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on: Jun 24, 2020
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language: hi

कैसे कह दूँ, मुझको उससे प्यार नहीं है
मरता है दिल जिस पर,उसका इंतज़ार नहीं है

खोयी-खोयी रहती हूँ, जिसके दीदार में
हर पल, तनहा दिल उसका बीमार नहीं है

दोनों जहाँ हारे जिसकी मुहब्बत में,उसके
सुख-दुख से हमारा कोई सरोकार नहीं है

वही तो है मेरी अफ़कार,अशआर की दुनिया
उसके सिवा, दूसरा कोई ख़तावार नहीं है

बेशकीमती है यह गमगाही मुहब्बत, मगर
बिके जहाँ में, बना ऐसा कोई बाज़ार नहीं है

कैसे कह दूँ कि मुलाकात नहीं होती है
रोज़ मिलते हैं मगर बात नहीं होती है

आप लिल्लाह न देखा करें आईना कभी
दिल का आ जाना बड़ी बात नहीं होती है

छुप के रोता हूँ तेरी याद में दुनिया भर से
कब मेरी आँख से बरसात नहीं होती है

हाल-ए-दिल पूछने वाले तेरी दुनिया में कभी
दिन तो होता है मगर रात नहीं होती है

जब भी मिलते हैं तो कहते हैं कैसे हो "शकील"
इस से आगे तो कोई बात नहीं होती है
 
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on: Jun 22, 2020
ratings: 3

language: hi

(hastye rotye usk gam mujh d d
sotye jagtye usk jakham mujh d d
uski tasvir hi meri duniya ki khuwaish h
ab jeetye martye usk bharam mijh d d)


(khuwaisho n meri umid ko bhadaya h
khuwaisho n meri ajmaish ko sataya h
main rota hu bin usk
qki khuwaisyo n meri wafa ko jalaya h)


(hume bhi khuwaish h usk sath kadam s kadam chalne ko
hume bhi khuwaish h uski god m sher rakh kar shone ko
main mita nahi y khuwaishyein lekar
qki hume bhi khuwaish h uski bahoo m simatne ko)


(jinda h jndg qki tu mujhm jinda h
y khuwaisyein mujhm din raat jagti hain
sharminda h jndg qki tu mujhm sharminda h
y khuwaiahyein mujhm sham sawerye marti hain)


(usm jab-2 simti gharaiya
tab-2 mohobat n khuwaishyein jagai
usm jab-2 mili sokhiya
tab-2 mohobat n khiwaishyein bhulai)




(hain khuwaishyein
rhayengi khuwaishyein
usk lotne ki yaado m
bhul gaya jis din y dil khud ko
us din s
thi khuwaishyein
rhayeingi khuwishyein
 
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on: Jun 18, 2020
ratings: 4

tags: Friends
language: hi

तनाव के उन क्षणों में मजबूत लोग भी आत्महत्या कर लेते हैं..
वो लोग जिनके पास सब कुछ है
शान ... शौकत ... रुतबा ... पैसा .. इज्जत
इनमें से कुछ भी उन्हें नहीं रोक पाता ..

तो फिर क्या कमी रह जाती है ???

कमी रह जाती है उस ऊँचाई पर
एक अदद दोस्त की

कमी होती है उस मुकाम पर
एक अदद राजदार की

एक ऐसे दोस्त की जिसके साथ "चांदी के कपों" में नहीं
किसी छोटी सी चाय के दुकान पर बैठ
सकते ..

जो उन्हें बेतुकी बातों से जोकर बन कर हंसा पाता ...

वह जिससे अपनी दिल की बात कह हल्के हो सके..
वह जिसको देखकर
अपना स्ट्रेस भूल सके

वह दोस्त
वह यार
वह राजदार
वह हमप्याला
उनके पास नहीं होता
जो कह सके तू सब छोड़ ... चाय पी मैं हूं ना तेरे साथ ...
और आखिर में
यही मायने कर जाता है...

सारी दुनिया की धन दौलत
एकतरफ...सारा तनाव एक तरफ ..

वह दोस्त वह एक तरफ !!!

लेकिन अगर आपके पास
वह दोस्त है
वह यार है

तो कीमत समझिये उसकी...

चले जाइए एक शाम उसके साथ
चाय पर ...

जिंदगी बहुत हसीन बन जाएगी......

याद रखिए आपके तनाव से यदि कोई लड़ सकता है तो वो है आपका दोस्त और उसके साथ की एक कप गर्म चाय !!!
 
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on: Jun 12, 2020
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tags: Friends
language: hi

सड़क पर जा रहे हो और अचानक सामने से कोई लड़की आती दिख जाए टाइट कपड़ों में तो उसके पूरे बदन का X- रे करने में देर नहीं लगती.

स्कूल कॉलेज में सीढ़ियों के नीचे खड़े होकर उतरती हुयी लड़कियों के स्कर्ट के भीतर ताकना, बस ट्रेन में किसी लड़की का अगर कोई अंग दिख जाए तो बगल वाले को कोहनी मार कर दिखाना .

डिस्को, पब में छोटे कपडे पहनी हुयी लड़की के वक्ष स्थल को घुरना और ऐसा दिखाना की कहीं और ध्यान है.
कहीं कुछ उठाते हुए किसी लड़की की कमर या पैंटी लाइन दिख जाने पर आहे भरना.

क्लीवेज से लेकर कमर,चेहरा,पीठ या पेट और गर्दन कुछ भी नज़र आ जाये या अगर नज़र ना भी आ रहा हो तो भी चीर देने वाली नज़रों से देखने की कोशिश करना.

ये सब तरीके है बिना कुछ बोले, बिना कुछ किये किसी भी लड़की को परेशान करने के और इन सब में सबसे बड़ी बात की आसानी से जवाब देकर निकल जाओ कि मेरा ध्यान कहीं और था या फिर दिख रहा था तो देख लिया कौनसा रेप कर दिया.

ये सब कारनामे सिर्फ सड़कछाप मजनुओं के नहीं बल्कि अधिकतम मर्दों के है. चाहे वो कितने भी प्रतिष्ठित घर का हो या कितने बड़े स्कूल कॉलेज का विद्यार्थी या फिर किसी बड़ी कंपनी में काम करने वाला या रास्ते पर सब्जी बेचने वाला. सब माहिर होते है आँखे सेकने की विद्या में.

कभी सोचा है की कितनी बेशर्मी से घूरते है हम लोग लड़कियों को ?

कभी सोचा है कि कितना घटिया होता है ये सब ?

क्या कभी सोचा है कि ये भी एक तरह की कुंठा है ?

कभी सोचा है कि इस तरह की हरकतें बताती है कि अन्दर से हम भी एक बलात्कारी है.

ज़रा खुद को रखकर देखिये उस लड़की की जगह जिसे हम घूरते है, जिसके बदन की एक झलक पाने को हम बेशर्मी की हदें पार करते है.

विशेष नोट - पोस्ट से आपत्ति वाले लोग कमेंट में हमें ज्ञान देने का कष्ट ना करें
 
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on: Jun 10, 2020
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tags: poem
language: hi

Koi kasar na chodi thi, mashle ko hal karne me,,
Fir bhi chal raha hoon, shikayato ka bojh uthate-uthate,,
.....Bahoot koshis ki is , jalim duniya ne rulane ki,,
.....Fir bhi chal raha hoon, palko pe aansu sukhate-sukhate,,
Bahoot baar sataya , in risto ki shajisho ne,,
Fir bhi chal raha hoon, dil pe marham lagate-lagate,,
.....Kashoorwar nahi thaharya, ab tak tumne mujhko,,
.....Fir bhi chal raha hoon, tumse najare churate-churate,,
Bahoot see baate tumhari, samjh se pare hai meri,,
Fir bhi chal raha hoon, tumhari haa me haa milate-milate,,
 
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on: May 31, 2020
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language: hi

Kabhi tere liye kuch likha nahi
Kyon ki tum har pal mere sath rahi
Aaj phir tumhari yaad aur asoon ayi
Kyon ki aaj tum mere sath nahi

Kash mein tumhe pehle keh deta 😢😢😢😢😢

Haan ek pal mere jindagi me aya tha
Jab maine apne apko tanha mehsoos paya
Wajah meri jindagi – mayusi
Maan pe na koi kaboo aur dil kitna bechain
Jene ka koi asra nahi
Aur na apni koi pehchan

Haan ek pal mere jindagi meri phir aya
Jab maine apne apko khush mehsoos paya
Wajah meri Zindagi – Tum
Aaj phir maan pe na koi kaboo
Aur Dil aaj phir kitna bechain
Par aaj jene ka asra hai aur ek pehchan bhi–Tum
 
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on: May 31, 2020
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tags: INSAAN...
language: hi

Inssan akir hai kya
Chahat ke pyasa
Jaise koi bacha
Ki chahat hai koi khilona
Jid pe utar ata hai
Pa leta hai
Kuch pal khel leta hai
Kush reh leta hai woh pal
Jab toot jata hai
Tho phir naye khilone ki chahat
Bana leta hai

Phir bacha bada ho jata hai
Ab khilona nahi
Dil ko chahat bana leta hai
Jid pe utar ata hai
Pa leta hai
Kuch pal Khel leta hai
Kush reh leta hai woh pal
Par jab oob jata hai
Jabardasti dil tod deta hai
Ab phir akela mehsoos pata hai
Tho phir naya dil ko chahat bana leta hai

Par woh yeh nahi jante khilona tootne pe phir naya khilona mil sakta hai
Par jab dil toota hai tho sase ruk jati, jindagi tham jati hai 😢😢😢😢😢
 
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on: May 24, 2020
ratings: 6

tags: Friends
language: hi

स्त्री ,
एक क़िताब की तरह होती है
जिसे देखते हैं सब ,
अपनी-अपनी ज़रुरतों के
हिसाब से

कोई सोचता है ,उसे
एक घटिया और सस्ते
उपन्यास की तरह!
तो कोई घूरता है ,
उत्सुक-सा ,
एक हसीन रंगीन ,
चित्रकथा समझकर

कुछ पलटते हैं ,इसके रंगीन पन्ने ,
अपना खाली वक़्त ,
गुज़ारने के लिए!
तो कुछ रख देते हैं ,
घर की लाइब्रेरी में
सजाकर ,
किसी बड़े लेखक की कृति की तरह ,
स्टेटस सिम्बल बनाकर

कुछ ऐसे भी है ,
जो इसे रद्दी समझकर ,
पटक देते हैं!
घर के किसी कोने में

तो कुछ बहुत उदार होकर
पूजते हैं मन्दिर में ,
किसी आले में रखकर
गीता क़ुरआन बाइबिल जैसे ,
किसी पवित्र ग्रन्थ की तरह

स्त्री एक क़िताब की
तरह होती है ,जिसे ,
पृष्ठ दर पृष्ठ कभी
कोई पढ़ता नही ,
समझता नही ,
आवरण से लेकर
अंतिम पृष्ठ तक
सिर्फ़ देखता है ,
टटोलता है

और वो रह जाती है
अनबांची
अनअभिव्यक्त
अभिशप्त सी
ब्याहता होकर भी
कुआंरी सी...

विस्तृत होकर भी
सिमटी सी...
छुए तन मे
एक
अनछुआ मन लिए!
सदा ही
स्त्री
 
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on: May 3, 2020
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tags: My Diary✍
language: hi



हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते


जिस की आवाज़ में सिलवट हो निगाहों में शिकन
ऐसी तस्वीर के टुकड़े नहीं जोड़ा करते


लग के साहिल से जो बहता है उसे बहने दो
ऐसे दरिया का कभी रुख़ नहीं मोड़ा करते


जागने पर भी नहीं आंख से गिरतीं किर्चें
इस तरह ख़्वाबों से आंखें नहीं फोड़ा करते


शहद जीने का मिला करता है थोड़ा थोड़ा
जाने वालों के लिए दिल नहीं थोड़ा करते


जा के कोहसार से सर मारो कि आवाज़ तो हो
ख़स्ता दीवारों से माथा नहीं फोड़ा करते
 
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on: Apr 27, 2020
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tags: Friends
language: hi

सन्नाटे की
सनसनाहट
सनसनी लिए है आज की रात
सूनी है गलियां
सूनी है आवाज़
कयामत का एहसास देती है
आज की रात

पहले भी थीं रातें
जेट की घनघनाहट लिए
पहले भी थी रातें
बारूद के धमाकों से
थर्राती वे रातें
घुप्प अंधेरों में
गोलों की रोशनी से
नहाई वे रातें
डराती तो थीं
वे रातें

लेकिन इतनी भयावह तो
न थी कभी वे रातें
सन्नाटे में
कयामत का अहसास
तो न देती थीं
वे रातें
 
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on: Apr 24, 2020
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tags: Friends
language: hi

देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं..
सुबह की सैर में कभी चक्कर खा जाते है ..
सारे मौहल्ले को पता है...पर हमसे छुपाते है
दिन प्रतिदिन अपनी खुराक घटाते हैं और
तबियत ठीक होने की बात फ़ोन पे बताते है.
ढीली हो गए कपड़ों को टाइट करवाते है,
देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं..

किसी के देहांत की खबर सुन कर घबराते है,
और अपने परहेजों की संख्या बढ़ाते है,
हमारे मोटापे पे हिदायतों के ढेर लगाते है,
"रोज की वर्जिश"के फायदे गिनाते है.
‘तंदुरुस्ती हज़ार नियामत "हर दफे बताते है,
देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं..

हर साल बड़े शौक से अपने बैंक जाते है,
अपने जिन्दा होने का सबूत देकर हर्षाते है,
जरा सी बढी पेंशन पर फूले नहीं समाते है,
और FIXED DEPOSIT रिन्ऊ करते जाते है,
खुद के लिए नहीं हमारे लिए ही बचाते है.
देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं..

चीज़ें रख के अब अक्सर भूल जाते है,
फिर उन्हें ढूँढने में सारा घर सर पे उठाते है,
और एक दूसरे को बात बात में हड़काते है,
पर एक दूजे से अलग भी नहीं रह पाते है.
एक ही किस्से को बार बार दोहराते है,
देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं..

चश्में से भी अब ठीक से नहीं देख पाते है,
बीमारी में दवा लेने में नखरे दिखाते है,
एलोपैथी के बहुत सारे साइड इफ़ेक्ट बताते है,
और होमियोपैथी/आयुर्वेदिक की ही रट लगाते है,
ज़रूरी ऑपरेशन को भी और आगे टलवाते है.
देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं..

उड़द की दाल अब नहीं पचा पाते है,
लौकी तुरई और धुली मूंगदाल ही अधिकतर खाते है,
दांतों में अटके खाने को तिली से खुजलाते हैं,
पर डेंटिस्ट के पास जाने से कतराते हैं,
"काम चल तो रहा है" की ही धुन लगाते है.
देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं..

हर त्यौहार पर हमारे आने की बाट देखते है,
अपने पुराने घर को नई दुल्हन सा चमकाते है,
हमारी पसंदीदा चीजों के ढेर लगाते है,
हर छोटी बड़ी फरमाईश पूरी करने के लिए माँ रसोई और पापा बाजार दौडे चले जाते है,
पोते-पोतियों से मिलने को कितने आंसू टपकाते है,
देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते है..

देखते ही देखते जवान माँ-बाप बूढ़े हो जाते है..
 
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on: Apr 24, 2020
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tags: Friends
language: hi

respect to all girls

प्लीज एक बार जरूर पढे 👇👇👇👇👇👇

क्या हुआ??

इतनी रात तक online हो? 1 बज रहे है। नींद नही आ रही है क्या?
पति घर पर नही है या बनती नही है उनसे?
ध्यान नही देते क्या तुमपे?
जवाब नही दो तो-क्या हुआ? Busy हो कहीं??? किसी और से बात कर रही हो???
या फिर कहेंगे हमसे भी बात कर लिया करो। इतने बुरे हैं क्या हम। सबसे तो करती हो।
तो इस सवाल का एक ही जवाब हैं ।
मैं एक औरत हूँ ...
लेकिन एक इंसान भी हूँ ..।
मुझे अपनी मर्जी से जीने का पूरा हक हैं ।
मुझे जो - जो पसंद आता हैं मैं वो करती हूँ
या फ़िर मुझे जिससे खुशी मिलती हैं वह करती हूँ..

और मुझे ये सब आता भी हैं...
ये सब करने के पीछे ऐसा कोई कारण होता हैं...
ऐसा कुछ नही होता...
बस मुझे इन छोटी - छोटी चीजो से खुशी मिलती हैं ।
जरूरी नही सिर्फ चैटिंग ही की जाए। बहुत लोग सिर्फ चैटिंग चैट करने नहीं बल्कि पोस्ट पढ़ने आते है,,,कोई लेख, कोई अच्छी पोस्ट, या कोई सुविचार रात मे पढ़ना कोई गुनाह है क्या? दिन भर की जद्दोज़हद के बाद यदि रात मे कुछ समय हम अपने लिए व्यतीत करे तो क्यो बुरा लगता है आप लोगो को...
वही काम आप करे तो हम तो सवाल नही उठाते।
फिर आप लोग क्यो?
मुझे तो इसमें कोई बुराई नजर नही आती।

आपको भी जमता हैं ,तो आप भी ये सब कीजिए
खूब देर रात online रहिए,
और नही जमता तो....
किसी भी औरत के ऊपर बेमतलब के आरोप मत लगाइये
और किसी भी प्रकार का लेबल
मत लगाइये उसके ऊपर

बस इतना ही....

🙏मै सिर्फ उन पुरुषो की बात कर rahi हूँ जो ऐसी सोच रखते है.
 
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by: Sujal
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on: Apr 17, 2020
ratings: 3

language: hi


शब्दों के दांत नहीं होते है
लेकिन शब्द जब काटते है
तो दर्द बहुत होता है
और
कभी कभी घाव इतने गहरे हो जाते है की
जीवन समाप्त हो जाता है
परन्तु घाव नहीं भरते.............
इसलिए जीवन में जब भी बोलो मीठा बोलो मधुर बोलों
'शब्द' 'शब्द' सब कोई कहे,
'शब्द' के हाथ न पांव;
एक 'शब्द' 'औषधि" करे,
और एक 'शब्द' करे 'सौ' 'घाव"...!
"जो 'भाग्य' में है वह भाग कर आएगा..,
जो नहीं है वह आकर भी भाग 'जाएगा"..!
प्रभू' को भी पसंद नहीं
'सख्ती' 'बयान' में,
इसी लिए 'हड्डी' नहीं दी, 'जबान' में...!
जब भी अपनी शख्शियत पर अहंकार हो,
एक फेरा शमशान का जरुर लगा लेना।
और....
जब भी अपने परमात्मा से प्यार हो,
किसी भूखे को अपने हाथों से खिला देना।
जब भी अपनी ताक़त पर गुरुर हो,
एक फेरा वृद्धा आश्रम का लगा लेना।
और….
जब भी आपका सिर श्रद्धा से झुका हो,
अपने माँ बाप के पैर जरूर दबा देना।
जीभ जन्म से होती है और मृत्यु तक रहती है क्योकि वो कोमल होती है.
दाँत जन्म के बाद में आते है और मृत्यु से पहले चले जाते हैं...
क्योकि वो कठोर होते है।
छोटा बनके रहोगे तो मिलेगी हर
बड़ी रहमत...
बड़ा होने पर तो माँ भी गोद से उतार
देती है..
किस्मत और पत्नी
भले ही परेशान करती है लेकिन
जब साथ देती हैं तो
ज़िन्दगी बदल देती हैं.।।
"प्रेम चाहिये तो समर्पण खर्च करना होगा।
विश्वास चाहिये तो निष्ठा खर्च करनी होगी।
साथ चाहिये तो समय खर्च करना होगा।
किसने कहा रिश्ते मुफ्त मिलते हैं ।
मुफ्त तो हवा भी नहीं मिलती ।
एक साँस भी तब आती है,
जब एक साँस छोड़ी जाती है!!"
 
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by: Sujal
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on: Apr 17, 2020
ratings: 2

language: hi


फोन किया माँ ने बेटे को........तूने नाक कटाई है,
तेरी बहना से सब कहते .........बुजदिल तेरा भाई है!
ऐसी भी क्या मजबुरी थी........ऐसी क्या लाचारी थी,
कुछ कुत्तो की टोली कैसे........तुम शेरो पर भारी थी!
वीर शिवा के वंशज थे तुम......चाट क्यु ऐसे धुल गए,
हाथो मे हथियार तो थे.......क्यु उन्हें चलाना भूल गये!
गीदड़ बेटा पैदा कर के............मैने कोख लजाई है,
तेरी बहना से सब कहते .........बुजदिल तेरा भाई है!!
(लाचार फौजी अपनी माँ से)
इतना भी कमजोर नही था.......माँ मेरी मजबुरी थी,
उपर से फरमान यही था.......चुप्पी बहुत जरूरी थी!
सरकारे ही पिटवाती है..........हमको इन गद्दारो से,
गोली का आदेश नही है.......दिल्ली के दरबारो से!
गिन-गिनकर मैं बदले लूँगा.....कसम ये मैंने खाई है,
तू गुड़िया से कह देना .... ना बुजदिल तेरा भाई है!!
 
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on: Mar 25, 2020
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tags: My Diary✍
language: hi

मुश्किलों को हराते है, चलो मुस्कुराते हैं.......✍

मुश्किलों को हराते है,
चलो मुस्कुराते हैं,
उदासियों में रखा है क्या,
आओ थोड़ी खुशियाँ बांटते हैं,,
वर्षों पुराने ज़ख्मों को,
खुशियों से मात देते हैं,
बस तारीफें दुनिया से ले के,
हर तानों को ठुकराते हैं,
मुश्किलों को हराते है,
चलो मुस्कुराते हैं,
कल की उम्मीद पलकों में लिए,
इस सोच से आगे बढ़ते हैं,
लेते हैं थोड़ा उनसे हौसला,
जो नित्य पहाड़ चढ़ते हैं,
कुछ हौसला समंदर से भी,
जो पर्वत को भी घिसते हैं,
कुछ हौसलें नदियों से भी,
जो झरनों में से रिसते हैं,
ले कर सब उधर आज सब से,
कदम हम आगे बढ़ाते हैं,
अपनी हँसी के बीच में अपने,
हालात को आज छुपाते हैं,
मुश्किलों को हराते है,
चलो मुस्कुराते हैं,
कोई छीन नहीं सकता मुझसे मेरा,
जो मेरा नहीं वो खो के रहेगा,
गीता में भी साफ़ लिखा है,
जो होना है वो हो के रहेगा,
फिर क्यों कल की चिंता में,
आज को अपने खो देना,
जिन पलकों ने ख्वाब देखे इतने,
क्यों इनको है भिगो देना,
आओ सब कुछ को भुला के फिर से,
खुद को थोड़ा आज़माते हैं,
मुश्किलों को हराते है,
चलो मुस्कुराते हैं...
 
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on: Mar 24, 2020
ratings: 9

tags: friends
language: hi

तूफ़ान के हालात है ना किसी सफ़र में रहो...
पंछियों से है गुज़ारिश अपने शजर में रहो...

ईद के चाँद हो अपने ही घरवालो के लिए...
ये उनकी खुशकिस्मती है उनकी नज़र में रहो...

माना बंजारों की तरह घूमे हो डगर डगर...
वक़्त का तक़ाज़ा है अपने ही शहर में रहो...

तुम ने खाक़ छानी है हर गली चौबारे की...
थोड़े दिन की तो बात है अपने घर में रहो...🙏🙏

हम लोगो नेअपनी जिंदगी मे ये पहली बार ऐसी रेस देखी होगी...

जिसमें घर पर रुकने वाला ही जीतेगा, सुरक्षित रहेगा...
कृप्या घर पर ही रहे ....और अपने देश को बचाए...
 
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by: Saloni
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on: Mar 21, 2020
ratings: 0

language: hi

कविता हमे रच रही है
ज़िन्दगी के रंगों के साथ सज रही हैं
कभी बचपन
कभी जवानी
कभी बुढ़ापा
हर पल सीख दीखलाई जा रही है
और
हर वक़्त सीखाई जा रही है
यह जीवन की कहानी है
तन्हाइयों से भरी हुई है
मेरी कलम की स्याही कुछ अनकही दर्द की वाते कह रही है
कभी खुशी के अक्षू निकल रहे है
जैसे पहले कविता को सजा रहे है
हर शब्द रच रहे है
यूं ही शब्दों के साथ खेलते जा रहे है
कविता हमे रच रही है
यह सच है
मन को जांच रही है
सलोनी
 
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by: Saloni
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on: Mar 7, 2020
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language: hi

अब नहीं बेचारी नारी,
प्रीत से भरी नारी,
ममता की सूरत है नारी।

कौन कहता है की अबला
है नारी,
हर क्षेत्र में अव्वल
पुरुष के साथ पग-पग,
कंधा मिलाए है नारी।
समुद्र से आकाश,
थल से पहाड़ तक,
अपना संघर्ष दिखाया है,
अपने परिश्रम से,
ददेश को हर बार ऊपर उठाया है,
सलोनी के कलम से सारी नारियों को प्रणाम।
🌹🌹🌹
🌺🌺🌺
 
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on: Mar 6, 2020
ratings: 3

tags: My Diary✍
language: hi

प्यार ताकत है खुदा की ये तू जानले
महोब्बत नूर है रूह का ये तू मानले
चल दिखा तेरी ताकत, ला आसमान जमीन पर
है जिगर में जज्बा, भेज कयामत को भी ऊपर
तो सारी कायनात है तेरी ये तू ठान ले
प्यार ताकत है खुदा की ये तू जानले
चिर-कौओ को खिला दे ऐसी लाश नही है तू
जिंदा होकर मर जाए ये एहसास नही है तू
चल उठ खड़ा हो, अंत नहीं है तू
इश्क़ की दुनिया का कोई संत नहीं है तू
तुझे लड़ना ही होगा ये तू ठान ले
प्यार ताकत है खुदा की ये तू जानले
कमजोर नहीं, बलवान है तू
चंद पलों का मेहमान है तू
खुद की जिंदगी का अरमान है तू
हर कयामत का सौदागर है तू
तू बस अपने आप को पहचनाले
प्यार ताकत है खुदा की ये तू जानले
 
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on: Mar 6, 2020
ratings: 3

language: hi

हो सकती है मोहब्बत ज़िन्दगी में दोबारा भी
बस हौसला हो एक दफा फिर बर्बाद होने का.. !!


यूँ मिले के मुलाकात न हो सकी
होंट खुले मगर कोई बात न हो सकी
मेरी खामोश निगाहें हर बात कह गई
और उनको शिकायत है के बात न हो सकी.. !!

मैं आज भी रखती हूँ अपने दोनों हाथो का ख्याल
न जाने उसने कौन सा हाथ पकड़ कर कहा होगा
मुझे तुम से मुहब्बत है..!!
 
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