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on: Dec 12, 2018
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language: hi

सुनो… यूँ “चुप” से न रहा करो !!!!

यूँ “खामोश” से जो हो जाते हो,
तो दिल को “वहम” सा हो जाता है !!

कहीं “खफा” तो नही हो..??
कहीं “उदास” तो नही हो…?? !!

तुम “बोलते” अच्छे लगते हो,
तुम “लड़ते” अच्छे लगते हो, !!

कभी “शरारत” से, कभी “गुस्से” से,
तुम “हँसते” अच्छे लगते हो, !!

सुनो… यूँ “चुप” से ना रहा करो !!!!

 
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on: Dec 12, 2018
ratings: 5

tags: Friends
language: hi

माली चाहे कितना भी चौकन्ना हो
फूल और तितली में रिश्ता हो ही जाता है
कोई वादा नहीं फिर भी प्यार है,
जुदाई के बावजूद भी तुझपे अधिकार है,
तेरे चेहरे की उदासी दे रही है गवाही,
मुझसे मिलने को तू भी बेक़रार है..
मेरी आँखों से छलकती है।
उसकी मोहब्बत की आयतें ।।
अब अगर जमाने को उर्दू नहीं आती..
इसमें कुसूर हमारी मोहब्बत का नहीं।।..
इन आंखो मे आंसू आये न होते,
अगर वो पीछे मुडकर मुस्कुराये न होते,
उनके जाने के बाद बस यही गम रहेगा,
कि काश वो हमारी ज़िन्दगी मे आये न होते..
 
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on: Dec 9, 2018
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tags: friendas
language: hi

मुझ पर अपनों का प्यार, बस यूँ उधार ही रहने दो,
बड़ा खुशनुमा है ये कर्ज़, मुझे कर्ज़दार ही रहने दो।
यूं तो अकसर कई मिलते हैं राह ए सफर में,
पर तुम मिले तो ऐसा लगा जैसे हमकदम मिल गया।
मोहब्बत वक़्त के बे रहम तूफानों से नहीं डरती,
उसे कहना बिछड़ने से मोहब्बत तो नहीं मरती।
इक समंदर सा नशा है तेरी. मोहब्बत का
उभरता हूँ उभर के फिर से डूब जाता हूँ।
इश्क़, मोहब्बत, प्यार, इबादत सब कहने की बाते है,
चाहिए अगर सुकून ज़िन्दगी में, तो इनसे दूरी रखिये।
खव्वाहिश तो न थी किसी से दिल लगाने की पर,
किस्मत में दर्द लिखा है मोहब्बत कैसे न होती।

 
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on: Dec 7, 2018
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tags: friends
language: hi

तू अपनी खूबियां ढूंढ,
कमियां निकालने के लिए
*लोग हैं|*

अगर रखना ही है कदम तो आगे रख,
पीछे खींचने के लिए
*लोग हैं|*

सपने देखने ही है तो ऊंचे देख,
निचा दिखाने के लिए
*लोग हैं|*

अपने अंदर जुनून की चिंगारी भड़का,
जलने के लिए
*लोग हैं|*

अगर बनानी है तो यादें बना,
बातें बनाने के लिए
*लोग हैं|*

प्यार करना है तो खुद से कर,
दुश्मनी करने के लिए
*लोग है|*

रहना है तो बच्चा बनकर रह,
समझदार बनाने के लिए
*लोग है|*

भरोसा रखना है तो खुद पर रख,
शक करने के लिए
*लोग हैं|*

तू बस सवार ले खुद को,
आईना दिखाने के लिए
*लोग हैं|*

खुद की अलग पहचान बना,
भीड़ में चलने के लिए
*लोग है|*

तू कुछ करके दिखा दुनिया को,
तालियां बजाने के लिए
*लोग हैं|..*
 
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on: Dec 5, 2018
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language: hi

आप एक पुरुष हैं इस बात पर हमेशा गर्व कीजिये क्यूंकि .....
** हमारा सरनेम / टाइटल आजीवन हमारे साथ रहता हैं !
** सिर्फ २ मिनट फोन पर बात कर हम सभी मुद्दे व आवश्यक बाते कर लेते हैं!
** तीन दिन की छुट्टियों के लिए हमारे लिए एक ही जीन्स काफी है !
** अगर किसी उत्सव में कोई हमें बुलाना भूल जाता हैं तो भी वो हमारा दोस्त ही रहता है शत्रु नहीं बनता !
** एक ही हेयर-स्टाइल हम महीनो कभी कभी सालो तक चलाते हैं !
** 25 लोगों के लिए हम सिर्फ 25 मिनट में शौपिंग करने का जज्बा रखते हैं !
** अगर किसी पार्टी में हमें कोई बंदा मिले जो बिलकुल हमारी ही तरह
शर्ट पहना हुआ हो तो हम उससे जलते नहीं अपितु वो हमारा एक अच्छा दोस्त बन जाता है !
***ये उन महिलाओं को अवश्य पढाये जिनमे ये गुण नहीं एवं पुरुषो में
कमियाँ निकालती हैं ! किसी महिला मित्र की भावनाए आहत हुई
तो मैं जिम्मेदार नहीं , अपनी भावनाए अपने पास रखेद !!....
 
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on: Dec 5, 2018
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tags: ..
language: hi

कोशिश कर, हल निकलेगा।

आज नही तो, कल निकलेगा।

अर्जुन के तीर सा सध,

मरूस्थल से भी जल निकलेगा।।

मेहनत कर, पौधो को पानी दे,

बंजर जमीन से भी फल निकलेगा।

ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे,

फौलाद का भी बल निकलेगा।

जिन्दा रख, दिल में उम्मीदों को,

गरल के समन्दर से भी गंगाजल निकलेगा।

कोशिशें जारी रख कुछ कर गुजरने की,

जो है आज थमा थमा सा है, चल निकलेगा।।
 
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on: Dec 4, 2018
ratings: 8

tags: friends
language: hi

ऐ जिंदगी मुझे मेरी हैसियत का पता है.
तु बेवजह मुझे सताया न कर.
में भी इँसान हु पत्थर नही..
हर बार मुझे रुलाया न कर.
जान माँग ले बस एक बार वो भी दे देगे..
लेकिन बार-बार मुझे तु आजमाया न कर.
दो हिस्सो में बंट गये मेरे तमाम अरमान..
कुछ तुझे पाने निकले, कुछ मुझे समझाने निकले।
जिनके दिल अच्छे होते है...
उनकी किस्मत खराब होती है.
कुछ लोग खोने को प्यार कहते हैं,
तो कुछ पाने को प्यार कहते हैं,
पर हकीक़त तो ये है,
हम तो बस निभाने को प्यार कहते हैँ.
 
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on: Dec 4, 2018
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tags: friends
language: hi

मन की लिखुँ तो शब्द रुठ जाते है......
और सच लिखुँ तो अपने रुठ जाते है.....
दो शब्द तेरे होंठों से.. दो तेरी निग़ाहों से...*
और इतने में ही लिख दी किताब ऐ इश्क.....!!
रग-रग में इस तरह से समा कर चले गये,
जैसे मुझ ही को मुझसे चुराकर चले गये,
आये थे मेरे दिल की प्यास बुझाने के वास्ते,
इक आग सी वो और लगा कर चले गये..
नजरों को तेरे प्यार से इंकार नहीं है,
अब मुझे किसी और का इंतज़ार नहीं है,
खामोश अगर हूँ मैं तो ये वजूद है मेरा,
तुम ये न समझना कि तुमसे प्यार नहीं है..
 
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on: Dec 3, 2018
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tags: Poem
language: hi

आखरी साँस है कब , क्या पता है जिंदगी मेरी
लफ्ज से गुजरा हुं ,हकीकत बयाँ जिंदगी मेरी

चाहत की रंगीनियों से सराबेर हुं मैं यकीनन ही
पायी है महोबत दोस्ताना , प्यार भरी जिंदगी मेरी

उसुल परस्ती मैं जीना ,अंजाम ए महोबत दुनिया
बेउसुल आशियाँ ए महोबत , ईबादत जिंदगी मेरी

बेहद चाहा है ,मिशाल क्या दु जहाँ की मैं याराना
चाँद का हुश्न नजरों में , नजर ए नूर जिंदगी मेरी

मेरा हक़ नही ,फर्ज है , सराहना लफज में हयात
मेरी दुआ आपके लीए , फितरत यह जिंदगी मेरी
 
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on: Dec 2, 2018
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tags: Friends
language: hi

देखते क्यों नहीं हो मेरी तरफ़,
गिरते गिरते सम्भल रहे हो क्या?

दे रहे हो जो यूं मुबारकबाद,
मेरी शोहरत से जल रहे हो क्या?

वक़्त क्यों बार बार पूछते हो,
अच्छा! तुम भी बदल रहे हो क्या?

होंठ क्यों रख दिए हैं पलकों पर,
मेरे दिल से निकल रहे हो क्या?

मैं तो अमृत पिला चुका हूं तुम्हें,
अब भी तुम ज़हर उगल रहे हो क्या?

यूं जो चुपके से वार करते हो
आस्तीनों में तुम पल रहे क्या?

याद क्या अब भी आ रहा हूं मैं,
अब तुम हाथ मल रहे हो क्या?
 
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on: Dec 1, 2018
ratings: 9

tags: friends
language: hi

तख़्त-ओ-ताज पर थे कभी
आज खाकसार हो गए
हमने उनपर खुद को खर्च किया इस तरह
हम खुदपर ही उधार हो गए

मोहब्बत की आज यूँ बेबसी देखी,
उसने तस्वीर तो जलाई मगर राख नहीं फेंकी।
हमारे लफ्जों को थोड़ा धयान से पढ़ा करो,
हम ने सच में अपनी ज़िन्दगी बरबाद की है।

रात भर इन बन्द आँखों से भी क्या क्या देखना,
देखना एक ख़्वाब और वह भी अधूरा देखना,
कुछ दिनों से एक अजब मामूल इन आँखों,
कुछ आये या न आये फिर भी रस्ता देखना।
ढूंढ़ना गुलशन के फूलों में उसी की शक्ल को,
चाँद के आईने में उसका ही चेहरा देखना,
 
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on: Nov 23, 2018
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tags: friends
language: hi

कुछ उलझे सवालो से डरता हे दिल,
जाने क्यों तन्हाई में बिखरता हे दिल,
किसी को पाने कि अब कोई चाहत न रही,
बस कुछ अपनों को खोने से डरता हे ये दिल।
वो दिल नहीं रहा वो तबीयत नहीं रही,
वो शब-ऐ-आरज़ू रोने की आदत नहीं रही,
महसूस कर रहा हूँ मैं जीने की तल्ख़ियाँ,
ऐ-चाँद मुझे तुझसे अब मोहब्बत नहीं रही...
सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर,
खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो.
 
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on: Nov 23, 2018
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tags: friends
language: hi

दोस्ती हर चहरे की मीठी मुस्कान होती है,
दोस्ती ही सुख दुख की पहचान होती है,
रूठ भी गऐ हम तो दिल पर मत लेना,
क्योकि दोस्ती जरा सी नादान होती है
दोस्ती का शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करू,
आप भूल भी जाओ तो मे हर पल याद करू,
खुदा ने बस इतना सिखाया हे मुझे..
कि खुद से पहले आपके लिए दुआ करू
 
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on: Nov 19, 2018
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tags: ..
language: hi

प्यार कभी इकतरफ़ा होता है; न होगा
दो रूहों के मिलन की जुड़वां पैदाईश है ये
प्यार अकेला नहीं जी सकता
जीता है तो दो लोगों में
मरता है तो दो मरते हैं

प्यार इक बहता दरिया है
झील नहीं कि जिसको किनारे बाँध के बैठे रहते हैं
सागर भी नहीं कि जिसका किनारा नहीं होता
बस दरिया है और बह जाता है.

दरिया जैसे चढ़ जाता है ढल जाता है
चढ़ना ढलना प्यार में वो सब होता है
पानी की आदत है उपर से नीचे की जानिब बहना
नीचे से फिर भाग के सूरत उपर उठना
बादल बन आकाश में बहना
कांपने लगता है जब तेज़ हवाएँ छेड़े
बूँद-बूँद बरस जाता है.

प्यार एक ज़िस्म के साज़ पर बजती गूँज नहीं है
न मन्दिर की आरती है न पूजा है
प्यार नफा है न लालच है
न कोई लाभ न हानि कोई
प्यार हेलान हैं न एहसान है.

न कोई जंग की जीत है ये
न ये हुनर है न ये इनाम है
न रिवाज कोई न रीत है ये
ये रहम नहीं ये दान नहीं
न बीज नहीं कोई जो बेच सकें.

खुशबू है मगर ये खुशबू की पहचान नहीं
दर्द, दिलासे, शक़, विश्वास, जुनूं,
और होशो हवास के इक अहसास के कोख से पैदा हुआ
इक रिश्ता है ये
यह सम्बन्ध है दुनियारों का,
दुरमाओं का, पहचानों का
पैदा होता है, बढ़ता है ये, बूढा होता नहीं
मिटटी में पले इक दर्द की ठंढी धूप तले
जड़ और तल की एक फसल
कटती है मगर ये फटती नहीं.

मट्टी और पानी और हवा कुछ रौशनी
और तारीकी को छोड़
जब बीज की आँख में झांकते हैं
तब पौधा गर्दन ऊँची करके
मुंह नाक नज़र दिखलाता है.

पौधे के पत्ते-पत्ते पर
कुछ प्रश्न भी है कुछ उत्तर भी
किस मिट्टी की कोख़ से हो तुम
किस मौसम ने पाला पोसा
औ' सूरज का छिड़काव किया.

किस सिम्त गयी साखें उसकी
कुछ पत्तों के चेहरे उपर हैं
आकाश के ज़ानिब तकते हैं
कुछ लटके हुए ग़मगीन मगर
शाखों के रगों से बहते हुए
पानी से जुड़े मट्टी के तले
एक बीज से आकर पूछते हैं.

हम तुम तो नहीं
पर पूछना है तुम हमसे हो या हम तुमसे
प्यार अगर वो बीज है तो
इक प्रश्न भी है इक उत्तर भी.
 
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on: Nov 18, 2018
ratings: 6

language: hi

कैसे कहूं कि दिल में तुम हो
कैसे कहूं हर पल में तुम हो
रोज रात को स्वप्न में तुम हो
कैसे कहूं हर रत्न में तुम हो
रात की जगमग थाल में तुम हो
सुर में तुम हो ताल में तुम हो
कैसे कहूं कि दिल में तुम हो..
 
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on: Nov 18, 2018
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language: hi

सोचती हूँ हम दोनों के बीच
जो था वो था भी कि नहीं ,
ये कैसा खालीपन है
इस पार से उस पार तक ,
सूखी पहाड़ी नदी पर पसरे रेत सा
सफ़ेद, सफ़ेद और सफ़ेद !!

यूँ तो खालीपन पहले भी था
पर कुछ चीज़ों से भरा-भरा ,
कुछ चुहल भरी बातें
कुछ मिस्री घुली यादें ,
उनींदी आँखों के कुछ रंग भरे सपने
दो दिलों में पलने वाले प्यार की खुराक ,

हम सोचते थे खालीपन ज़रूरी है प्यार के विस्तार के लिए
भर देंगे इस खालीपन कोलबालब अपने प्रेम से ,
और फिर दो किनारे मिल जायेंगे
इस पुल के सहारे-सहारे ,
पर सोचा हुआ होता है क्या कभी?
अब बस खालीपन है और कुछ भी नहीं
उस पार किसी के होने की आस तक नहीं !!

कभी लगता है सब भ्रम था
या कि एक रात का सुन्दर लंबा सपना ,
पर नहीं, भ्रम नहीं, था ये शाश्वत सत्य
एक किनारे वाली इस रेत की नदी में
डूब-डूब जाता है मन, ढूँढने को पुरानी बातें !!

सुकून है अब बस
किसी से मिलने की बेचैनी नहीं
बिछड़ने का डर भी नहीं
कभी-कभी किसी रिश्ते का टूटना
कितनी राहत दे जाता है
क्योंकि प्यार तब भी रहता है !

रिश्ते टूटते हैं
प्यार नहीं टूटा करता. !!

 
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on: Nov 17, 2018
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language: hi

मौसम ने करवट ली,
और तुम्हें मेरी बाहों में लाई,
आज तुम्हारी याद आई।
तुम्हारी गर्मी से मझको राहत की सांस आई,
मेरी जान में जान आई,
आज तुम्हारी याद आई।
तुम्ही मेरी सर्दी का सहारा बनकर मेरे सामने आई,
ओ मेरी *रजाई* आज तेरी याद आई।।
 
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on: Nov 13, 2018
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tags: ..
language: hi

किताबें झांकती हैं बंद अलमारी के शीशों से
बड़ी हसरत से तकती हैं
महीनों अब मुलाकातें नहीं होती
जो शामें इनकी सोहबतों में कटा करती थीं,
अब अक्सर
गुज़र जाती हैं 'कम्प्यूटर' के पर्दों पर
बड़ी बेचैन रहती हैं किताबें..
इन्हें अब नींद में चलने की आदत हो गई हैं,
बड़ी हसरत से तकती हैं,

जो क़दरें वो सुनाती थीं।
कि जिनके 'सैल'कभी मरते नहीं थे
वो क़दरें अब नज़र आती नहीं घर में
जो रिश्ते वो सुनती थीं
वह सारे उधरे-उधरे हैं
कोई सफ़्हा पलटता हूँ तो इक सिसकी निकलती है
कई लफ्ज़ों के माने गिर पड़ते हैं
बिना पत्तों के सूखे टुंडे लगते हैं वो सब अल्फाज़
जिन पर अब कोई माने नहीं उगते
बहुत सी इसतलाहें हैं
जो मिट्टी के सिकूरों की तरह बिखरी पड़ी हैं
गिलासों ने उन्हें मतरूक कर डाला

ज़ुबान पर ज़ायका आता था जो सफ़हे पलटने का
अब ऊँगली 'क्लिक'करने से अब
झपकी गुज़रती है
बहुत कुछ तह-ब-तह खुलता चला जाता है परदे पर
किताबों से जो ज़ाती राब्ता था,कट गया है
कभी सीने पे रख के लेट जाते थे
कभी गोदी में लेते थे,
कभी घुटनों को अपने रिहल की सुरत बना कर
नीम सज़दे में पढ़ा करते थे,छूते थे जबीं से
वो सारा इल्म तो मिलता रहेगा बाद में भी
मगर वो जो किताबों में मिला करते थे सूखे फूल
और महके हुए रुक्के
किताबें मांगने,गिरने,उठाने के बहाने रिश्ते बनते थे
उनका क्या होगा?
वो शायद अब नहीं होंगे!
 
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on: Nov 9, 2018
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language: hi

एक 15 साल का लड़का अपने पिता के साथ ट्रेन में सफ़र कर रहा था. लड़का खिड़की के पास बैठा हुआ था और खिड़की के बाहर देखकर जोर-जोर से अपने पापा से कह रहा था की……“पापा, वो देखिये पेड़ तेज़ी से पीछे जा रहे है!”ये सुनकर उसके पिताजी मुस्कुराने लगे और पास में बैठा एक युगल (पति-पत्नी) उस 15 साल के लड़के द्वारा किये जा रहे बच्चे जैसे व्यवहार को गुस्से से देख ही रहे थे, की तभी अचानक वह लड़का फिर से चिल्लाया…

“पिताजी, देखिये बादल भी हमारे साथ ही जा रहे है!”

इस बार उस युगल से रहा नही गया उसने इसका विरोध करते हुए उस बुजुर्ग व्यक्ति (लड़के के पिता) से कहा की….

“तुम अपने बेटे को किसी अच्छे डॉक्टर को क्यू नहीं दिखाते?”

तभी वह बुरुर्ग व्यक्ति (लड़के का पिता) मुस्कुराया और उसने कहा की….

“मैंने ऐसा ही किया, बल्कि अभी हम अस्पताल से ही आ रहे है, मेरा बेटा बचपन से ही अँधा था, और उसे आज ही उसकी आखे मिली, आज पहली बार मेरा बेटा इस दुनिया को देख पा रहा है.”
 
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on: Nov 8, 2018
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tags: friends
language: hi

पर्व है पुरुषार्थ का,
दीप के दिव्यार्थ का,

देहरी पर दीप एक जलता रहे,
अंधकार से युद्ध यह चलता रहे,

हारेगी हर बार अंधियारे की घोर-कालिमा,
जीतेगी जगमग उजियारे की स्वर्ण-लालिमा,

दीप ही ज्योति का प्रथम तीर्थ है,
कायम रहे इसका अर्थ, वरना व्यर्थ है,

आशीषों की मधुर छांव इसे दे दीजिए,
प्रार्थना-शुभकामना हमारी ले लीजिए!!

झिलमिल रोशनी में निवेदित अविरल शुभकामना..

आस्था के आलोक में आदरयुक्त मंगल भावना!!!

दीपावली की अनन्त बधाइयाँ ..
 
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