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on: Jan 25, 2012
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tags: VISHAL
language: hi

O mere watan ke logo,
Tum khub lagalo nare ye hind hai hum sabka,
Zara yaad karo kurbani,
Hai ishq hai hamin sar zameen se,
My nation is my proud,
Jai hind, Vande materam.
Happy Republic Day 2012!!

Lets remember the golden heritage of India,
And feel proud to be a part of India,
And to be an Indian.
Happy Republic Day 2012!!

Have a awesome and prosperous republic day,
May this republic day our India will get huge success.
I love my India,
Jai Hind & Salaam India.
Happy Republic Day 2012!!
 
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on: Jul 20, 2012
ratings: 24

language: hi

एक व्यक्ति को मुंबई से पुणे जाना था परन्तु उसने नए बने एक्सप्रेस वे की जगह पुराने रास्ते से जाने का फैसला किया ताकि वो रास्ते में पड़ने वाले सुन्दर नज़ारों को देख सके। पर जब वो घाट के पास पहुँचा तो उसके साथ कुछ ऐसा हुआ जो नहीं होना चाहिए था। उसकी कार बीच रास्ते में ही ख़राब हो गई और आसपास मीलों दूर तक कोई आबादी नहीं थी।

कोई और रास्ता न होने की वजह से उसने फैसला किया कि वो पैदल ही जायेगा और इस उम्मीद में कि पास के शहर तक कोई लिफ्ट मिल जायेगी वो सड़ाक के किनारे-किनारे पैदल चलने लगा।

तब तक रात हो चुकी थी और बारिश भी होने लगी और वो जल्दी ही पूरी तरह से गीला हो गया और कांपने लगा।

पूरी रात ऐसे ही गुजर गई पर उस रास्ते से कोई गाड़ी नहीं गुजरी और बारिश इतनी तेज़ हो चुकी थी कि उसे अपने से महज कुछ फीट दूर तक ही दिख रहा था।

तभी उसे एक कार आती हुई दिखाई दी और वो उससे थोड़ी दूरी पर रुक गई और उसने बिना कुछ सोचे-समझे कार का दरवाजा खोला और जाकर उसमें बैठ गया।

वो पिछली सीट पर बैठा था और वो आगे आया उस इंसान को धन्यवाद देने के लिए जिसने उसे बचाया था, पर वो यह देख कर चौंक गया कि ड्राईवर की सीट पर कोई भी नहीं था।

हालाँकि आगे वाली सीट पर कोई नहीं था और न ही इंजन के चलने की कोई आवाज आ रही थी फिर भी कार धीरे धीरे चलनी शुरू हो जाती है। वह व्यक्ति फिर सड़क की तरफ देखता है कि उसे एक तेज़ मोड़ दिखाई देता है और नीचे एक गहरी खाई।

वो यह देख कर बहुत ही डर जाता है और भगवान से अपनी जिंदगी बचने के लिए प्रार्थना करने लगता है।

पर जैसे ही वो मोड़ पास आता है एक हाथ कहीं से स्टीयरिंग पर आता है और कार को मोड़ देता है और कार मोड़ से गुजर जाती है और फिर से वो हाथ गायब हो जाता है और कार फिर से बिना किसी ड्राईवर के चलने लगती है।

ऐसे ही बार बार जब भी वो किसी मोड़ के पास आते, एक हाथ आता और कार को घुमा देता और वो आराम से उस मोड़ से निकल जाते।

आखिरकार उस व्यक्ति को सामने की तरफ रोशनी दिखाई देती है और वो कार से उतर कर उस रोशनी की तरफ भागने लगता है और पहुँच कर देखता है कि वो एक गाँव है और वो एक ढाबे पर पहुँचता है।

वो वहाँ पर पानी मांगता है और आराम करने लगता है।

तब वो वहाँ मौजूद सभी लोगों को अपने उस डरावने अनुभव के बारे में सब बताता है।

ढाबे में एक सन्नाटा सा छा जाता है जैसे ही वो बोलना बंद करता है।

और तभी संता-बंता ढाबे में प्रवेश करते हैं।

संता उसी व्यक्ति की तरफ इशारा करता है और कहता है- देख बंता, यही वो इंसान है जो हमारी कार में बैठ गया था जब हम उसे धक्का लगा रहे थे।
 
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on: Apr 14, 2012
ratings: 23

language: hi

माँ का दिल ♥
एक बेटे ने अपनी आत्मकथा में अपनी माँ के
बारे में लिखा ;
कि उसकी माँ की केवल एक
आँख थी
इस कारण वह उस से नफ़रत करता था एक
दिन उसके एक दोस्त ने उस से आ कर
कहा कि अरे
तुम्हारी माँ कैसी दिखती है ना..
एक ही आँख
में ? .......यह सुन कर वो शर्म से जैसे
ज़मीन में धंस गया .....दिल किया यहाँ से
कही भाग जाए,
छिप जाए और उस दिन
उसने अपनी
माँ से कहा की....
यदि वो चाहती है
की दुनिया में मेरी कोई हँसी ना उड़ाए
तो वो यहाँ से चली जाए !
माँ ने कोई उतर नही दिया वह इतना गुस्से
में था कि एक पल
को भी नही सोचा की उसने माँ से क्या कह
दिया है और यह सुन कर उस पर
क्या गुज़री होगी ! .....
कुछ समय बाद उसकी पढ़ाई खत्म
हो गयी ,अच्छी नौकरी लग गई और उसने ने
शादी कर ली ,एक घर भी खरीद
लिया फिर उस के बच्चे भी हुए !
एक दिन
माँ का दिल नही माना वो सब खबर
तो रखती थी अपने बेटे के बारे में और वो उन
से मिलने को चली गयी.....
उस के पोता पोती उसको देख के पहले डर गए फिर
ज़ोर ज़ोर से हँसने लगे.......
बेटा यह देख के
चिल्लाया की तुमने कैसे हिम्मत
की यहाँ आने की मेरे बच्चो को डराने
की और वहाँ से जाने को कहा |
माँ ने कहा की शायद मैं ग़लत पते पर आ गई
हूँ मुझे अफ़सोस है और वो यह कह के वहाँ से
चली गयी!
एक दिन पुराने स्कूल से पुनर्मिलान समरोह
का एक पत्र आया बेटे ने सोचा की चलो सब
से मिल के आते हैं !
वो गया सबसे मिला ,यूँ
ही जिज्ञासा हुई कि देखूं माँ है
की नही अब भी पुराने घर में
वो वहाँ गया..
वहाँ जाने पर
पता चला की अभी कुछ दिन पहले
ही उसकी माँ का देहांत हो गया है
यह सुन के भी बेटे की आँख से एक भी आँसू
नही टपका.....:(:(
तभी एक पड़ोसी ने कहा की वो एक पत्र दे
गयी है तुम्हारे लिए.....
पत्र में माँ ने
लिखा था कि --
""मेरे प्यारे बेटे मैं हमेशा तुम्हारे बारे में
ही सोचा करती थी और सदा तुम कैसे हो ?
कहाँ हो ? यह पता लगाती रहती थी........
उस दिन मैं तुम्हारे घर में तुम्हारे
बच्चो को डराने नही आई थी.....
बस रोक
नही पाई उन्हे देखने से.....
इस लिए आ
गयी थी, :(
मुझे बहुत दुख है की मेरे कारण
तुम्हे हमेशा ही एक हीन भावना रही पर
इस के बारे में मैं तुम्हे एक बात
बताना चाहती हूँ की जब तुम बहुत छोटे थे
तो तुम्हारी एक आँख एक दुर्घटना में
चली गयी.....
अब मै माँ होने के नाते कैसे
सहन करती कि मेरा बेटा अंधेरे में रहे इस
लिए मैने अपनी एक आँख तुम्हे दे दी और
हमेशा यह सोच के गर्व महसूस
करती रही की अब मैं अपने बेटे की आँख से
दुनिया देखूँगी और मेरा बेटा अब
पूरी दुनिया देख पाएगा
उसके जीवन में
अंधेरा नही रहेगा .....
सस्नेह
तुम्हारी माँ ♥
 
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on: May 27, 2009
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tags: master
language: hi

jaane kahan gaye woh gold coin..joh milte rahe the shtyle mein...
ab aik v nahin mere yaa kisike paas...
bhagban ..kucch karo....goldcoin k bina shtyle adhura lag raha hai....:(:(:(:(
woh mere mere pyaare gold coin mujhe lauta do...

de de gold coin de,,gold coin de
gold coin de re...hume gold coin de....
 
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on: Aug 13, 2012
ratings: 19

language: hi

jab tumse ittafaakan meri nazar mili thi
ab yaad aa raha hai shaayd wo Janvari thi
tum yun mili dobaaraa fir maah-e-Farvari me
jaise ke hamsafar ho tum raah-e-zindagi me
kitna haseen zamana aaya tha March lekar
raah-e-vafaa pe thi tum vaadon ki torch lekar
baandha jo ahd-e-ulfat Aprail chal raha tha
duniya badal rahi thi mausam badal raha tha
lekin Maii jab aayi jalne laga zamana
har shaks ki zubaan par tha bas yahi fasaana
dunya ke dar se tumne badli thi jab nigaahen
tha June ka maheena lab pe thi garm aahen
July me jo tumne ki baatcheet kuchh kam
ye aasmaan pe baadal aur meri aakhen pur nam
maah-e-Agast me jab barsaat ho rahi thi
bas aasuon ki baarish din raat ho rahi thi
kuchh yaad aa raha hai wo maah tha Sitambar
bheja tha tumne mujhko tark-e-wafa ka letter
tum gair ho rahi thi October aa gaya tha
duniya badal chuki thi mausam badal chuka tha
jab aa gaya November aisi bhi raat aayi
mujhse tumhe chhuDaane sajkar baraat aayi
bekaif tha December jasbaat mar chuke the
mausam tha sard usme armaan bikhar chuke the
lekin ye kya bataun ab haal dusra hai
wo saal dusra tha ye saal dusra hai
 
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on: Jul 17, 2011
ratings: 20

language: hi

Maa Kya hai:

Samandar ne kaha: Maa wo hasti hai jo aulad ke tamaam raaz apne seene me chupa leti hai.

Badal ne kaha: Maa wo hasti hai jo dhadakan ki taraha khubasurati ke tamaam rang mana leti hai.

Dua ne kaha: Maa wo hasti hai jo gunaah gaar aulad ko bhi dozakh se bacha leti hai.

Jannat ne kaha: Maa wo hasti hai ke jo mujako bhi qadmo ke neeche daba deti hai.

Rab ne kaha: Maa meri taraf se insaan ke liye qeemati aur nayaab tohafa hai..

Please apne maa ki khidamat karo..................
 
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on: Nov 10, 2011
ratings: 18

tags: Story
language: hi

एक बार एक लड़का अपने स्कूल की फीस भरने के लिए एक दरवाजे से दूसरे दरवाजे तक कुछ सामान बेचा करता था, एक दिन उसका कोई सामान नहीं बिका और उसे बड़े जोर से भूख भी लग रही थी.
उसने तय किया कि अब वह जिस भी दरवाजे पर जायेगा, उससे खाना मांग लेगा.
दरवाजा खटखटाते ही एक लड़की ने दरवाजा खोला, जिसे देखकर वह घबरा गया और बजाय खाने के उसने पानी का एक गिलास पानी माँगा.
लड़की ने भांप लिया था कि वह भूखा है, इसलिए वह एक...... बड़ा गिलास दूध का ले आई. लड़के ने धीरे-धीरे दूध पी लिया.
" कितने पैसे दूं?" लड़के ने पूछा.
" पैसे किस बात के?" लड़की ने जवाव में कहा." माँ ने मुझे सिखाया है कि जब भी किसी पर दया करो तो उसके पैसे नहीं लेने चाहिए."
" तो फिर मैं आपको दिल से धन्यबाद देता हूँ."
जैसे ही उस लड़के ने वह घर छोड़ा, उसे न केवल शारीरिक तौर पर शक्ति मिल चुकी थी , बल्कि उसका भगवान् और आदमी पर भरोसा और भी बढ़ गया था.

सालों बाद वह लड़की गंभीर रूप से बीमार पड़ गयी. लोकल डॉक्टर ने उसे शहर के बड़े अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया. विशेषज्ञ डॉक्टर होवार्ड केल्ली को मरीज देखने के लिए बुलाया गया. जैसे ही उसने लड़की के कस्वे का नाम सुना, उसकी आँखों में चमक आ गयी. वह एकदम सीट से उठा और उस लड़की के कमरे में गया. उसने उस लड़की को देखा, एकदम पहचान लिया और तय कर लिया कि वह उसकी जान बचाने के लिए जमीन-आसमान एक कर देगा.
उसकी मेहनत और लग्न रंग लायी और उस लड़की कि जान बच गयी. डॉक्टर ने अस्पताल के ऑफिस में जा कर उस लड़की के इलाज का बिल लिया. उस बिल के कौने में एक नोट लिखा और उसे उस लड़की के पास भिजवा दिया.
लड़की बिल का लिफाफा देखकर घबरा गयी, उसे मालूम था कि वह बीमारी से तो वह बच गयी है लेकिन बिल कि रकम जरूर उसकी जान ले लेगी. फिर भी उसने धीरे से बिल खोला, रकम को देखा और फिर अचानक उसकी नज़र बिल के कौने में पेन से लिखे नोट पर गयी, जहाँ लिखा था," एक गिलास दूध द्वारा इस बिल का भुगतान किया जा चुका है." नीचे डॉक्टर होवार्ड केल्ली के हस्ताक्षर थे.
ख़ुशी और अचम्भे से उस लड़की के गालों पर आंसू अपक पड़े उसने ऊपर कि और दोनों हाथ उठा कर कहा," हे भगवान! आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, आपका प्यार इंसानों के दिलों और हाथों द्वारा न जाने कहाँ- कहाँ फैल चुका है."
अब आपके दो में से एक चुनाव करना है.
या तो आप इसे शेयर करके इस सन्देश को हर जगह पहुंचाएं या इसे व्यर्थ मान अपने आप को समझा लें कि इस कहानी ने आपका दिल नहीं छूआ.--
 
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on: Jun 1, 2012
ratings: 17

tags: nimmu
language: hi

Heart Touching :')
Kabhi pehli baar school jaane mein darr lagta
tha,
Aaj har rasta khud hi chunthe hain..!
Kabhi mummy-papa ki har baat sacchi lagti
thi, Aaj
unhi se jhooth bolte hai..!!
Kabhi chhoti si chot kitna rulati thi,
Aaj dil toot jata hai phr bi sambhal jaate hai !!
Pehle dost bas saath khelne tak yaad rehte
the,
Aaj kuch dost jaan se zyada pyare lagte hai..!!
Ek din tension ka meaning maa se puchna
padtatha,
Or aaj tension soulmate lagta hai..!!
Ekdin tha jab pal mein ladna pal mein manana
to
roz ka kam tha,
Aaj ek baar jo juda hue toh rishte tak kho jate
hai..!!
Sachi,zindagi ne bahut kuch sikhadiya..!!
Na jaane rabb ne humko itna jaldi bada kyun
bana
Diya :
 
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on: Jan 15, 2014
ratings: 31

language: hi

Maine Kaha Wo Ajnabi Hai
Dil Ne Kaha Ye Dil Ki Lagi Hai

Main Ne Kaha Wo Sapna Hai
Dil Ne Kaha Phir Bhi Apna Hai

Mene Kaha Wo Do Pal Ki Mulaqat Hai
Dil Ne Kaha Ye Sadyun Ka Sath Hai

Mene Kaha Wo Meri Haar Hai
Dil Ne Kaha Yahi To Pyar Hai!!…
 
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on: Nov 16, 2011
ratings: 16

tags: Arun
language: hi

Kuch rishte anjaane me ban jaate hain,
Pahale dil phir zindagi se jud jaate hain,
Kahate hain uss daur ko dosti...
Jisme dil se dil na jaane kab mil jaate hain...
 
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on: Mar 29, 2012
ratings: 15

language: hi


आज अपनी पुरानी आलमारी साफ़ करते हुए,
एक धूल खाई हुई किताब के पन्ने फडफडाए,
तो वे एक मुड़े हुए कागज़ पर आकार ठहर गए...

लिखावट मेरी थी,
शब्द भी मेरे थे,
पर बात जिसकी थी,
उस से मिले सालो गुज़र गए थे|

एक कोने में आखों का ज़िक्र था,
दूसरे में होठों की तारीफ़,
कही पर लिखावट बड़ी बड़ी थी,
तो कही पर थी बोहोत बारीक,
कही पर कुछ किस्से लिखने की कोशिश की थी मैंने,
कही पर उसकी आदतों को शब्दों में ढाला था,
कही पर उसके उदास चेहरे का किया था वर्णन,
कही पर उसकी हँसी को हवा में उछाला था|

एक और कोना था उस कागज़ पर,
जहा के शब्द भीग के, सुखकर धुन्दला गए थे,
लगता हैं वहा पर ज़रूर नाम तुम्हारा होगा,
मैंने चखकर तो नहीं देखा पर मुझे यकीन हैं,
कागज़ का वो हिस्सा ज़रूर खारा होगा|

फिर कोशिश की इन शब्दों को मिलाकर पंक्तियाँ बनाने की,
पर उसके लिए शायद एक बार तुमसे मिलना बोहोत ज़रुरी हैं,
मेरी खातिर नहीं तो इस नज़्म की खातिर ही मिलने आओ,
एक पुरानी कविता न जाने कब से अधूरी हैं|

<O><O><O><O><O><O><O><O><O><O><O><O><O><O>
 
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on: Jun 18, 2012
ratings: 13

language: hi


1 ldki thi or uska boyfrnd tha.
Wo apne by f se bahut pyar karti thi.1
din usne
apne by f se kaha tum mere bina 1 din
bita ke dikhao,by fne ye challange except kiya
usne apni
girlfrnd k bina pura 1 din bitaya.wo jeet
gaya.Dusre din khushi se wo g.f se
milne gya to
wo mar chuki thi q ki usecancer tha or uske pas
1 hi din tha,Usne by f K Liye 1Letter diya
tha.Usne leter me likha tha
"i know u will do it.kya tum mere liye ye
roz
karoge?";-
 
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on: May 3, 2013
ratings: 12

language: hi

Uske bin chup chup rehna achha lagta hai,

Khamoshi se ek dard ko sehna achha lagta hai.

Jis hasti ki yaad mein aansu baraste hai,

Samne uske kuch na kehna achha lagta hai.

Milkar usse bichad na jaye darte rehte hai,

isliye bas dur hi rehna achha lagta hai.
 
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on: Aug 28, 2014
ratings: 12

language: hi


जय गणेश नमः

जो करते है मगल और जो हारते है विघन सारे..
जो देते है सुख सम्रधि और हारते है दुख सारे
जिनके नाम से ही शुरू होते पूजा पाठ सारे..
जिनकी कृपा से पूरे होते काज सबके
वो ही तो है पार्वती पुत्र गणेश हमारे

जनम भी लिया गणेश ने एक अजब कथा जुड़ी है इससे
जब माँ पार्वती थी अकेली, शिव जी से थी दूरी..
बनाई मूरत माटी की , और डाल दी जान..
अब वो बालक ही करता था माँ की सेवा और पूरी हर आज्ञा
शिव जी इस सब ना था कोई ज्ञान
एक बार गयी थी माँ स्नान को, कह गयी बालक से ना आने देना

किसी को भी चाहे कोई भी क्यू ना हो...
बालक भी मुस्काया और प्रण लिया ना आने देगा किसी को
शिव जी आए तो बालक ने रूका और बोला माता का आदेश
निभा रहा हू, बाद में आए अभी गयी माता स्नान को
क्रोधित हुए शिव जी,धड़ को किया मस्तक से अलग एक पल में
चीख सुन माँ जब आई बाहर और गिर पड़ी धरती पर..

थे आँखो में आँसू और मन में सवाल
क्यू किया शिव आपने ये अत्याचार. बोली लेके आओ मेरे
पुत्र को, करो इससे जीवित इसी शरण में..
तभी शिव जी ले आए धड़ हाथी के बच्चे का
जय श्री गणेश जी....
बोलो गणेश जी की जय...


 
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by: hu cho
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on: Nov 7, 2008
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language: hi

Har kisi ladki ke khwab jaisa hi raha mera bhi khwab. Ek rajkumar jo ghode pe sawar aayega. Aur mujhe is duniya se kahin dur lejata. Kahin dur jahan na gham ho na kuchh aur bas pyar aur khushiyan hon.
Har raat sapne mein dekhti rehti usko. Har din ki duri puri karte karte 26 saal hogaye aur maine usay dekha.. Mera Rajkumar, jiski aankhon mein mere liye itna pyar nazar aaya mujhe ke maine usko apne daaman mein chhupaliya ke kahin kisi ki nazar na lagjati meri khushiyon ko ya kahin koi na chheenlejaye usko mujhse..
Main chhupte chhupate legayi usko apne chhote se ghar mein. Hum dono wahin rehne lagay. Har din ab toh khushiyon se bhari hone laggayi meri.
Ab toh maine sajna bhi shuru kardiya. Laal joda, maathe pe bindi, kangan, payal, kya nahi.
Lekin shayad ek baat ki kami rehgayi thi ab bhi. Mere Rajkumar ne usko bhi pura kardiya. Apne kalam ke laal siyahi se meri maang bhi sajadi. Itni khubsurat toh main kabhi na thi. Yeh dekho mera toh aaina bhi sharma gaya..
Har din isi tarah subah ka suraj meri hasi dekh dekh ugta aur rukhsati bhi meri hasi dekh hoti rahi uski.
Ek din achanak, subah jaagi toh suraj ki roshni kam si lagne lagi mujhe. Ek khaunf ek darr sa mann mein uthne laga. Darr yeh ke kahin mujhse mera Rajkumar toh nahi chhinjayega. Meri khushiyon ka yeh ghar toh nahi bikharjayega.
Main Rajkumar ki aankhon mein dekhti ke kahin woh pyar ki roshni kamm toh nahi nazar aarahi. Kuchh samajhh nahi aata. Unke seene se lagkar rone laggayi. Mujhe kahin chhod toh na jaaoge. Kahin yahan is andhere mein. In anjaan logon ke beech. Akele.

Rajkumar muskuraya aur kehne laga. Dekho main yahin hun tumhare paas. Yahan se kahin jaana nahi hai mujhe bhi. Acha lagta hai tumhara saath. Chalo aankhen bandh kardo. Suraj puri tarah abhi uga nahi aur tum jaaggayi isiliye roshni kamm lagrahi hain tumko. Sojao.
Kaise sojaun, neendh nahi aarahi mujhe ab toh. Yeh khaunf kahin meri jaan na lejaye.

Woh kavitayen sunane laga, aansun mere ponchte ponchte, baalon ko mere apne haathon se sehlate aur kehte soja ri gudiya..

Pata na chala kab aankhen bandh hogayi meri. Itna sukun bhi toh kahin nahi mila tha ab tak mujhko.
Achanak se suraj ki tez roshni chehre par padhhi aur main chhaunkkar jaag uthi. Aankhen khol dekha kahin meri khushiyan mujhse chhin toh nahi gayi ke kahin mera ghar toh nahi ujadgaya. Dekha idhar udhar har jagah, Rajkumar kahin nahi nazar aaraha.
Pagalon ki tarah har jagah dhoondhti rahi.
Dhoondhte dhoondhte main apne kamre ke us aaine ke saamne pahunchi toh dekha, na hi laal joda raha, na hi kangan, na payal, na kuchh..
Par yeh kya, maang mein toh sindoor ab bhi hai baaki. Phirse dekha, haan laal siyahi Rajkumar ke kalam ki, meri maang mein ab bhi saji thi.
Sapna hi toh tha sochkar pochne lagi, nahi mitraha tha. Pani se bhi dhone ki koshish bekar rahi. Nahi mitraha.
Rajkumar toh mehlon mein rehte hain aise chhote ghar toh unhe kabul na honge toh agar yeh mera khwab tha toh maang meri kyun saji hui hai ab tak.
Jawab nahi milta mujhe.
kya kya badbadaye ponchti rahi. wakht kaise guzra pata nahi. Ab din kitne beetgaye kitne hi pal guzargaye. Na aankhon mein neendh na chain bas yeh maang ab bhi bhari hui hai.

Bas yeh sawal chalraha hai ab mann mein..

Kya inhe ponchne ki koshish jaari rakhun..

ya fir,

In aankhon ko zara si neendh dekar phirse khwab dekhun us Rajkumar ke , ke kahin woh phirse mera ghar basane mere khwabon mein aajaye.. kahin phirse mujhe meri khushiyan miljayen..
...............
 
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on: Aug 24, 2011
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tags: tum gayi ,
language: hi

Tum chaligayi to jayse rosani chaligayi ,,
Zinda hote huye bhi jayse zindagi chaligayi ,,
Main udas hoo yaha ,aur gumjada ho tum waha ,,
Gumo ki talkhiyo me jayse har khusi chaligayi ,,
Mahfil bhi hai janwa aur JAM bhi chalke hai ,,
Pyaas ab rahi nahi ,jayse tisnagee chaligayi ,,
Dusman-e-isk bhi khus hai mujhko dekh kar ,,
Wo samjhte hai mujhme ab DEEWANGI chaligayi ,,
Tum jo thee mere kareb to kya na tha yaha ,,
Isk ki galiyo se ab jayse AWARGI chaligayi ,,?
 
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on: Feb 5, 2012
ratings: 11

language: hi

Beautiful sentence by OSHO||

"TUM SONE SE PAHALE SAB KO MAAF KAR DIYA KARO

TUMHAARE JAAGNE SE PAHALE ISHWAR TUMHE MAAF KAR DEGA..
 
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on: Nov 10, 2011
ratings: 11

tags: Arun
language: hi

Apno ki inayat kabhi khatam nahi hoti,
Rishton ki mehak dooriyon se kam nahi hoti,
Jeewan me agar saath sachhe dost ka ho to,
Zindagi kisi jannat se bhi kam nahi hoti...
 
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on: Feb 26, 2011
ratings: 11

tags: 4 u
language: hi

अक्सर देखा है बचपन में तुझे
छिप-छिपा कर पौंछते हुए
अपनी आँख के आँसू;
मुँह फेर कर,
कभी अपनी चुन्नी से
और कभी अंगुली के किनारे से ।

बहुत तकलीफ़देह रहता था
तुझे यूँ देखना,
तू हंसती हुई ही हमेशा
ख़ूबसूरत लगती थी माँ;
मगर न जाने किन उम्मीदों और सपनों को
बनते या टूटते हुए देखकर,
जज़्बाती हो उठती थी तू
और छलक जाती थी आँखें तेरी,
सच, बहुत कुछ टूटता-बिखरता था तब मेरे अंदर।

अभी सुना है,
साइंसदानों ने इक खोज की है,
’ख़ला में रो नहीं सकता है कोई
क्यूंकि गिर नहीं सकते आँसू ख़ला में’
तो दिल में,
इक ख़्वाहिश पैदा हो गई है -
’जब भी छलकने को हों तेरी आँखें
ख़ला हो जाए हर ओर जहां में।’
 
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on: Feb 27, 2011
ratings: 11

tags: 4 u
language: hi

मेरी मासूमियत को तुम, ख़ता समझ बैठे हो
मासूम हम तब भी थे, मासूम हम अब भी हैं

आप हमसे रूठा न करें, बस यही इल्तिजा है
फ़रियादी हम तब भी थे, फ़रियादी हम अब भी हैं

तुम हो किस हाल में, कम से कम ये तो बता दो
बेखब़र हम तब भी थे, बेखब़र हम अब भी हैं

कहने को तो हम, खुश अब भी हैं
हम तुम्हारे तब भी थे, हम तुम्हारे अब भी हैं

रूठने-मनाने के इस खेल में, हार गए हैं हम
हम तो रूठे तब ही थे, आप तो रूठे अब भी हैं

♥_♥RAJ♥_♥ ...I M..राज Raj... ... राजस्थानी ....Rajasthani...
 
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