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on: Jul 16, 2018
ratings: 3

tags: Poem
language: hi

एक नई शहर , एक नया मकाम देदे
ओ महोबत जीने का, बहाना एक देदे

तुट जाये भेद भरम की , सारी दिवारे
साँस विश्वास दिल में गज़ब का भर दे

मिले रंगे नूर, आयना ए दिल हर अंदाज़
जिंदगी जीने का , ऐसा कोई पैगाम देदे

हसरतों का खुले द्वार , हसीन चहेरों पर
मुस्काराते फूलों जैसा, एक चहेरा देदे

धुल जाये सारे , रंज़ ओ गम़ के साये भी
रोशन दिल हो, सुनहरी नई एक शहर देदे
 
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on: Jul 13, 2018
ratings: 4

tags: friends
language: hi

लिखते है सदा उन्हीं के लिए...
जिन्होंने हमें कभी पढ़ा ही नहीं..
मुझ पर सितम ढहा गए मेरी ही ग़ज़ल के शेर,
पढ़-पढ़ के खो रहे हैं वो गैर के ख्याल में।
आज उस ने एक दर्द दिया तो मुझे याद आया,
हमने ही दुआओं में उसके सारे दर्द माँगे थे।
कुछ लोग खोने को प्यार कहते हैं,
तो कुछ पाने को प्यार कहते हैं,
पर हकीक़त तो ये है,
हम तो बस निभाने को प्यार कहते हैं…
 
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on: Jul 9, 2018
ratings: 6

tags: friends
language: hi

सिमट कर तेरी बांह में जरा सा खोना ही तो था
लगा लेती गले से मुझे जरा सा रोना ही तो था ।।

सो न पाया सारी रात जागता रहा अक्सर
घुमा देती सर पर हाथ रख कर जरा सा सोना ही तो था। ।।।

ख्वाबों की हसीन दुनिया में हम भी भ्रमण कर लेते!!
इक दूसरे में घुल कर अपना पराया जानना ही तो था ।।

नशीली आखें , बिखरे बाल ,स्वछन्द विचार हाँ यही था परिचय तुम्हारा!!
हमें बुनना प्यार का ताना -बाना ही तो था। ।

इक अजब सी कशिश है तुम्हारी रेशमी बालों में। ।
न चाहते हुए भी, मुझे उनमे रास्ता भूल जाना ही तो था। ।

देखना , चाहना , माँगना , रूठना,,या खो देना, हिस्सा है प्रेम का ।
लेकिन तुम्हे तो बस बेवफा कहलाना ही तो था। ।

इतना तनहा कर दिया , कि खुद से ही नफरत करने लगा हूँ मैं। ।
इक कदम मुझे, इक कदम तुम्हे बढ़ाना ही तो था। ।
 
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on: Jul 9, 2018
ratings: 10

tags: Friends
language: hi

दिल लहूलुहान हुआ इश्क़ की चाह में,
फूल और काँटे हैं जिंदगी की राह में।

अज़ीब उलझन है जिंदगी के सफ़र में,
ग़ुलाब यहाँ खिलते हैं काँटों की पनाह में।

इतना ज़ुल्म न कर ओ चाँद आसमाँ पर,
फूल को काँटे कह बैठें इंतजारी की डाह में।

सागर क्या चीज है गहराई मेरे दिल की देख,
वह सरमा के पानी हुए डूबकर अथाह में।

काँटों को फूलों से मिलने की इजाज़त नहीं,
फिर भी वे बदनाम है फूलों की परवाह में।"
 
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on: Jul 8, 2018
ratings: 8

tags: Poem
language: hi

,फरेब है , जीस्मी साये से जुड जाना
पंच तत्व ,मीट्टी ,आब पवन जुड जाना

जजबात की बात ,उफान पर आ जाये
हाल ए दिल रुहाना , खुबसुरत हो जाना

गुल ए नूर ,खील जाना ,भाव में भरकर
भीगा भीगा शबनमी , हाल हो जाना

कभी रुस्वाई ,कभी गीला सीकवा भी
मनाही के दौर से , अजीब गुजर जाना

कुचे के कब्र तक ,सफर है यह जिंदगी
महोबत में दिल ए यार ,फना हो जाना

फरेब है हाल ए जीस्म ,बहलाहट जिंदगी
अबदल रुह में बस , नूराना हो जाना
 
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on: Jul 4, 2018
ratings: 6

tags: Friends
language: hi

बीतता वक़्त है, लेकिन !*
*ख़र्च, हम हो जाते हैं..!!*

कैसे *"नादान"* हैं हम.....

*दुःख आता है तो,*
*"अटक" जाते हैं।*
*औऱ*
*सुख आता है तो,*
*"भटक" जाते हैं।*

लोग मुझसे पूछते है,*

*दर्द की कीमत क्या है ?*

*मै बोला मुझे पता नही,*
*लोग मुझे मुफ्त मे दे जाते है !*
 
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on: Jul 3, 2018
ratings: 5

language: hi

Kabhi yun bhi tou ho,
Dariyaa ka sahil ho,
Poore chaand ki raat ho
Aur tum aao !!!!

Kabhi yun bhi tou ho,
Pariyon ki mehfil ho,
Koi tumhari baat ho
Aur tum aao !!!!

Yeh narm o mulaayam thandi hawayen,
Jab ghar se tumhare guzren,
Tumhari khushbuu churaaye,
Mere ghar le aayen !!!!

Kabhi yun bhi tou ho,
Sooni har manzil ho,
Koi na mere sath ho,
Aur tum aao !!!!

Yeh baadal toot ke barse,
Mere dil ki tarah milne ko,
Tumhara dil bhi tarse,
Tum niklo ghar se !!!!

Kabhi yun bhi tou ho,
Tanhai ho, dil ho,
Boondain hon, barsatain hon,
Aur tum aao !!!!

Kabhi yun bhi tou ho,
Kabhi yun bhi tou hoo !!!!.

 
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on: Jun 28, 2018
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tags: Poem
language: hi

जीयें हम बेउसुल है, नज़र ए हाल दुनिया
अपनी हस्ती है मिटाना ,नज़र ए हाल दुनिया

वफा बहुत की है ,जफाभी बहुत की है हमने
बेदाग गुज़रा जमाना, नज़र ए हाल दुनिया

छुकर दिल की तमन्ना, नीकले हुश्न वाले यहॉ
तकदीर का शरमाना, नज़र ए हाल दुनिया

उलफत के आयने मैं, बेसुमार हसीन हुशन है
नज़र का नूर आज़माना, नज़र ए हाल दुनिया

बेशक हम तो फकीर है, जोली फैलाये खडे है
हक्क हकीकी कारनामा, नज़र ए हाल दुनिया
 
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on: Jun 25, 2018
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tags: Chandnni
language: hi

...🔥 तू मुझे इतने प्यार से मत देख 🔥..
🔥❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️
.✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿
❤️.................... ............................. ❤️
✿..........तू मुझे इतने प्यार से मत देख........................ ✿
❤️....................................................❤️
❤️✿❤️✿❤️❤️✿❤️✿❤️❤️✿❤️✿❤️❤️✿❤️✿❤️❤️✿❤️

तू मुझे इतने प्यार से मत देख
तेरी पलकों के नर्म साये में

धूप भी चांदनी सी लगती है
और मुझे कितनी दूर जाना है

रेत है गर्म, पाँव के छाले
यूँ दमकते हैं जैसे अंगारे

प्यार की ये नज़र रहे, न रहे
कौन दश्त-ए-वफ़ा में जाता है

तेरे दिल को ख़बर रहे न रहे
तू मुझे इतने प्यार से मत देख

........................चाँदनी ' 🔥
 
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on: Jun 25, 2018
ratings: 0

tags: Chandnni
language: hi

...🔥 पहले खत मैं 🔥..
🔥❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️
.✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿❤️✿
❤️.................... ............................. ❤️
✿...........तुम ने अपने पहले खत मैं........................ ✿
❤️....................................................❤️
❤️✿❤️✿❤️❤️✿❤️✿❤️❤️✿❤️✿❤️❤️✿❤️✿❤️❤️✿❤️

तुम ने अपने पहले खत मैं
अपना पहला खवाब लिखा था

ख्वाहिश की पहली बारिश मैं
खुद को खिलता गुलाब लिखा था

लकिन तुम ने पहले खत मैं
अनजाने से खौफ मैं आ कर
यह क्यों लिखा ?

खवाब अधूरे रह जाते हैं
खवाहिश पूरी कब होती है

सारी खुशबू उड जाती है
फूल आखिर मुरझा जाते हैं
.
......🌿ℒᵒᵛᵋ💖🔥'.चाँदनी ' 🔥
 
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on: Jun 24, 2018
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tags: Poem
language: hi

तडप
====
आग को भी जलाती ,यह दिलरुबा फितरत मेरी
रेगीस्तानी लिबास में , बीरहाना फितरत मेरी

अश्कों को पी कर ,लाजवाब बहेती खून घाराएँ
बुलबुला उबलती लावा ,बीररहाना फितरत मेरी

तुटकर गीर पडेगा आसमान ,या बीजलीयाँ भी
रुहानियत खाक बनाती ,बीरहाना फितरत मेरी

झेलने की हद से परे ,बेहद में बेनकाब खुशनसीबी
सरेआम लूट लेती तपीश , बीरहाना फितरत मेरी

ओ रुसवाई आजा ,हुनर ए इश्क बनकर मनाही
दिल ए नूर तडपती रुह, बीरहाना फितरत मेरी
 
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on: Jun 23, 2018
ratings: 1

tags: Poem
language: hi

मौज ए दिल , गुजरे लफ्ज जजबात है
दिल की हमदर्द से , दिल्लगी भरी बात है

दर्द का होना लाजिमी ,जख्म की भी यही
कोइ पसंद, ना पसंदगी की खरी बात है

मिले कोइ ,मिटकर रहे फितरत ए फ़न भी
कोई हवा का झौका , सफर की बात है

बेबयाँ हुं ,बेबस कतई नही अपने हुनर से
उलफत की अदायगी ,इन्सानियत बात है

खुश रहो , मिजाज ए महोबत दुनियादारी में
हकीकत होनहार हुश्न ,ईबादत की बात है
 
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on: Jun 22, 2018
ratings: 2

language: hi

“किसकी पनाह में तुझको गुज़ारे ऐ जिंदगी,
अब तो रास्तों ने भी कह दिया है, कि घर क्यों नहीं जाते !”

“ना जाने क्या कमी है मुझमें,
ना जाने क्या खूबी है उसमें, वो मुझे याद नहीं करती,
मैं उसको भूल नहीं पाता”

“ऐ ‘ख़ुदा’ तू कभी इश्क न करना.. बेमौत मरा जायेगा !
हम तो मर के भी तेरे पास आते है पर तू कहा जायेगा”
 
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on: Jun 22, 2018
ratings: 0

language: hi

“किसकी पनाह में तुझको गुज़ारे ऐ जिंदगी,
अब तो रास्तों ने भी कह दिया है, कि घर क्यों नहीं जाते !”

“ना जाने क्या कमी है मुझमें,
ना जाने क्या खूबी है उसमें, वो मुझे याद नहीं करती,
मैं उसको भूल नहीं पाता”

“ऐ ‘ख़ुदा’ तू कभी इश्क न करना.. बेमौत मरा जायेगा !
हम तो मर के भी तेरे पास आते है पर तू कहा जायेगा”
 
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on: Jun 22, 2018
ratings: 4

tags: Sujju
language: hi

एक मिनट लगेगा
जरुर
पढ़े। ..................

रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले लड़के
की नजरें अचानक
एक बुजुर्ग दंपति पर पड़ी।
उसने देखा कि वो बुजुर्ग
पति अपनी पत्नी का हाथ
पकड़कर
उसे सहारा देते हुए चल रहा था ।
.
थोड़ी दूर जाकर वो दंपति एक
खाली जगह देखकर बैठ गए ।
कपड़ो के पहनावे से वो गरीब
ही लग रहे थे ।
.
तभी ट्रेन के आने के संकेत हुए और
वो चाय वाला अपने
काम में लग गया।
शाम में जब वो चाय
वाला वापिस स्टेशन पर
आया तो देखाकि
वो बुजुर्ग
दंपति अभी भी उसी जगह बैठे हुए है

.
वो उन्हें देखकर कुछ सोच में पड़
गया ।
देर रात तक जब चाय वाले ने उन
बुजुर्ग दंपति को उसी जगह पर
देखा तो वो उनके पास गया और
उनसे पूछने लगा: बाबा आप
सुबह से यहाँ क्या कर रहे है ?
आपको जाना कहाँ है ?
.
बुजुर्ग पति ने अपना जेब से कागज
का एक टुकड़ा निकालकर
चाय वाले को दिया और कहा:
बेटा हम दोनों में से किसी को
पढ़ना नहीं आता,इस कागज में मेरे
बड़े बेटे का पता लिखा
हुआ है ।मेरे छोटे बेटे ने
कहा था कि अगर भैया आपको लेने
ना आ पाये तो किसी को भी ये
पता बता देना, आपको सही
जगह पहुँचा देगा ।
.
चाय वाले ने उत्सुकतावश जब
वो कागज खोला तो उसके होश
उड़ गये । उसकी आँखों से एकाएक
आंसूओं की धारा बहने लगी ।
.
उस कागज में लिखा था कि.........
"कृपया इन दोनों को आपके शहर के
किसी वृध्दाश्रम में
भर्ती करा दीजिए, बहुत बहुत
मेहरबानी होगी..."
दोस्तों ! धिक्कार है ऐसी संतान
पर, इसके बजाय तो बाँझ रह
जाना अच्छा होता है !
इसको इतना शेयर करो कि कोई
हरामी औलाद यह पढ़े
तो साला जाग जाये !
यह पोस्ट मेरे दिल को छू गई है.…
आपके दिल की मैं कह नहीं सकता !

 
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on: Jun 19, 2018
ratings: 2

tags: friends
language: hi

दिल की दहलीज़ पर ताला पड़ा रहता हैं
मुसलसल उदासी से, पाला पड़ा रहता हैं।
.
इस क़दर फ़ाक़ा मिरी क़िस्मत में आया हैं
देर तलक हाथ में, निवाला पड़ा रहता हैं।
.
पहलू से अंधेरे के, क्यूँ रातरानी महकी
सोच सोच के सवेरा काला पड़ा रहता हैं।
.
लडखडा क्या गए ज़रा, नादानी में कदम
संग आते हर पैर में, छाला पड़ा रहता हैं।
 
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on: Jun 17, 2018
ratings: 5

tags: Poem
language: hi

बँध आँखों में , दिदाद ए यार तु ही सनम
खुली आँखों का सपना हसीन तु ही सनम

हरतरफ से दरतरफ ह गया मन क्युं मेरा
मेरे मन के बाहर भीतर, एक तु ही सनम

लफ्ज़ से बयाँ कहाँ ,जजबात की कस्ती में
उफान ही उफान, दरिया दिल तु ही सनम

छु कर चला जाता हसीन हुश्न दिल से मेरे
रंग ए नूर चश्मा , ईबादत मेरी तु ही सनम

हयाति मिट गई जमाने से मेरी यकीनन ही
एक तु मुज में , हयाति मेरी बस तु ही सनम
 
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on: Jun 16, 2018
ratings: 3

tags: friends
language: hi

ठहरा हुआ हूँ, इक ज़माने से मैं
हटता क्यों नहीं तेरे निशाने से मैं।
.
सातों सुर मिल के, धुन छेड़ देते हैं
तिलमिलाता हूँ इक, तराने से मैं।
.
रूठ कर टूटने का शौक़ अब ख़त्म
मान जाता हूँ बस, मनाने से मैं।
.
खुद को खो देने का, डर नहीं रहा
फायदे मे हूँ अब, तुझे गँवाने से मैं।
 
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on: Jun 16, 2018
ratings: 17

tags: Chandnni
language: hi

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✿🔥.........क्या येह खैरात फिर नहीं होगी......... 🔥
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ऐसी बरसात फिर नहीं होगी `

आज की बात फिर नहीं होगी

येह मुलाक़ात फिर नहीं होगी

ऐसे बादल तो फिर भी आएं गे

ऎसी बरसात फिर नहीं होगी

रात उन को भी यूं हुआ महसूस जैसे

येह रात फिर नहीं होगी

इक नज़र मुड़ के देखने वाले

क्या येह खैरात फिर नहीं होगी `

....🌿ℒᵒᵛᵋ💖 🔥Chandni🔥
 
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on: Jun 15, 2018
ratings: 2

tags: Poem
language: hi

तेरे मेरे दरमियाँ
===========

फकत सुकुन से कुछ लफ्ज गुजरे इत्मिनान
कुछ जजबात अपनापन, तेरे मेरे दरमियाँ

ना लेना ना देना , फकत मौज ए मिलन ही
बुलबुले का अहेसास फकत तेरे मेरे दरमियाँ

ना रुसवाई कभी ना मौज ए मिलन अपना
सपना रंगीन लफ्ज बुनना, तेरे मेरे दरमियाँ

गुजरे हाल मस्त ,फूलों की महक, नजाकत
शबनमी भीगा अहेसास , तेरे मेरे दरमियाँ

घौंसला है तिनका तिनका जजबात का यह
तितर बीतर ना हो जाय , तेरे मेरे दरमियाँ
 
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