनों थे खोये रहते,दुनियाँ की रातें होती थीं।।

उन बीती घड़ियों में जब कदम कदम मैं साथ चलूंगी।
फिर अपनी जिद पर शायद,मन ही मन पछताओगे।।

मैं कैसे कैसे मन में स्वप्न सजाया करती थी।
तेरी मोहक बातों में मैं खो जाया करती थी।।

अस्तित्व मिटाया मैंने,तेरा रूप सजाने को।
अब बोलो आईना कैसे,जान मेरी झुठलाओगे।।

क्यों मेरा था दामन छोड़ा,बस इतना समझाकर जाते।
मैंने था यह जीवन सौंपा,इसको आग लगाकर जाते।।

तुम खुश हो यह सोच सोच,मैनें खुद को बहलाया है।
तुम बतलाओ कैसे,अपने मन को समझाओगे।।

कल जब जीवन के पन्नों पर,तुम पीछे को जाओगे। ‌‌‌
 
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on: Dec 25, 2019
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tags: My Diary...
language: hi

मैं तूफ़ानों मे चलने का आदी हूं..
तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो..

हैं फ़ूल रोकते, काटें मुझे चलाते..
मरुस्थल, पहाड चलने की चाह बढाते..
सच कहता हूं जब मुश्किलें ना होती हैं..
मेरे पग तब चलने मे भी शर्माते..
मेरे संग चलने लगें हवायें जिससे..
तुम पथ के कण-कण को तूफ़ान करो..

मैं तूफ़ानों मे चलने का आदी हूं..
तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो..

अंगार अधर पे धर मैं मुस्काया हूं..
मैं मर्घट से ज़िन्दगी बुला के लाया हूं..
हूं आंख-मिचौनी खेल चला किस्मत से..
सौ बार म्रत्यु के गले चूम आया हूं..
है नहीं स्वीकार दया अपनी भी..
तुम मत मुझपर कोई एह्सान करो..

मैं तूफ़ानों मे चलने का आदी हूं..
तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो..

शर्म के जल से राह सदा सिंचती है..
गती की मशाल आंधी मैं ही हंसती है..
शोलो से ही श्रिंगार पथिक का होता है..
मंजिल की मांग लहू से ही सजती है..
पग में गती आती है, छाले छिलने से..
तुम पग-पग पर जलती चट्टान धरो..

मैं तूफ़ानों मे चलने का आदी हूं..
तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो..

फूलों से जग आसान नहीं होता है..
रुकने से पग गतीवान नहीं होता है..
अवरोध नहीं तो संभव नहीं प्रगती भी..
है नाश जहां निर्मम वहीं होता है..
मैं बसा सुकून नव-स्वर्ग “धरा” पर जिससे..
तुम मेरी हर बस्ती वीरान करो..

मैं तूफ़ानों मे चलने का आदी हूं..
तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो..

मैं पन्थी तूफ़ानों मे राह बनाता..
मेरा दुनिया से केवल इतना नाता..
वेह मुझे रोकती है अवरोध बिछाकर..
मैं ठोकर उसे लगाकर बढ्ता जाता..
मैं ठुकरा सकूं तुम्हें भी हंसकर जिससे..
तुम मेरा मन-मानस पाशाण करो..

मैं तूफ़ानों मे चलने का आदी हूं..
तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो..
 
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on: Dec 21, 2019
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tags: Ro!
language: hi

कभी यूँ मिलें कोई मसलेहत, कोई ख़ौफ़ दिल में ज़रा न हो
मुझे अपनी कोई ख़बर न हो, तुझे अपना कोई पता न हो

वो फ़िराक़ हो या विसाल हो, तेरी याद महकेगी एक दिन
वो ग़ुलाब बन के खिलेगा क्या, जो चिराग़ बन के जला न हो

कभी धूप दे, कभी बदलियाँ, दिलो-जाँ से दोनों क़ुबूल हैं
मगर उस नगर में न क़ैद कर, जहाँ ज़िन्दगी का हवा न हो

वो हज़ारों बाग़ों का बाग़ हो, तेरी बरक़तों की बहार से
जहाँ कोई शाख़ हरी न हो, जहाँ कोई फूल खिला न हो

तेरे इख़्तियार में क्या नहीं, मुझे इस तरह से नवाज़ दे
यूँ दुआयें मेरी क़ुबूल हों, मेरे दिल में कोई दुआ न हो

कभी हम भी जिस के क़रीब थे, दिलो-जाँ से बढ़कर अज़ीज़ थे
मगर आज ऐसे मिला है वो, कभी पहले जैसे मिला न हो
 
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on: Nov 30, 2019
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language: hi

फासला उम्र का बड़ा है, दिल फिर भी जिद पे अड़ा है ....
सोच ले अब रहनुमा मेरे, तू किस मोड़ पे खड़ा है ....

मंजिलें शायद एक ही हों, पर रास्ते तो अलग-अलग हैं....
रौशनी की है जरूरत तुझे, इधर अमावस का चाँद पड़ा है....
 
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on: Nov 22, 2019
ratings: 4

language: hi

इतना भी मत तड़पाओ किसी को, कि जान चली जाये....
प्यार हो गया खुदा से अगर, तो फिर किसे तड़पाओगे....

सूख जायेगें आंसू ऑखों में, अपने सितम पे पछताओगे ....
तड़पाने की चाह है जिसको, उसी की चाह में तड़प जाओगे....
 
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on: Nov 20, 2019
ratings: 3

language: hi


तड़प के देखो किसी की चाहत में, !!
तो पता चले कि इंतजार क्या होता है,!!!!

यूं ही मिल जाए अगर कोई बिना तड़पे, !!
तो कैसे पता चले कि..प्यार क्या होता है,!!!!
 
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on: Nov 17, 2019
ratings: 6

tags: My Diary
language: hi

मेरी नज़रों ने वायदा किया है मेरी रूह से
कि सनम तेरे सिवा कुछ ना देखेंगी
तू ये जानता है ना कि मेरी रूह तू है?

मैं शायद खुदा की बनायी पहली और अकेली औरत हूँ
जो अपने जिस्म के टुकड़े से ज्यादा प्यार अपने आदमी से करती है
क्योंकि जिस्म के सब टुकड़े भी तो तूने दिए हैं
क्योंकि मेरी जिन्दगी की ये पवित्र खुशी भी तो तूने दी है
क्योंकि इस मन को बेइंतहा सहारा भी तो तूने दिया है
क्योंकि मुझ नाचीज़ को आसमान पर उड़ना भी तो तूने सिखाया है.

तू इतना जान ले हमदम की तेरे बिना मैं कुछ भी नहीं
कि मेरी ख़ुशी मेरी जिन्दगी तू है
कि तेरे बिना जिन्दगी जिन्दगी ही नहीं
मेरी रूह ने वादा किया है मेरे खुदा से कि सनम
अगर तुझसे हुई जुदा तो तड़प के मर जायेगी
रूहों का सफ़र कभी फनां नहीं होता, पर
मेरी रूह तेरे बिना ना जी पायेगी...

बहुत डरती हूँ की कभी इस हालत पर ना पहुंचूँ कि
तुझसे चाहूँ तो बात ना कर सकूँ.
चाहूँ तो तुझे देख ना सकूँ.
तेरी पुरसुकूँन आवाज का मीठा अमृत अपने दिलो दिमाग में
ना महसूस कर सकूँ.
ऐसा तो हो नहीं सकता, सिवाय तब की जब
तू मुझसे जुदा हो गया हो और मौत के अंधेरों में खो गया हो
क्योंकि ये तो हो नहीं सकता कि जीते जी तू मुझसे रूठ गया हो.

मेरे होते तू मर नहीं सकता
क्योंकि मेरी जिन्दगी तू है, गर मै हूँ जिन्दा
तो फिर तू भी यहीं कहीं है.

मेरी हंसी खुशी सब तू ही है
मेरी जान...मै जीना चाहती हूँ, हँसना चाहती हूँ
क्या मेरी खातिर रहेगा तू हमेशाँ जिन्दा?
क्या मेरी खातिर रहेगा तू हमेशाँ मेरा दिलबर?
क्या मेरी खातिर रहेगा यही तेरे ख्यालों का असर?

दिल चाहता है कि खुदा से और तुझसे एक वादा ले लूं..
कि देखेंगी मेरी आँखें तुझे ही
जब तक मेरी आँखों में देखने की हिम्मत है
कि सुनूँगी तेरी आवाज़ जब तक जिंदा हूँ
कि तेरी गैर मौजूदगी का एहसास ना हो
कि कभी मजबूर ना होऊँ तेरी दूरी से
कि सोऊँ जब चिरनिद्रा में तो
रूह में, आँखों में समा कर तुझे...
कि जाऊं मैं तुझे छोड़ कर, ना कि तू मुझे.
तुझसे जुदा मैं कभी हो नहीं सकती, बस
मेरी मौत है तेरी दूरी मेरे लिये..

तू ना होगा तो किस को इस पागलपन से चाहूंगी?
तू ना होगा तो किस से इस पागलपन से लडूंगी?
तू ना होगा तो किस से इस पागलपन से प्यार कर सकूंगी?
तू ना होगा तो कौन दिखायेगा मुझे इस धरती पर स्वर्ग?
तू ना हो तो कौन मुझे पलकों पर बिठाएगा?
तू ना होगा तो कौन मुझे जिन्दा रखेगा?

तू रह जिन्दा सनम ताकि मैं जी सकूँ
तू रह शादाब ताकि मैं हंस सकूँ
तू रह ताकि मेरी आस पास तेरे वजूद की खुशबू रहे
तू रह इस दुनिया में ताकि ये दुनिया रहने के काबिल रहे
तू चल ताकि तेरे साए की छावं में, मैं शांती से सफ़र कर सकूँ
तू रह आबाद ताकि मैं बस सकूँ
बस तू ही तू है, इस जिन्दगी में, रूह में, सफ़र में,
तू रह मेरी आस पास ताकि मैं हँसते हँसते मर सकूँ.

बहुत खुश हूँ मैं कि जिन्दगी ने मुझे अधूरा नहीं लौटाया
एहसान है तेरा की मुझे प्यार में जीना आया
कद्रदान हूँ तेरी कि अपनी कोख में तुझे समाया
शुक्रगुज़ार हूँ तेरी कि खुदा की जांनिब तुझे पाया
दौलतवार हूँ कि तेरी छाहँ का आशियाँ पाया.

मेरे प्यारे, परम पिता के बनाये आदमी, तू इतना प्यारा क्यों है?
तू इतना दिल को समझने वाला हमसाया क्यों है?
तेरे जनमदाता में जरूर कुछ होगा कि तू एक चीज़ है
कभी सोचती हूँ... उस वृक्ष को भी चाहती हूँ मैं जिसका तू बीज है.

 
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on: Nov 17, 2019
ratings: 6

tags: My Diary
language: hi

प्यार किसी को करना लेकिन
कह कर उसे बताना क्या
अपने को अर्पण करना पर
और को अपनाना क्या

गुण का ग्राहक बनना लेकिन
गा कर उसे सुनाना क्या
मन के कल्पित भावों से
औरों को भ्रम में लाना क्या

ले लेना सुगंध सुमनों की
तोड उन्हे मुरझाना क्या
प्रेम हार पहनाना लेकिन
प्रेम पाश फैलाना क्या

त्याग अंक में पले प्रेम शिशु
उनमें स्वार्थ बताना क्या
दे कर हृदय हृदय पाने की
आशा व्यर्थ लगाना क्या
 
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on: Nov 14, 2019
ratings: 2

language: hi

Ek bachpan ka zamana tha,
jisme khushiyon ka kakhazana tha!!

Chahat chand ko paane ki thi,
par dil titli ka deewana tha!!

Khabar na thi kuch subah ki,
na shaam ka thikana tha!!

Thak haarke aana school se,
par khelne bhi jaana tha!!

Maa ki kahani thi, pariyon ka fasana tha;
barish mein kagaz ki naav thi!!

Har mausam suhana tha.
Har khel mein saathi the,
Har rishta nibhana tha!!

Gum ki zuban na hoti thi,
Na zakhmon ka paimana tha.

Rone ki wajah na thi,
Na hansne ka bahana tha;
kyon ho gaye hum itne bade,
isse achha to woh bachpan ka zamana tha !!!!
 
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on: Nov 13, 2019
ratings: 4

tags: My Diary
language: hi


है एक दोस्त जो रखता है ख़बर मेरी…..

ख़ामोश पढ़ता है वो हाल मेरा

दबे पाँव आता है फिर लौट जाता है

न अश्क़ों को मेरे देता है अब वो काँधा

न लबों पे मेरी मुसकान बुलाता है

मेरे नाम को आवाज़ नहीं देता है वो

न अब मरहम मेरे ज़ख़्मों पे लगाता है

है शायद बहुत नाराज़ वो मुझसे

रूठ गयें हैं लफ़्ज़ भी जो मनाते उसे

खामोश लिखती हूँ मैं हाल अपना

है एक दोस्त जो रखता है अब भी ख़बर मेरी……..
 
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on: Nov 12, 2019
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tags: My Diary
language: hi

कहां आंसुओं की ये सौग़ात होगी
नए लोग होंगे नई बात होगी

मैं हर हाल में मुस्कुराता रहूंगा
तुम्हारी मोहब्बत अगर साथ होगी

चराग़ों को आंखों में महफ़ूज़ रखना
बड़ी दूर तक रात ही रात होगी

परेशां हो तुम भी परेशां हूं मैं भी
चलो मय-कदे में वहीं बात होगी

चराग़ों की लौ से सितारों की ज़ौ तक
तुम्हें मैं मिलूंगा जहां रात होगी

जहां वादियों में नए फूल आए
हमारी तुम्हारी मुलाक़ात होगी

सदाओं को अल्फ़ाज़ मिलने न पाएं
न बादल घिरेंगे न बरसात होगी

मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी
किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी
 
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