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on: Jun 6, 2018
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tags: friends
language: hi

बहुत उम्मीद तुमसे लगा रखीं है।
महफ़िल तुम्हारे लिये ही सजा रखीं है।

शम्मा की है इश्क़ के नाम से रोशन।
शर्त हवाओं से हमने लगा रखीं है।

मेरी साँसों पर हुकूमत हुई जबसे तुम्हारी।
मेरी धड़कनों ने भी तुमसे ही वफ़ा रखीं है।

मुझे भूलने का जो तुम दावा करते हो।
मेरी यादें दिल में अब भी सजा रखीं है।

महफ़िल तुम्हारे लिये ही सजा रखीं है।
बहुत उम्मीद तुमसे लगा रखीं है............
 
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on: May 29, 2018
ratings: 6

tags: Poem
language: hi

रुक जाती है
=======

तेरे कदमों की आहट, कही कहीं रुक जाती है
खुश्बु तेरे तन मन की , मेरी तरफ आ जाती है

बडा शर्मिलापन है, खिलनेको बेताब कलियाँ
सहर सुहानी ,खुरशीद लीए फीर आ जाती है

आगोश मे लेती , मौसम ए बहार दिलरुबाना
दिल ए नूर तस्वीर ,दिल मे बस छा जाती है

हर सहर सुनहरी लेकर मौज मस्ती भर देती है
कोई अहेसास भीगा जजबात शबनमी आती है

लौट कर कहाँ जाउँगा ,साहिल को मिलकर ही
खबर मिली, मजधार कस्ती रुहानी बुलाती है

मेरा आना जाना ,सफर ए मौज हकीकी सदा
नूर ए अलम ,नूरानी यादे दिल में आ जाती है
 
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on: May 29, 2018
ratings: 3

language: hi

..............घटबन्धन.............
१.
लोगों ने पूर्ण मत न दिया इस बार
अब होगयी घटबन्धन की सरकार
कभी भी हाथ झटक सकता है कांग्रेस
क्या उम्मीद करे ऐसी सरकार से जो है बेबस ..?.....by ....शरू
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क्योंकि यहाँ गठबन्धन की सरकार की थी दरकार
और पहले भी तो कई बार बनी है ऐसी सरकार
अब करे भी तो क्या करें यही है इस देश की व्यथा
बहुत दयनीय.है इस देष की लचर व्यवस्था ॥
.....................................................................राजेश ॥//६.१२पम
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२.
अब नेता बनाये हैं सर्कार जोड़ तोड़के
मगर मन ही मन रो रहे होंगे वे भी
हम क्यों इंकेलिए जी तोड़ काम करे
इन्होने मन से वोट न दिया है हमें .....................शरू ६.१८ प म
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
यह तो राजनीति की कहानी है
वादों से मूकर्ना इनकी बानी है
ठगी जाती हर बार भोली जनता
आँखो में बस उम्मीद और पानी है
..................................................................राजेश ॥६.२५ पं
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३.
देश के लोग भी कब जागेंगे
कब तक अपनी वोट बेचते रहेंगे ..?
कब सीख लेंगे..? अपना हिम्मत
और ताकत की इस्तेमाल कब करेंगे ..?............शरू ६.२९ पं
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
जनता है इस देश की भोली भाली
अपने.वोट के ताकत से बिल्कुल अंजान
अगर ज़रा सा भी ले.अगर समझ से काम
तो पहुँचा दे नेताओं को जो भी है उनका अंजाम ॥
................................................................राजेश ॥६.३८ प म....29.5.18
 
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on: May 26, 2018
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tags: Poem
language: hi




जहाँ ना मैं ,ना तुहो, बस एक अनंत आप हो
बच ना जाये हयाति , हंगामा इश्क आप हो

दुरस्त हो जाये राहे वफा ,सुकुन बस आप हो
मिले नूर ए नजर , फरिस्ता एक बस आप हो

टुटकर बीखर जाये ,दिवारे मिजाजए महोबत
हकीकत होनहार हकीकी, एक बस आप हो

दिल ए नूर दिखाए रास्ता मंजिल ए महोबत
आशियाँ ए दिलरुबाना, हरतरफ बस आप हो

दुइ का भंडा फुट जाये ,झीलमिल एक चाँद हो
मैं मै तुतु से परे रुहाना, रुहानियत बस आप हो

 
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on: May 25, 2018
ratings: 6

tags: Poem
language: hi

बीत रहा है लम्हा लम्हा,
कट रहा रास्ता जिंदगी
इन्तजार ए अलम में है
नजरें प्यासी, प्यासी जिंदगी

बेशक ,वफा से है चलना
मंजिल ए महोबत जिंदगी
वेवफाई दिल्लगी ,समजता
रुहाना मिटना, कुरबान जिंदगी

मिला भी क्या ?बीछड जाये
दोनो से परे ,हकीकत जिंदगी
बीछड ना पाये अहेसास
महेफुस हयीति ,सब मे जिंदगी

टुटते रहे ,फीर जुडते रहे
जन्मोजनम की कहानी जिंदगी
बात है जजबात हमदर्द ही
दर्द ए अलम ,मरहमी है जिंदगी
 
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on: May 22, 2018
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tags: Poem
language: hi

बेशक बादशाहाना अंदाज है तेरा महोबत
बेफीक्र चाहत का सिलसिला तेरा महोबत

जिस्म जाँ से उपर उठ गए अफसाने दिल
कब्र की औकात से परे , हुश्न तेरा महोबत

कतई ना बीक जाना ,बाजार ए दुनिया दारी
अनमोल, अहेसास रुहाना है तेरा महोबत


जिंदादिली जिक्र फकत मिटना कुरबानी में
मौज ए मस्त बहार ही है रुप तेरा महोबत

 
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on: May 21, 2018
ratings: 2

tags: Poem
language: hi

महोबत करने की ,अंदाज़ बेमिशाल है
हुश्न हकीकी, तेरा होना बेमिशाल है

पाया भी क्या खोकर खुद को जिंदगी
खोया जो उनका , पाया बेमिशाल है

बहुत सब्र से ,काटी है बिरहाना जिंदगी
मौज़ ए मिलन मुस्कराहट बेमिशाल है

आदत है जीने की , जीस्म जाँ में दुनिया
रुहानियत मे रुह का होना बेमिशाल है

गज़ब है , सुकुन ओर शोहरत ए ईनाम
नाम तेरा , ईबादत ए हुश्न बेमिशाल है
 
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on: May 20, 2018
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tags: friends
language: hi

बे-इरादा नज़र उनसे टकरा गई
ज़िन्दगी में अचानक बहार आ गई

रूख़ से पर्दा उठा चाँद शर्मा गया
ज़ुल्फ़ बिखरी तो काली घटा छा गई

वो जो हँसते हुए बज़्म में आ गए
मैं ये समझा क़यामत क़रीब आ गई

उनकी ज़ुल्फ़ों में पड़ते हुए ख़म देखकर
शेख़ जी की तबीयत भी ललचा गई

मौत क्या चीज़ है मैं तुझको समझाऊँ क्या
इक मुसाफ़िर था रस्ते में नींद आ गई

दिल में पहले सी ऐ 'दिल' वो धड़कन नहीं
मोहब्बत में शायद कमी आ गई
 
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on: May 20, 2018
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tags: Chandnni
language: hi

सास ने अपने फौजी दामाद को ख़त
लिखा
"मेरी बेटी को तन्हा छोड़ कर तुम
सरहद में मौज मस्ती कर रहे हो,
शराफत से मेरी बेटी के पास आ जाओ..
.
कोई भी बहाना बनाकर छुट्टी ले
लो"
.
फौजी दामाद ने सास को
एक हैण्ड ग्रेनेड बम 💣के साथ ख़त
भेजा जिसमे लिखा था
.
"प्यारी सासू माँ,
.
अगर आप इसकी पिन खीच ले तो
.
मुझे 13 दिन की छुट्टी मिल
जाएगी.."😳😂😂😂💣💣💣
 
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on: May 16, 2018
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tags: Chandnni
language: hi

❤️
मेरा दिल ❤️करता है
फूल-फूल हो जाऊं,

फूल-फूल होकर
खुशबू बन जाऊं,

खुशबू होकर
अक्षर,
अक्षर-अक्षर होकर
नज़्म

नज़्म-नज़्म होकर
ज़िन्दगी
ज़िन्दगी-ज़िन्दगी होकर
प्यार

और प्यार-प्यार होकर
जीना आ जाये
जैसा मेरा जी करता है ...

................चाँदनी ' 🔥
 
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on: May 12, 2018
ratings: 13

tags: Chandnni
language: hi

.
💞मेरा ज़नूने-शौक है, या हद है प्यार की
तेरे बिना सूनी लगे, रौनक बहार की

आते नहीं हैं वो कभी, महफ़िल में वक़्त से
आदत सी हमको पड़ गई है इंतज़ार की

सूरज ढला, तो आसमाँ की, रुत बदल गई
पक्षी कहानी लिख गए, अपनी कतार की

माना कि शोभा रखता है, कैक्टस का फ़ूल भी
लेकिन चुभन, महसूस की है, मैंने ख़ार की

कुछ भी कहूं या चुप रहूं आफ़त में जान है
रस्सी भी " चाँदनी " बट चुकी गर्देन पे दार की
.
.......................चाँदनी ' 🔥
 
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on: May 12, 2018
ratings: 8

tags: Chandnni
language: hi

.
.
💞सबकी मेहबूबा है वो सबके दिल की रानी है।
मेरी गली के लड़कों पे जबसे आई जवानी है।
कभी कभी लगती मुझको वो सब तालों की चाबी है।
और जिससे पूछों वो ही कहता भैया तेरी भाभी है।
'
💞 जब अपनी सखियों के संग जाती वो बाजार है।
ऐसे खुश होते हैं सारे जैसे कोई त्यौहार है।
किसी के दिल को चैन नहीं है सबकी नींद चुरायी है।
किसी को लगती रसगुल्ला तो किसी को बालूशाही है।
गली के सारे लड़कों का ऐसा हाल कर डाला है।
सब जन्मों के प्यासे हैं वो अमृत का प्याला है।
'
💞कॉलेज का क्या हाल सुनाऊं सब जगह उसका चर्चा है।
और महंगाई की तरह बढ़ रहा लड़कों का अब खर्चा है।
अम्बर पूरे हो पाएंगे क्या उनके मनसूबे हैं।
कॉलेज के सारे लड़के ही अब कर्जे में डूबे हैं।
.
......................... चाँदनी ' 🔥
 
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on: May 10, 2018
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tags: Chandnni
language: hi


💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞
कुछ तो तन्हाई की रातों में सहारा होता
तुम न होते न सही ज़िक्र तुम्हारा होता

तर्क-ए-दुनिया का ये दावा है फ़ुज़ूल ऐ ज़ाहिद
बार-ए-हस्ती तो ज़रा सर से उतारा होता

वो अगर आ न सके मौत ही आई होती
हिज्र में कोई तो ग़म-ख़्वार हमारा होता

ज़िन्दगी कितनी मुसर्रत से गुज़रती या रब
ऐश खुशी की तरह अगर ग़म भी गवारा होता

अज़मत-ए-गिर्या को कोताह-नज़र क्या समझें
अश्क अगर अश्क न होता तो सितारा होता

लब-ए-ज़ाहिद पे है अफ़साना-ए-हूर-ए-जन्नत
काश इस वक़्त मेरा अंजुमन-आरा होता

ग़म-ए-उल्फ़त जो न मिलता ग़म-ए-हस्ती मिलता
किसी सूरत तो ज़माने में गुज़ारा होता

किस को फ़ुर्सत थी ज़माने के सितम सहने की
गर न उस शख़्स की आँखों का इशारा होता

कोई हम-दर्द ज़माने में न पाया
दिल को हसरत ही रही कोई हमारा होता.
 
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on: May 10, 2018
ratings: 10

tags: friends
language: hi

क्यूँ देखें ज़िन्दगी को, क्यूँ दें हम मुँह दिखाई
इस दौर-ए-ज़िन्दगी में ,हमने तो मुँह की खाई है

अनचाहे लोग हैं और अनचाही सी है दुनिया
बेगानी सी लगती है,बेमानी सी ये दुनिया
क्यूँ टोकें ज़िन्दगी को, क्यूँ लांघें लम्बी खाई
इस दौर-ए- ज़िन्दगी में हमने तो मुँह की खाई

काँटों में था ये दामन,फूलों की चाह भी थी
अपनी हर ख़ुशी में इक सुलगती सी आग भी थी
क्यूँ न की ज़िन्दगी ने ,इस दिल की सुनवाई
इस दौर-ए -ज़िन्दगी में, हमने तो मुँह की खाई

बेहतर से और बेहतर ना हो सकी ये ज़िन्दगी
हिस्सों में हम बाँट बैठे अदनी सी ये ज़िन्दगी
क्यूँ होती है ज़िन्दगी में,ग़ैरों की ही आवाजाही
इस दौर-ए ज़िन्दगी में हमने तो मुँह की खाई

क्यों देखें ज़िन्दगी को,क्यूँ दें हम मुँह दिखाई
इस दौर-ए-ज़िन्दगी में,हमने तो मुँह की खाई
 
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on: May 10, 2018
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tags: Chandnni
language: hi

🔥

तुम्हैं शायद ये लगता है
मोहब्बत खूबसूरत है
तुम्हारा घर सँवारे गी
तुम्हैं यूँही निहारी गी
तुम्हैं अपना बना ले गी

तुम्हैं शायद ये लगता है
मोहब्बत रब की सूरत है
तुम्हैं दुःख से निकली गी
तुम्हारा दर्द समझे गी
तुम्हारा गम संभाले गी

मुझे मालूम है इतना
मोहब्बत शब की सूरत है
उजालों को ये खा जय गी
मोहब्बत मार देती है
मोहब्बत मार डाले गी.
 
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on: May 9, 2018
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tags: friends
language: hi

ज़ख्म देते हो, दवा ना दीजिये
रोज़ जीने की दुआ ना दीजिये
रोज़ वादा वस्ल का, फिर भूलना
प्यार में ऐसी सज़ा ना दीजिये
हुस्न पर इतना गुरूर अच्छा नहीं
साजिशों को रास्ता ना दीजिये
दूर रह के उम्र भर जीते रहें
इस कदर भी हौसला ना दीजिये
अब तो बस इतनी सी है ये इल्तेज़ा
याद कर के फिर भुला ना दीजिये
 
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on: May 8, 2018
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tags: Chandnni
language: hi

..
सब को मीठे बोल सुनाती हूँ
दुश्मन को भी दोस्त बनाती हूँ॥

कांटे जिस ने मेरी राह में बोये हैं
राह में उस की फूल बिछाती हूँ॥

अपने नग़मे गाती हूँ तनहाई में
वीराने में फूल खिलाती हूँ॥

प्यार में खो कर ही सब कुछ मिल पाता है
अक्सर मन को यह समझाती हूँ

तेरे ग़म के राज़ को राज़ ही रक्खा है
मुस्कानों में अश्क छुपाती हूँ॥

मन मंदिर में दिन ढलते ही रोज़
आशाओं के दीप जलाती हूँ॥
 
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on: May 7, 2018
ratings: 2

tags: Chandnni
language: hi


.💞 💞

ये इंसा है केवल चमन देखता है,
सरेराह बेपर्दा तन देखता है।

हवस का पुजारी हुआ जा रहा है,
कली में भी कमसिन बदन देखता है।

जलालत की हद से गिरा इतना नीचे,
कि मय्यत पे बेहतर कफन देखता है।

भरी है दिमागों में क्या गंदगी सी,
ना माँ-बाप,भाई-बहन देखता है।

बुलंदी की ख्वाहिश में रिश्ते भुलाकर,
मुकद्दर का अपने वजन देखता है।

ख़ुदी में हुआ चूर इतना,कहें क्या,
पड़ोसी के घर को 'रहन' देखता है।

नहीं "तेज" तूफानों का खौफ़ रखता,
नहीं वक्त की ये चुभन देखता है।

हर इक शख्स इसको लगे दुश्मनों-सा,
फ़िजाओं में भी ये जलन देखता है।

हवस की हनक का हुनर इसमें उम्दा,
जमाने को खुद-सा नगन देखता है।

............................... ''चाँदनी'' 🔥
 
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on: May 6, 2018
ratings: 3

tags: Chandnni
language: hi


💞
💞.

.
गिला-शिकायत-शिकवा-चुप्पी-गुस्सा सब बेकार हो गया
इतना लड़ती थी मैं उससे लड़ते-लड़ते प्यार हो गया

ऐंठी मैं तो ऐंठा वो भी
बात-बात पर कितने ताने
कहा-"कभी नहीं मिलना अब"
पर मिलने को किये बहाने

खिजाँ देखती रही मगर अब ये गुलशन गुलज़ार हो गया
इतना लड़ती थी मैं उससे लड़ते-लड़ते प्यार हो गया !

क्या-कैसे-कब हुआ बताओ
पूछ रहा कितने सवाल था
मेरे आँसू टपके ही थे
लेकिन उसका बुरा हाल था

गुस्सा-गिला, शिकायत-शिकवा पानी आखिरकार हो गया
इतना लड़ती थी मैं उससे लड़ते-लड़ते प्यार हो गया !

जितना दिल में प्यार भरा हो
उतना ही गुस्सा भी आये
दिल तो इसे समझ ले लेकिन
जब दिमाग सोचे, चकराये

पर दिमाग को हरा दिया तो दिल का हर त्यौहार हो गया
इतना लड़ती थी मैं उससे लड़ते-लड़ते प्यार हो गया !

बाल्मीकि ने "मरा-मरा" कह
जैसे अपना राम पा लिया
उसी तरह उल्टा-पुल्टा कर
मैंने भी घनश्याम पा लिया

जिसे समझती थी मैं बाधा वो मेरी रफ़्तार हो गया
इतना लड़ती थी मैं उससे लड़ते-लड़ते प्यार हो गया !

............................... ''चाँदनी'' 🔥
 
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on: May 5, 2018
ratings: 2

tags: Chandnni
language: hi

🌹
🌹
कैसे कह दूँ कि मुलाकात नहीं होती .
रोज़ मिलते मगर बात नहीं होती .

कुचे मैं गुज़रे वो नज़र झुका के
आँख हमारी कभी चार नहीं होती .

छुप के रोती हूँ तेरी याद में दुनिया भर से
कब मेरी आँख से बरसात नहीं होती .

खुद चले आओ या बुला भेजो
ज़िंदगी अकेले बसर नहीं होती

'
हाल-ए-दिल पूछने वाले तेरी दुनिया में कभी
दिन तो होता . मगर रात नहीं होती .

हम ख़ुदाई में हो गए रुसवा
मगर उनको ख़बर नहीं होती

जब भी मिलते तो कहते कैसी हो
इस से आगे तो कोई बात नहीं होती

.......................... ''चाँदनी ''💋
 
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