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on: Dec 4, 2017
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tags: Poem
language: hi

लगता है मन उदास है, शायद कोई नाराजगी है
बेउसुल जिया हु, मैं, शायद कोइ नाराजगी है

उलफत का रास्ता , हसीन तो नही दिलरुबाना
कांटो पर चलाया तो है ,शायद कोइ नाराजगी है

बेशक जीया हुं कफन बाँधकर हकीकी में जरुर
कोइ गीला सीकाइत , शायद कोइ नाराजगी है

लफ्जों से परे बनाया है आशियाँ ए महोबत ही,
क्युं याँबाजी का हुनर ,शायद कोइनाराजगी है

मुआफ कर देना, हो सके तो इस नाचीज़ को ,
होनाहार हेसियत नही, शायद कोइ नाराजगी है
 
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on: Dec 4, 2017
ratings: 6

tags: friends
language: hi

अपनी आँखों में दरिया उमड़ते देखा,
जब कभी आँखों से अश्क उभरते देखा,
.
एक आँख के अश्क़ में था ग़म-ए-जुदाई,
दूजे में खुद को बिखरते देखा,
.
लरज़ती थी एक में मेरी अपनी तन्हाई
दूजे में अरमानो को सिमटते देखा,
.
वजूद ना उनका रहा, ना मेरा गुमान,
जब कभी मैंने दिल का आइना देखा,
.
मर भी जाता तो क्या ग़म था लेकिन,
ठहरे हुए वक़्त में खुद को क़ैद देखा...
 
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on: Dec 3, 2017
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tags: Neel
language: hi

Ek Sethh ne Sindhi Salesman Rakha..
Sales 4 Guna ho gaya...
Sethh ek din Sindhi se milne Shop pe aaya..
Wo Grahak ko Fishing Rod bech raha tha.. Sethh khada hokar dekhne laga..
Grahak ne 800rs. me Fishing Rod kharid li..
Sindhi Salesman bola Itne mahnge Joote pahankar Fishing karoge.? Sports shoes le lijiye.. Grahak ne Shoes 600 me le liya....
Sindhi bola- Dhoop lagegi ek Topi bhi le lijiye...Usne le liya..
Sindhi bola- Fishing karte hue bhook bhi lagegi, to kuchh khane ko le lijiye...
Usne Chips, Biscuits le liya ..
Sindhi bola- Fish rahkhne ke liye Ek basket bhi le lijiye..
Usne le liya..Iss tarah uska bil 8000 bana..
Sethh bahot khush hokar bola,
Tum ek achhe salesman ho... Wo kewal fishing rod lene aaya tha aur tumne itna samaan bech diya...
Sindhi Salesman:- Seth ji, woh to biwi ke liye "WHISPER" lene aaya tha..
Maine bola... 4 din kya karoge??
Jaao jaakar Machhli Pakdo..!!
:P
 
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on: Dec 3, 2017
ratings: 4

tags: friends
language: hi

इन आँखों में डूब कर मर जाऊं,
ये खूबसूरत मैं काम कर जाऊं,

तेरी आँखों की झील उफ़्फ़ तौबा,
इन गहराईओं में मैं अब उतर जाऊं,

तेरी आँखें हैं या मय के ये पैमाने हैं,
पी लूं और हद से मैं गुजर जाऊं,

एक शिकारा है जो तेरी आँखों में,
तू कहे अगर तो इनमें मैं ठहर जाऊं,

तेरी आँखों की झील सी गहराई में,
जी चाहता है मेरा आज मैं उतर जाऊं।
 
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on: Dec 1, 2017
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tags: ....
language: hi

*सो जा ऐ दिल*
*कि अब धुन्ध बहुत है तेरे शहर में...।*

*अपने दिखते नहीं*
*और जो दिखते है वो अपने नहीं…।।*
 
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on: Nov 29, 2017
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tags: *p*
language: hi

करो याद कि कितनी अंगुलियां पकङ कर थे चले
जो आज लौटाने के हुए काबिल, तो इतना रूआब

ऊंचे-ऊंचे कंगुरों पर तो चांद भी रहता है मेहरबान
जो खुद को ही किया रोशन, तो तूं कैसा आफ़ताब

हर बात पर ये जो रखते हो इतनी तल्खी-ए-जुबां
चार कंधों बिन जनाजा, रुखसत नहीं होता जनाब

खुद को समझ तो रहे हो सिकन्दर, पर क्या होगा
जो कभी मांग लिया, वक्त ने वक्त से वक्त का हिसाब

दुआयें बदल दिया करती हैं, तूफानों के भी रास्ते
चलें लाख आंधियां, फिर बुझा नहीं करते चिराग

कभी किसी रोते हुए बच्चे के, पोंछ कर देखो आंसू
बिन पढे देगी दस्तक, दर-ए-मौला को तेरी नमाज

आखिर कब तक आइनों को दोगे झूठे दिलासे
कि इक दिन मर कर तो देना है खुदा को जवाब
 
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on: Nov 28, 2017
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tags: friends
language: hi

मुझे डुबो के बहुत शर्मसार रहती है
वो एक मौज जो दरिया के पार रहती है

हमारे ताक़ भी बे-ज़ार हैं उजालों से
दिए की लौ भी हवा पर सवार रहती है

फिर उस के बा'द वही बासी मंज़रों के जुलूस
बहार चंद ही लम्हे बहार रहती है

इसी से क़र्ज़ चुकाए हैं मैं ने सदियों के
ये ज़िंदगी जो हमेशा उधार रहती है

हमारी शहर के दानिशवरों से यारी है
इसी लिए तो क़बा तार तार रहती है

मुझे ख़रीदने वालो क़तार में आओ
वो चीज़ हूँ जो पस-ए-इश्तिहार रहती है
 
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on: Nov 27, 2017
ratings: 4

tags: friends
language: hi

मत करो ऐसी कोई बात कि वो रोने न लगे
मत छेड़ो उसके जज़्बात कि वो रोने न लगे

खुशियां उसकी तमन्ना है वो हँसने का आदी है
वास्ता अश्कों से नहीं,तबस्सुम उसकी साथी है
मत कहो उससे मेरे हालात कि वो रोने न लगे

खुशियां छिनतीं हैं,ग़म भी सताते हैं अक्सर
तूफ़ानो-आँधियाँ भी राह में आते हैं अक्सर
मत कहो दस्तूर-ए-क़ायनात कि वो रोने न लगे

वो सो रहा है खुशियों की उजली चादर ओढ़े
दुनिया के तमाम ग़मों को दुनिया पर ही छोड़े
मत जगाओ आज की रात कि वो रोने न लगे।
 
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on: Nov 26, 2017
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tags: friends
language: hi

55. कभी तन्हाई, कभी तड़प, कभी बेबसी तो कभी इंतज़ार..
ये मर्ज़ भी क्या खूब है जिसे इश्क़ कहते है..!
कौन केहता है अलग रहते है "हम दोनों"
हमारी यादों के सफ़र के हमसफ़र तुम हो...
जलवे तो " "बेपनाह थे, इस "#कायनात "मे
ये बात और है कि नजर तुम पर ही ठहर गई..
तुमसे ही रूठ कर तुम्ही को याद करते हैं,
हमे तो ठीक से नाराज़ होना भी नही आता।
हमारे पास तो.सिर्फ तेरी यादे है
जिंदगी तो उसे मुबारक हो,जिसके पास तू है #
 
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on: Nov 26, 2017
ratings: 4

tags: friends
language: hi

उलझनों और कश्मकश में,
उम्मीद की ढाल लिए बैठा हूँ।
ए जिंदगी! तेरी हर चाल के लिए,
मैं दो चाल लिए बैठा हूँ |
लुत्फ़ उठा रहा हूँ मैं भी आँख - मिचोली का।
मिलेगी कामयाबी, हौसला कमाल का लिए बैठा हूँ l
चल मान लिया, दो-चार दिन नहीं मेरे मुताबिक़।
गिरेबान में अपने, ये सुनहरा साल लिए बैठा हूँ l
ये गहराइयां, ये लहरें, ये तूफां, तुम्हे मुबारक।
मुझे क्या फ़िक्र, मैं कश्तीया और दोस्त बेमिसाल लिए बैठा हूँ।
 
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on: Nov 24, 2017
ratings: 2

tags: friends
language: hi

दिलों में एक दरार है आज,
हर एक शख्स बीमार है आज |

तल्खियाँ घुल गयीं लफ़्ज़ों में,
कुछ कहना सुनना बेकार है आज |

कोई नहीं है जो कान्धा दे दे,
मौत भी देखो शर्मसार है आज |

कल तलक हाँ में हाँ मिलाते थे,
मेरी हर बात से इनकार है आज |

न जाने क्या हुआ है यारों,
मेरी हर एक से तकरार है आज |

कोई उम्मीद अब नहीं बाकी,
बेवजह दिल ये बेक़रार है आज |

ज़हर में डूबा हुआ तीर उनका,
हो गया दिल के आर पार है आज |

जिन उसूलों पे हम जिए अब तक,
उनकी ख़ातिर लो जां निसार है आज |

धुंधला धुंधला से एक वही लम्हा,
आता क्यूँ याद बार बार है आज |
 
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on: Nov 23, 2017
ratings: 4

tags: friends
language: hi

रोज तारेा को नुमाइश में खलल पड़ता है,
चाँद पागल हैं अंधेरे में निकल पडता है।

मैं समंदर हूँ कुल्हाडी से नहीं कट सकता,
कोई फव्वारा नही हूँ जो उबल पड़ता है।

कल वहाँ चाँद उगा करते थे हर आहट पर,
अपने रास्ते में वो वीरान महल पडता है।

ना त-आरुफ ना त-अल्लुक हैं मगर दिल अक्सर,
नाम सुनता हैं तुमहारा तो उछल पड़ता हैं।

उसकी याद आई हैं साँसो जरा धीरे चलो,
धड़कनो से भी इबादत में खलल पड़ता हैं।
 
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on: Nov 22, 2017
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tags: friends
language: hi

तुम्हारी आँखों में कोई होगा..
तुम्हारी बातों में कोई होगा,
तुम्हारे दिल में कोई होगा..
तुम्हारे दर्द में कोई होगा,
पर हम तुम्हारे होंगे,
जब तुम्हारा कोई न होगा..!!
 
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on: Nov 22, 2017
ratings: 6

tags: friends
language: hi

गरीबों की औकात ना पूछो तो अच्छा है,
इनकी कोई जात ना पूछो तो अच्छा है,
चेहरे कई बेनकाब हो जायेंगे,
ऐसी कोई बात ना पूछो तो अच्छा है।

खिलौना समझ कर खेलते जो रिश्तों से,
उनके निजी जज्बात ना पूछो तो अच्छा है,
बाढ़ के पानी में बह गए छप्पर जिनके,
कैसे गुजारी रात ना पूछो तो अच्छा है।

भूख ने निचोड़ कर रख दिया है जिन्हें,
उनके तो हालात ना पूछो तो अच्छा है,
मज़बूरी में जिनकी लाज लगी दांव पर,
क्या लाई सौगात ना पूछो तो अच्छा है।

गरीबों की औकात ना पूछो तो अच्छा है,
इनकी कोई जात ना पूछो तो अच्छा है।
 
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on: Nov 21, 2017
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tags: FRIENDS
language: hi

अब जब ना कोई खाहिश है इन आखों की
या कि मीठी और सुरीली बातों की
फिर ना जाने दिल पर बोझ ये कैसा है,
हर पल सारा आलम जैसा तैसा है।
लाख जतन कर डाले दिल ने
बचने के सब किये प्रयास
फिर भी दिल की डाली पर
पंछी आ बैठा अनायास।
लाख उडाता उडता न ये
जाने पंछी कैसा है?
बन्द किया था दरवाजा
ताले कई लगाकर हमने
इक पल में ही बिखर गये
सीसे जैसे अपने सपने
सपने जो अनमोल थे मेरे
उनका मोल ये कैसा है?
जिन्दगी की रहगुजर में
बह रहे थे पहरों से
मिलेगा हमको क्या किनारा
पूंछ रहे थे लहरों से
जाने कैसी हवा चली
और तूफान ये कैसा है?
सोचा था शायद हम भी इक दिन
कुछ ना कुछ कर जायेंगे
सूनी सूनी इस दुनिया को
दो पल को महकायेगें
चमक बिखेरेंगे गुलशन में
जहां में नाम कमायेंगे
पर देखो ये कलियां उजडीं
चमन वीरान ये कैसा है??
 
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on: Nov 21, 2017
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tags: FRIENDS
language: hi

हाथ की लकीरें सिर्फ*
*सजावट बयाँ करती है...*
*किस्मत अगर मालूम होती*
*तो मेहनत कौन करता...*
इतना कुछ हो रहा है..दुनिया में, ……
क्या तुम मेरे नही हो सकते.
एक दिन उम्र ने तलाशी ली,
तो जेब से लम्हे बरामद हुए
_कुछ ग़म के थे,_
_कुछ नम से थे,_
_कुछ टूटे हुए थे,_
जो सही सलामत मिले....
वो बचपन के थे..!!
 
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on: Nov 21, 2017
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tags: FRIENDS
language: hi

हाथ की लकीरें सिर्फ*
*सजावट बयाँ करती है...*
*किस्मत अगर मालूम होती*
*तो मेहनत कौन करता...*
इतना कुछ हो रहा है..दुनिया में, ……
क्या तुम मेरे नही हो सकते.
एक दिन उम्र ने तलाशी ली,
तो जेब से लम्हे बरामद हुए
_कुछ ग़म के थे,_
_कुछ नम से थे,_
_कुछ टूटे हुए थे,_
जो सही सलामत मिले....
वो बचपन के थे..!!
 
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on: Nov 20, 2017
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tags: friends
language: hi

फिर कोई ज़ख़्म मिलेगा, तैयार रह ऐ दिल,
कुछ लोग फिर पेश आ रहे हैं, बहुत प्यार से।
प्यार हो जाता है करता कौन हैं ?😍
हम तो कर देंगे प्यार में जान भी कुरबान..😘
लेकिन पता तो चले कि.. 😥
हम से प्यार करता कौन हैं😔
 
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on: Nov 20, 2017
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tags: friends
language: hi

इतना भी दर्द ना दे… ऐ ज़िन्दगी ,*
*इश्क ही किया था,कोई कत्ल तो नही
जुल्फ देखी है या नजरों ने घटा देखी है,
लुट गया जिसने भी तेरी अदा देखी है,
अपने चेहरे को अब हमसे न छिपाना,
मुद्दतों बाद इस मरीज ने दवा देखी है..
मुद्दतों बाद इस मरीज ने दवा देखी है..
 
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on: Nov 20, 2017
ratings: 1

tags: friends
language: hi

तेरे होने तक मैं कुछ ना था…
. तेरा हुआ तो मैं बर्बाद हो गया.
आज कोई ना पूछे मुझसे मेरी उदासी का सबब...!!
बस सीने से लगा कर काश रूला दे कोई...!!
ये मोहब्बत के हादसे अक्सर दिलों को तोड़ देते हैं,
तुम मंजिल की बात करते हो? लोग राहों में ही साथ छोड़ देते हैं..
दर्द कितना है बता नहीं सकते,
ज़ख़्म कितने हैं दिखा नहीं सकते,
आँखों से खूद समझ लो..
आँसू गिरे हैं कितने गिना नहीं सकते।
इस मंजर को में क्या नाम दूं,
इस राह को मैं क्या कहूँ,
चल नहीं पा रहा अब इस पर,
पाँव अब जख्मी लहूलुहान है,
शीशे के नहीं दिल के टुकड़े बिखरे पड़ें है।
 
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