Writings

Most Recent : All
Submit your own.  My Writings
Browse
Most Viewed
Top Rated
Most Recent

Category
All
Joke
Poem
Recipe
Other

Write your own
score: 9.30162

average: 10.0

on: Mar 3, 2018
ratings: 2

language: hi

.......मिलने की सूरत बताओ..........
1
शुक्रिया, बड़ी मेहबानी आप का ऐ दोस्त ,
जब जब भी हम ने बुलाया आपको
आप दौड़े चला आया हमारी पास
हम तो इस इज्जत की काबिल न थे यार .....................by......... शरू 5.12pm
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
आप बुलाये हम न आये ऐसे तो नालायक हम नहीं .
हम आ ही गए तो इसमें शुक्रिया की कोई बात नहीं .
हम तो खुद आपके पास आने को थे बेकरार .
बस कर ही रहे थे आपके बुलाने का इन्तेजार ......... .......By.........राज ..5.19 PM
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
2.
ख़ुशी हुई आप की यह प्यारी सी बात सुनकर ,
की ,आप को भी रहती है हमारी बुलावे की इंतज़ार ,
मन में सोचने की देरी , कोई होगा साक्षात्कार ,
हम तो अचम्बे में पड़गए आप को यहां देखकर ................by ........शरू 5.26pm
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
जी हाँ इन्तेजार रहता है बुलावे का बार बार .
उम्मीद रहती शायद मुलाक़ात हो जाये इस बार .
वैसे तो यहाँ पर भी मिलना है आपसे है ख़ास .
पर कभी मुझको सच में बुला लो अपने पास .
...............................................................................By...........राज ..5.38 pm
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
3.
हम तो मिलते हैं सिर्फ यहां और कंही नहीं ,
कोई देख लेते हैं हमें ख्वाबों में इतना ही सही ,
हम यहां आते हैं सिर्फ कविता लिखने ,
ऐसे ही दोस्तों से हो जाती है दो चार बातें ........................by ............शरू ..5.47PM
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
यहां पर लोग मिलते है तुम से
और मिलते है अक्सर ख्वाबो में .
तुम्हारी सुन्दर कविता को हम .
ढूंढते है अक्सर किताबो में .
ख्वाबों में मिलके भरता नहीं अब हमारा दिल
तुम्हे कसम है मेरी कभी हकीकत में मिल .
................................................................................By...........राज ..5.55pm
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.30162

average: 10.0

on: Mar 2, 2018
ratings: 2

tags: FRIENDS
language: hi

बाँट लिया था सब कुछ
कुछ भी आधा तो नहीं था
पर मिलेगा सब कुछ
यह वादा तो नहीं था
जब तक मुसलिफ़ी में थे
हर चीज़ लुटा दी थी उस पर
शोहरतें और ख़िताब भी देंगे
यह इरादा तो नहीं था
खुदा ने जिसको दिया
हैसियत से नवाज़ा उसको
सबको हिसाब से मिलेगा
चाहे कह दो माँगा तो नहीं था
मुझको मिला जो भी
मिला उसकी मर्ज़ी से
सब कैसे बाँट लेते हम
कुछ भी साँझा तो नहीं था
ना जाने किस मजबूरी में
सब बेच दिया उस ने
मैं यह सोच कर परेशान हूँ
कहीं दाम ज़्यादा तो नहीं था
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 0

average: 0

on: Mar 2, 2018
ratings: 0

language: hi

कड़ी है धूप चलो छाँव तले प्यार करें
जहाँ ठहर के वक़्त आँख मले प्यार करें

नज़रिया बदलें तो दुनिया भी बदल जाएगी
भूल के रंजिशें, शिकवे-ओ-गिले प्यार करें

वफ़ा ख़ुलूस के जज्बों से लबालब होकर
फूल अरमानों का जब-जब भी खिले प्यार करें

दिलों के दरम्यां रह जाये न दूरी कोई
चराग़ दिल में कुर्बतों का जले प्यार करें

तमाम नफ़रतें मिट जाये दिलों से अपने
तंग एहसास कोई जब भी खले प्यार करें

कौन अपना या पराया नदीश छोडो भी
मिले इंसान जहाँ जब भी भले प्यार करें
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.30162

average: 10.0

on: Mar 1, 2018
ratings: 2

tags: feiends
language: hi

"होठों से लगाकर पीना, बात कुछ पुरानी हो गई
आँखों से पिला कर देख, आज रुत मस्तानी हो गई...

वो पीते है शराब महफिल-ऐ-यार जमा कर
हमने चोरी से पिया एक जाम तो बेइमानी हो गई...

युं तो करते हैं वो हरदम कुछ नई शरारत
हम जो एक बार उनसे रूठे तो नादानी हो गई...

वो करते है इज़हार-ए-प्यार इस कदर जहाँ में
हमे पता भी न चला और एक कहानी हो गई...

उन के खयालो से महकता है हर-रोज़ यह समां,
पास आने से आज उनके “ग़ज़ल” रूमानी हो गई
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.56709

average: 10.0

on: Feb 18, 2018
ratings: 7

tags: ..
language: hi

हम बोलते बहुत ज़्यादा
बताते कुछ कम हैं
रिश्ते निभाते बहुत ज़्यादा
उन्हे जीते कुछ कम हैं
हम पढ़ते बहुत ज़्यादा
समझते कुछ कम हैं
उपदेश देते बहुत ज़्यादा
मिसाल बनते कुछ कम हैं
हम धार्मिक बहुत ज़्यादा
धर्म समझते कुछ कम हैं
भगवान से माँगते बहुत ज़्यादा
शुक्रिया करते कुछ कम हैं
हम बाहर ताकते बहुत ज़्यादा
भीतर झाँकते कुछ कम हैं
कल के सपने बुनते बहुत ज़्यादा
आज को समेटते कुछ कम हैं
हम बहस करते बहुत ज़्यादा
मुद्दे समझते कुछ कम हैं
चिंतन करते बहुत ज़्यादा
परवाह करते कुछ कम हैं
हम प्रेम के गीत गाते बहुत ज़्यादा
मोहब्बत गुनगुनाते कुछ कम है
दिलासा देते बहुत ज़्यादा
मरहम लगाते कुछ कम हैं
हम मुस्कुराते बहुत ज़्यादा
हँसते खिलखिलाते कुछ कम हैं
मौत से डरते बहुत ज़्यादा
जिंदगी जीते कुछ कम हैं
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.30162

average: 10.0

on: Feb 12, 2018
ratings: 1

tags: friends
language: hi

बे-इरादा नज़र उनसे टकरा गई
ज़िन्दगी में अचानक बहार आ गई

रूख़ से पर्दा उठा चाँद शर्मा गया
ज़ुल्फ़ बिखरी तो काली घटा छा गई

वो जो हँसते हुए बज़्म में आ गए
मैं ये समझा क़यामत क़रीब आ गई

उनकी ज़ुल्फ़ों में पड़ते हुए ख़म देखकर
शेख़ जी की तबीयत भी ललचा गई

मौत क्या चीज़ है मैं तुझको समझाऊँ क्या
इक मुसाफ़िर था रस्ते में नींद आ गई

दिल में पहले सी ऐ 'दिल' वो धड़कन नहीं
मोहब्बत में शायद कमी आ गई
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.30162

average: 10.0

on: Feb 12, 2018
ratings: 1

language: hi

.......हर हर महादेव :...........
करके रख भभूत का शृंगार.
ड़ाल गले में नाग सर्पो का हार.
जटा मे धारण किये गंगा की धारा.
माथे पर शोभित चाँद का डेरा.

बाजू मे बांधे रुद्राक्ष का माला.
हाथ मे उठाये त्रिशूल का भाला.
करते हो तुम देवा कैलाश पर वास.
पल मे ही करते हो दुष्टो का नाश.

हे नाथ तुम हो शंकर भोला.
जब भी तुमने तीसरा आंख खोला.
राजा इंद्रा का भी सिंघासन डोला.
तीनो लोको मे मच गया हल्ला.

वैसे तो है शिवा तुम्हारी शांत है माया.
पर जब जब भी है तुमको क्रोध आया.
तब किया है तुमने तांडव का नाच.
तीनो लोको मे फैली बर्बादी की आंच.

समुंद्रा मंथन मे विष था निकला,
पिया तुमने वो जेहेर का प्याला.
हलाहल पीकर नीलकंठ केहलाए,
पापी कोई तेरा कोप से बच ना पाये ....
...............................कवि ..राजेश सिंग...12.2.18
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.48946

average: 10.0

on: Feb 12, 2018
ratings: 5

tags: friends
language: hi

किसी के हो कर देखिये
प्यार में खो कर देखिये ।
ख्वाब भी आयेंगे जरूर
बेफिक्र सो कर देखिये ।
गम आंसूओं में बह जाये
थोड़ा सा तो रो कर देखिये।
तन्हाई भी तंग न करेगी
यादों को संजो कर देखिये ।
कभी न टूटेगी माला आप
प्रेम की पिरो कर देखिये ।
ज़ख्म सभी भर जाते हैं
आंसूओं से धो कर देखिये ।
जो अभी तक नही किया
उसको भी तो कर देखिये ।
फूल फल भी लग जाते हैं
कोई बीज बो कर देखिये ।
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.66783

average: 9.92308

on: Feb 11, 2018
ratings: 14

language: hi

❤❤ मेरी इस गलती की मुझे है शर्म ❤❤❤

💇💇💇💇💇💇💇

एक औरत गर्भ से थी
पति को जब पता लगा
की कोख में बेटी हैं तो
वो उसका गर्भपात
करवाना चाहते हैं
दुःखी होकर पत्नी अपने
पति से क्या कहती हैं :-

👧👧👧👧👧👧👧👧
🙏सुनो,
ना मारो इस नन्ही कलि को,
वो खूब सारा प्यार हम पर
लुटायेगी,
जितने भी टूटे हैं सपने,
फिर से वो सब सजाएगी..

👼👼👼👼👼👼👼
😒सुनो,
ना मारो इस नन्ही कलि को,
जब जब घर आओगे
तुम्हे खूब हंसाएगी,
तुम प्यार ना करना
बेशक उसको,
वो अपना प्यार लुटाएगी..

👸👸👸👸👸👸👸👸👸
😡सुनो
ना मारो इस नन्ही कलि को,
हर काम की चिंता
एक पल में भगाएगी,
किस्मत को दोष ना दो,
वो अपना घर
आंगन महकाएगी..

💇💇💇💇💇💇💇💇💇💇
😑ये सब सुन पति
अपनी पत्नी को कहता हैं :-

👧👧👧👧👧👧👧
👩सुनो
में भी नही चाहता मारना
इसनन्ही कलि को,
तुम क्या जानो,
प्यार नहीं हैं
क्या मुझको अपनी परी से,
पर डरता हूँ
समाज में हो रही रोज रोज
की दरिंदगी से..

👼👼👼👼👼👼👼😿
😳क्या फिर खुद वो इन सबसे अपनी लाज बचा पाएगी,
क्यूँ ना मारू में इस कलि को,
वो बहार नोची जाएगी..
में प्यार इसे खूब दूंगा,
पर बहार किस किस से
बचाऊंगा,
👸👸👸👸👸👸👸👸
😨जब उठेगी हर तरफ से
नजरें, तो रोक खुद को
ना पाउँगा..
क्या तू अपनी नन्ही परी को,
इस दौर में लाना चाहोगी,

👨👨👨👨👨👨👨👨👨👨
😞जब तड़फेगी वो नजरो के आगे, क्या वो सब सह पाओगी,
क्यों ना मारू में अपनी नन्ही परी को, क्या बीती होगी उनपे,
जिन्हें मिला हैं ऐसा नजराना,
क्या तू भी अपनी परी को
ऐसी मौत दिलाना चाहोगी..

🙅🙅🙅🙅🙅🙅🙅🙅🙅
👼ये सुनकर गर्भ से
आवाज आती है…..ं
सुनो माँ पापा-
मैं आपकी बेटी हूँ
मेरी भी सुनो :-

👧👧👧👧👧👧👧👧
🙆पापा सुनो ना,
साथ देना आप मेरा,
मजबूत बनाना मेरे हौसले को,
घर लक्ष्मी है आपकी बेटी,
वक्त पड़ने पर मैं काली भी बन जाऊँगी

👸👸👸👸👸👸👸👸
💁पापा सुनो,
ना मारो अपनी नन्ही कलि को, तुम उड़ान देना मेरे हर वजूद को,
में भी कल्पना चावला की तरह, ऊँची उड़ान भर जाऊँगी..

👧👧👧👧👧👧👧👧
🙅पापा सुनो,
ना मारो अपनी नन्ही कलि को, आप बन जाना मेरी छत्र छाया,
में झाँसी की रानी की तरह खुद की गैरो से लाज बचाऊँगी…

👼👼👼👼👼👼👼👼👼
😗पति (पिता) ये सुन कर
मौन हो गया और उसने अपने फैसले पर शर्मिंदगी महसूस
करने लगा और कहता हैं
अपनी बेटी से :-

👵👵👵👵👵👵👵👵👵👵
😞मैं अब कैसे तुझसे
नजरे मिलाऊंगा,
चल पड़ा था तेरा गला दबाने,
अब कैसे खुद को तेरेे सामने लाऊंगा,
मुझे माफ़ करना
ऐ मेरी बेटी, तुझे इस दुनियां में
सम्मान से लाऊंगा..

👧👧👧👧👧👧👧👧👧
😣वहशी हैं ये दुनिया
तो क्या हुआ, तुझे मैं दुनिया की सबसे बहादुर बिटिया
बनाऊंगा.

👶👶👶👶👶👶👶👶
👨मेरी इस गलती की
मुझे है शर्म,
घर घर जा के सबका
भ्रम मिटाऊंगा
बेटियां बोझ नहीं होती..
अब सारे समाज में
अलख जगाऊंगा!!!


Save girls save world...
👪👪👪👪👪👪 👪👪
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.30162

average: 10.0

on: Feb 10, 2018
ratings: 2

tags: friends
language: hi

माना की तुम जीते हो ज़माने के लिये,
एक बार जी के तो देखो हमारे लिये,
दिल की क्या औकात आपके सामने,
हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये!
एक ग़ज़ल तेरे लिए ज़रूर लिखूंगा,
बे-हिसाब उस में तेरा कसूर लिखूंगा,
टूट गए बचपन के तेरे सारे खिलौने,
अब दिलों से खेलना तेरा दस्तूर लिखूंगा..
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.39981

average: 9.75

on: Feb 3, 2018
ratings: 5

tags: Poem
language: hi

रंग ए नूर आशियाँन, दिल कहे तो क्या कहे
हुश्न हकीकी लाजवाब, दिल कहे तो क्या कहे
पैगाम ए महोबत ,सुकुन भरे दिल से दोस्ताना
मौन मे छुपा अहेसास ,दिल कहे तो क्या कहे
दुरस्त कर देती नज़र ,राहे वफा सुकुन भरकर
नजरों का छलकता जाम ,दिल कहे तो क्या कहे
बडा गज़ब का है दावेदार , फना की फितरत में
होनहार है दिल ,मालामाल दिल कहे तो क्या कहे
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.30162

average: 10.0

on: Feb 1, 2018
ratings: 1

tags: Poem
language: hi

चैन ओ सुकुन नसीब हो जाये
बीरहाना बादल , छट जाये
बरखा हो आब ए हयात की
दिल का नूराना हाल हो जाये
नैनो में छुपी प्यास गज़ब की है
रेगीस्तानी लिबास में बिरहाना,
पलकें बिछाये इन्तजार ए अलम
दिदार ए यार, सुकुन से हो जाये
मैं तो मिला ही नही , ना बिछडा ,
रुखसत एसी , मनाही हो जाये,
हो गला सीकवा ,लाजीम है यारा
दिल्लगी भी थोडी थोडी की जाये
हुश्न ए आईना ,हाजरा हजूर है
भीतर नूराना, मालामाल हो जाये,
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.56709

average: 10.0

on: Feb 1, 2018
ratings: 7

language: hi

.......आखिर कब तक ..?..............
.१.
यह क्या हो रहा है देश के अंदर
यह लोग है की खुदते बन्दर ..?
आपस में लड़ते रहेंगे आखिर कब तक
एक झंडा वंदन भी शांति से नहीं होता .............शरू ३.१५
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
आज देश की हालात पर खून के आँसू है रो रहा ।
देशभक्तो ने बलिदान देकर इस देश को था सवारा ॥
कभी आपसी सदभाव का मिसाल था ये देश हमारा ।
अब ख़त्म हो गया है आपस में ही लोगों में भाईचारा ॥
...............................................................राजेश ॥..३.२०
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
२.
यही मै पूछ रही हूँ अवाम से
यह जो हो रहा है, क्यों हो रहा है ..?
क्या लोग भूलगये अंग्रेजोंके अन्याय ..?
या भूलगये मुग़लों की क्रूर शासन ...?.............शरू ..३.२५
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
शायद भूल ही गयें हैं लोग उस वक्त की बरबादी ।
कद्र ही नहीं कर पाए हम जो बेशकीमती आजादी ॥
बन कर रहा गया है ये धरती इंसानियत का मकबरा ।
दरअसल में चंद लोगों का ही है ये सब किया धरा ॥
...............................................................राजेश ॥३.३३
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx


भारत माँ का बेटे है सब ,सब ने कहा
मिलके रहो तो सब के लिए अच्छा
नहीं तो फिर से बात जाएंगे टुकड़ों में
दर्द भरी गुलामी की ज़ंज़ीरे पहने पड़ेंगे .............शरू ..३.३९
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
कद्र करो हर धर्म का कहना है यही इस दीवाने का ।
देश बढ़ रहा है आगे स्वागत करो इस नए ज़माने का ॥
खतरा मंडरा रहा है देश का टुकडों में बँट जाने का
फ़िर शायद तुमको मौका भी न मिलेगा पछताने का ॥
.................................................................राजेश ॥ ३.४९
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.30162

average: 10.0

on: Jan 31, 2018
ratings: 1

tags: 💐
language: hi

कौन समझाए उन्हें इतनी जलन ठीक नहीं,,
जो ये कहते हैं मेरा चाल-चलन ठीक नहीं..!!

झूठ को सच में बदलना भी हुनर है लेकिन,,
अपने ऐबों को छुपाने का ये फन ठीक नहीं..!!

उनकी नीयत में ख़लल है तो घर से ना निकलें,,
तेज़ बारिश में ये मिट्टी का बदन ठीक नहीं..!!

शौक़ से छोड़ के जाएँ ये चमन वो पंछी,,
जिनको लगता है ये अपना वतन ठीक नहीं..!!

हर गली चुप सी रहे, और रहें सन्नाटे,,
मेरे इस मुल्क में ऐसा भी अमन ठीक नहीं..!!

जो लिबासों को बदलने का शौक़ रखते थे,,
आखरी वक़्त ना कह पाए क़फ़न ठीक नहीं.
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.30162

average: 10.0

on: Jan 31, 2018
ratings: 2

tags: Poem
language: hi

उसुल परस्त, बूतखाने की इस महेफिल में
बेउसुल अफसाने, सुनाने आया हुं जरुर मैं

मगर ,वोह जिस्मो जाँ से परे अहेसास कहाँ
मैं तो मुर्दे की बस्ती में ,जिंदा लाश जरुर मैं
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.30162

average: 10.0

on: Jan 27, 2018
ratings: 2

tags: Poem
language: hi

मिलता है आसमान ओर धरती जहांं पर,
क्षितिज़ पर , लकीर बनकर खडा हुं मैं
फुल में खुश्बु बनकर, महकता अहेसास,
शबनमी भीगा, जजबात बनकर खडा हुं मैं
टुटकर बिखरता हुं , पत्ते की सरसराहट में
पतझड का अलम , बीरहाना अहेसास हुं मैं
रंज ओ अलम ,सीकवा सीकायत अपनो से,
दिल्लगी दोस्ताना दिल में ही , अहेसास हुं मैं
जिंदादिली है ,साँस की रफतार जिंदगी मेरी,
मौत महेबुबा मेरी साथ, वोह अहेसास हुं मैं



















 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.30162

average: 10.0

on: Jan 26, 2018
ratings: 2

tags: Poem
language: hi



हमने ना बनाइ है , रिस्तों की सरहदे जिंदगी में कभी
ओर गुजर गए बेनाम , महेफुस रहते अहेसास दिल मे,

क्युं टुटकर चाहा पतंगे ने , फितरत में अपनी कुरबानी
वोह जलते रहे ,जलाते रहे, शम्मा एदिल अहेसास दिल मे

बदसुरत है शायद अंदाज़ ए महोबत, फकत लफ्ज़ में ही
या हयाति ही नही ,जजबात उभरते हुए अहेसास दिल में

खैर ,अपनी ओकात नही, जीस्मी जहाँ की हकीकत मे,
हक़ से खेलती हकीकी में ,हर हाल वो अहेसास दिल में
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.43918

average: 10.0

on: Jan 23, 2018
ratings: 4

tags: Poem
language: hi

महोबत करने की ,अद्ए बेमिशाल है
हुश्न हकीकी, तेरा होना बेमिशाल है

पाया भी क्या खोकर खुद को जिंदगी
खोया जो उनका , पाया बेमिशाल है

बहुत सब्र से ,काटी है बिरहाना जिंदगी
मौज़ ए मिलन मुस्कराहट बेमिशाल है

आदत है जीने की , जीस्म जाँ में दुनिया
रुहानियत मे रुह का होना बेमिशाल है

गज़ब है , सुकुन ओर शोहरत ए ईनाम
नाम तेरा , ईबादत ए हुश्न बेमिशाल है
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.48946

average: 10.0

on: Jan 23, 2018
ratings: 5

tags: friends
language: hi

आँखों पर परदे पड़े हैं कुछ नज़र आता नहीं
है अभी भी बुतपरस्ती का असर,जाता नहीं

लोग चलते जा रहे हैं मंज़िलों की आस मैं
गाँव भी छूटा, मगर कोई शहर आता नहीं

हर गली चौराहों को करते रहे रोशन मगर
राह ये कैसी चुनी है अपना घर आता नहीं

ताज पाकर आसमां में रोज़ जो उड़ता रहा
एक दिन गिरना है तय ये कोई समझाता नहीं

कब तलक जीये हकीकत से कोई मुंह मोड़कर
हमको ग़म में मुस्कुराने का हुनर आता नहीं
 
Rate & comment on this.
 
 
score: 9.60974

average: 9.9

on: Jan 19, 2018
ratings: 11

tags: friends
language: hi

मेरी ज़िन्दगी को एक तमाशा बना दिया उसने,
भरी महफ़िल में तन्हा बैठा दिया उसने,
.
ऐसी क्या थी नफरत उसको इस मासूम दिल से,
खुशियां चुरा कर गम थमा दिया उसने,
.
बहुत नाज़ था उसकी वफ़ा पे कभी हमको,
मुझको ही मेरी नज़रों में गिरा दिया उसने,

खुद बेवफा थी मेरी वफ़ा की क्या कद्र करता,
अनमोल था मैं ख़ाक में मिला दिया उसने,
.
किसी को याद करना तो उसकी फितरत में शामिल नहीं,
हवा का झोंका समझ कर भुला दिया उसने...
 
Rate & comment on this.
 
 
<<1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16  [17]  18 19 20  >>