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on: Jun 4, 2019
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language: hi

,,,,,,,,,,,,,,,नारी अब नहीं बेचारी,,,,,,,,,,,,,,,


पछास प्रतिशत महिला की आबादी
मगर कही नहीं थी उन की गिनती
हर जगह पुरुषों के अधिकार होती थी
अब सही मायने में महिलावों को भी
उन की अधिकार मिली ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ,,,५।५८ pm

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गांव शहर गली गली में सबको ये ऐलान कर दो जारी ।
पचास फीसदी आबादी अब पड़ने लगी है सब पर भारी ॥
पुरुषो से कंधे से कंधा मिलाके चल रही है साथ साथ ।
अब कोई भी कहीं भी नहीं रही अबला अब नारी ॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज॥ ६।४६pm

xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

२।
हाँ , अब हर जगह महिला ही दिखती
सेना में होती है पोलिस में है दिखती
बंगड़ी पहननेवाली हात सर्कार चलाती
घर संभलकर बाहर भी काम है करती ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ,,६।५२ pm

xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

पुरुषो के मन में नारी को लेकर अब भी भेद है
पर नारी का यू आगे बढ़ना एक अच्छा संकेत है ।
हर क्षेत्र में नारी होने लगी है अब तो भागीदार का
मुँह तोड़ जवाब देने लगी है पुरुषो के अत्याचार का ॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ,,७।॥ ०२ pm

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३,
भारत वर्ष में नारी को दियादर्जा देवी की
मगर युगों से किया व्यवहार दासी जैसी
त्रेता युग में भूमि पुत्री सीता को मिली
अग्नि परीक्षा और वनवास तो
द्वापर में कितना दुःख द्रौपदी को झेलनी पड़ी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ,,,,७,०९ pm

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पिछले सभी युगों की बात हुईइस युग आप पुरानी ।
अब तो नारी अच्छों अच्छों को याद दिलाती है नानी ॥
गाली गलौच मार या अत्याचार अब नहीं सहने वाली
जरूरत पड़ने पर नारी बन सकती है दुर्गा और काली ॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राजेश॥ ७,१६ pm

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भले ही नारी कुछ भी बने इस देश में
क्यों बन जाती हैं मर्द के सामने बिल्ली
क्यों होती है हर दिन उसके ऊपर अत्याचार ?
क्या आड़े आती है उसको दिए हुई संस्कार ,,,?,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,.......शरू ,,७,२१ pm

xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

कुछ भी कहो अब नारी के पैरों तले जमी आई है
आंकड़े कहते हैं नारी पर अत्याचार में कमी आई है ॥
अब डरके चुपचाप नहीं बैठती जो कहलाती थी अबला ।
हर मुश्किल का करने को तैयार रहती है अब मुकाबला ॥
...............,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ॥ ७,३१ pm
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on: May 30, 2019
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language: hi

ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में

शाम के साए बालिश्तों से नापे हैं
चाँद ने कितनी देर लगा दी आने में

रात गुज़रते शायद थोड़ा वक़्त लगे
धूप उन्डेलो थोड़ी सी पैमाने में

जाने किस का ज़िक्र है इस अफ़्साने में
दर्द मज़े लेता है जो दोहराने में

दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है
किस की आहट सुनता हूँ वीराने में

हम इस मोड़ से उठ कर अगले मोड़ चले
उन को शायद उम्र लगेगी आने में
 
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by: Saloni
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on: May 28, 2019
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language: hi

भरोसा और प्यार,
दो पंछी है,
इस में से एक उड़ जाये,
दूसरा आपने आप उड़ जाता है।
सलोनी
 
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on: May 24, 2019
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language: hi


,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,नतीजे के बाद ,,,,,,,,,,,,,,
१,
यह तो बाढ़ आगया भारत देश में
मानसून के आने से पहले ,,,,,,,,
मोदी नाम की सुनामी के लेहरे
ले गयी सब को उड़ाते और डुबाते ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
देश की अवाम का मूड कुछ कहने को मचल रहा है ।
मोदी की जीत से ऐसा लगता है कि देश बदल रहा है ॥
देश में मोदी की चली लहर है चल रही नई एक हवा है ।
जाने क्यो लगाता है ऐसा जैसे मोदी हर जख्मों की दवा है॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,........राज ॥ ५।२३
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
२।
ऐसा लगता था यह बार जीतना है मुश्किल
मगर आवाम ने दिखाई अपनी अकल
ऐसी मात दिया विपक्षों को अब होगया
पांच साल तक संभालना हरगिज मुश्किल ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ५।३२
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
दरअसल देखा जाए तो ये चुनाव और चुनाव से भिन्न है ।
मोदी और शाह की जोड़ी बहुत ही कमाल और जहीन है
अब तो ऐसा लगता है देश का अब बदलने वाला दिन है
मुश्किल कुछ भी नहीं क्योकि मोदी है तो मुमकिन है ।
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राजेश ॥
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

ह हा ,,,,,तुम तो ऐसा कह रहे हो वोह नहीं मोदी
वह है एक जादूगर जो चलाएगा जादू की छड़ी
मान गए अब की बार किया लोगों ने न्याय
रंग लायी चुनाव में मोदी को शाह के सारथ्य ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ५।५०
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
दरअसल ये मोदी की नहीं जनता जनार्दन की है जीत
जनता नें इस बार लगाई सच्चे लोकतंत्र से है मीत
जाती और धर्म से ऊपर उठकर किया है लोगों नें वोट ।
भ्रष्ट और झूटे नेताओं पर किया है इस बार गहरा चोट ॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ॥५। ५८
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तेरा कहना लोगो ने मोदी के रूप में खुद को जिताया
हमें तो महा भारत के कृष्णा और अर्जुन याद आयी
शाह और मोदी की जोड़ी बनगयी कृष्णार्जुन की जोड़ी
युद्ध तो जीता है ,मगर अब और बहुत काम है बाकी ,,,,,,,,,,,,,,,शरू ६,०५
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हे मोदी देश की अवाम नें दिया है जनमत विशेष
पिछले बार काम किया था अभी और काम है शेष।
अमीर गरीब चाहें कोई भी धर्म का हो ना करना कभी फर्क ।
सबका साथ सबका विकास ना रखना किसी से कोई द्वेष ॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,............राज ॥ ६,१३
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
५,
यह तो करना ही पड़ेगा वह है बड़ा नेता
बड़ा तजुर्बेदार भी , न करेगा कोई भेद भाव
लोगों को भी एक जुट होकर देना होगा साथ
करनी पड़ेगी बंद हमेशा की दंगा फसाद ,आतंकवाद ,,,,,,,,,,,,,,,.शरू ६,१८
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दंगाई फसादी आतंकवादियों का तो ये कर देगा सफाया ।
इस सच्चे पुरुष नें जो भी वादा किया देश से है निभाया ॥
गरीबी होगी दूर और देश में अमन चैन की देश में होगी बहार
विश्व गुरु बनेगा भारत, चारो और फैलेगा देश के नाम की बयार ॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राजेश ॥
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वह,,,तुम्हारा स्वप्ना भी तो है कितना सुनहरा
वैसे ही हो ,भारत वर्ष बने सोने की चिड़िया
विश्व में सबसे ताकतवर और सब का दुलारा
सब के साथ चले हम कंधे से कंधे मिलाकर ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ६,३५
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ये तो आपने सही फरमाया हुजूर ये एक अकेले से ना होगा
क्या अवाम क्या नेता सभी को मिलकर करना होगा प्रयास ॥
चाहे कोई भी हो धर्म या जाती हो देश के लिए प्यार का आभास
जिम्मेदारी से सभी कोशिश करें तभी होगा इस देश का विकास।
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ॥ ६।४४ PM
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on: May 20, 2019
ratings: 9

language: hi

,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,सैनिक ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
१।
सरहद में दिन रात पहरा देते हैं
हमारी सैनिक जागा रह कर
जिसकी वजह से हम सोते हैं
चैन की नींद बे फ़िक्र देश के अंदर ,,,,,,,,...................शरू ५,०१

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तीज त्यौहार खुशी से रहते हैं जो अंजान
खुशी से देश की खातिर करते हैं जान कुर्बान ।
ना सर्दी गर्मी बरसात ना दुश्मन की गोली की फिक्र
ऐसे देश के वीर सैनिको को दिल से हमारा सलाम । 🙏 🙏 🙏
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,।.... ..राज..६।४४

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२।
यह सैनिक तो हमारी देश की शान
उनका लोग जो पीछे छोड़ आये हैं
उनको संभालना न केवल सरकार के ही काम
मुश्किल के गड़ी में संभालना होगा हम अवाम,,,,,,,.......शरू ,,,६।४९

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इनके लिए कोई होली दिवाली ना कोई ईद
पर देश के लिए जो सैनिक ho।जाता है शहीद ।
पूरा देश उसके परिवार के साथ है मुश्किल में
देश के हर सैनिक को रखता है यही उम्मीद ॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,...................राज ६।५७
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३।
अगर सैनिक होजाता है एक बार
अपनी परिवार के बारे में बेफिक्र
वोह तो अपना तन मन से होगा कुर्बान
अपनी देश केलिए लड़ते लड़ते ख़ुशी से ,,,,,,,,,,,..............शरू ७।०४

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जब सैनिक करता है देश की सरहद की हिफाजत
तो कोई डर या परिवार के फिक्र की नहीं है इजाजत ।
दुश्मन के सामने से नहीं हटेगा हरएक जवान
परिवार से ज्यादा है जिनको प्यारी देश की इज्जत ॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,.......राज॥ ७।१०

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४।
वह तो करेगा ही अपनी जिम्मेवारी पूरा
हमारी भी कुछ फ़र्ज़ बनती है न उनकी ओर
हमारी फॅमिली को करनेवाले है देखभाल
यह सोचकर वे लड़ेंगे डबल जोश से है ना बोल ,,,,,,..........,शरू ,,७।१६

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हाँ बात तो आपकी बिल्कुल सही है यार ।
पर अक्सर उपेक्षित ही रहता है शहीदों का परिवार ।
ना देश की अवाम करती है शहीद के परिवार की फिक्र
शहीद का दर्जा देकर उनके परिवार को भूल जाती है सरकार ॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,...............राज ॥ ७।२८
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यही तो कहना था हमें आप से भी सर्कार से भी
सैनिक होजाये बे फ़िक्र अपनी परिवार के तरफ से
और उनको अच्छा खाना और बुलेट प्रूफ जैकेट मिले
हाथ में लेटेस्ट बंदूके रहे युद्ध का विमान और टैंकर रहे ,,,,,,,शरू ७।३५

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देश की सरहद पर निगाह डालना जाए भूल
देश के दुश्मन को पल भर में चटा दें धूल
ना खाना ना बंदूक ना जेकेट बुलेट प्रूफ
बस हौंसले से जीत जाते है हमारे जवान युद्ध ॥
...........................,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,..राज ॥ ७।50

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अरे यह क्या कह दिया आपने यार ,,?
हौसला भी चाहिए हमारी सैनिकों में
केवल हौसला से काम होगा तमाम
दुश्मन की बन्दुक सी निकली हुई गोली
कर देगी हमारी निशस्त्र सैनिकों की छाती चलनी ,,,,,,,,,,.......शरू ७।५६

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हमारे सैनिकों के हौंसले की रफ्तार अभी थमी नहीं है
और हमारे देश में आधुनिक हथियारों की कमी नहीं है ।
तभी तो कोई भी नहीं करता देश की तरफ आँख उठाने की हिम्मत ।
जान देकर चुकानी पड़ती है दुश्मन को घुसपैठ की कीमत ॥
...............,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज..॥ ८।०६
 
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on: May 18, 2019
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tags: POEM
language: hi

Chal kar dekha hai akser,,
Maine apni chal se tez 'Shahib'
Par waqt aur takdeer se aage ,,
kabhi nikal na saka,,
Jinke pass apne hai,,
Wo apno se jhagadte hai,,
Jinka koi nahi apna,,
Wo apno ko taraste hai,,
Kal na hum honge na gila hoga,,
Sirf simtee huyi yaado ka,,
Shil-shila hoga,,
Jo lamhe hai chalo haskar bita le,,
jAANE KAB ZINDAGI KA KYA FAISHALA HOGA ,,..
 
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on: May 14, 2019
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tags: friends
language: hi

उसकी तरह मैं ज़िद पर अड़ना सीख रहा हूँ
तकदीर हूँ, कुछ कुछ बिगड़ना सीख रहा हूँ

मैं भूल गया था बिछड़ना पिछली मर्तबा
मिलकर उसे, उससे बिछड़ना सीख रहा हूँ

इक ज़ख्म देकर उसने अपना तार्रुफ़ दिया
खंजर हूँ मैं, सीने में गड़ना सीख रहा हूँ

गिरने पे मेरे एतराज़ कर रहे हो क्यूँ
पंछी नया नया हूँ, उड़ना सीख रहा हूँ

मुझे फेंकने वाले के हुनर पे सवाल कर
मैं हुक्म का इक्का हूँ, पड़ना सीख रहा हूँ

पतझड़ में जो बहार है वो मेरे दम पर है
मैं आखरी पत्ता हूँ , झड़ना सीख रहा हूँ

देखो नहीं झटकना इस बार मुझको तुम
दामन तुम्हारा फिर पकड़ना सीख रहा हूँ
 
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on: May 13, 2019
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language: hi

,,,,,,,,,,,,,,,,,,आया है चुनाव ,,,,,,,,,,,,,,,,,,
१.
आगया देखो चुनाव का मौसम
हो गया वादो का गर्म बाजार
निकल पड़े नेता जनता को लुभाने
लेकर झूटे सपनो की भरमार ॥
.........,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,..................राज ॥ ६.१२
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यार यह तो तुम ठीक ही कहा
लोगों को एक बार खरीद लिया
फिर पांच साल सो ओढ़ के सो लिया
यही तो होता आया है इतना साल ...........................शरू ,,६,२१
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२.
यही तो, झूटे वादो से अवाम का हालत बिगड़ रहा है
विकास के क्षेत्र में देश हमारा कब से पिछड़ रहा है ।
अमीर और अमीर और गरीब और गरीब हो रहा है
नेताओ का धन दौलत बहुत तेजी से बढ़ रहा है ॥
.........................................................................राज ॥ ६.२८
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आवाम तो बहुत आशा रखी थी
अब की बार तो कुछ होगा
गरीब की रिड की हड्डी को
मलम मिल जायेगी , मगर अफ़सोस .........................शरू ६.३५
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३,
जनता तो बेचारी इसी उम्मीद में वोट देती है
अच्छे दिन की तस्वीर आंखो में संजोती है ।
लेकिन नेता करते हैं हमेशा जनता के साथ धोखा
पूरी नहीं होती जरूरत मकान कपड़ा और रोटी का ॥
.............................................................................राज ॥६.४१
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अब करे तो क्या करे गरीब सुनता कौन
सत्ता बदलकर भी देखा उस बेचारा ने
अंजाम तो वही का वही रह गया
भारत का अच्छे दिन कब आएगा कोई न जाने .......? .......शरू ६ ४५
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...४
करना कुछ नहीं है जनता को बनना पड़ेगा होशियार
जो करे देश का विकास चुनना होगा ऐसी सरकार ।
जो रखे ख्याल देश के हर एक नागरिक का
ना करे जो धोखा अवाम से ना करे कोई भ्रष्ट्राचार ॥
.........,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,............राज ॥६.५३
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लोग भी तो हमारी देश की ऐसे ही हैं बेकार
चुनाव का मौसम आया थोड़ा शराब के लिए
थोड़े पैसों के लिए बेच देते हैं अपनी कीमती वोट
फिर पांच साल मर मर के जीते हैं सीके होंठ ......................शरू ६.५७
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ये तो आपने बहुत दुरुस्त फरमाया हुजूर
काफी हद तक जनता का भी है कुसूर ।
कहीं शराब कहीं कबाब और पैसे का लालच
कहीं जातिवाद से अच्छी सरकार सत्ता से है दूर ॥
.........,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,............,राज.७,०२
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXxxxx ॥
सत्तर साल से ऊपर होगये आज़ादी को
फिर भी हम रह गए हैं वहीँ का वहीँ
हमारी देश कृषि प्रधान है ,कर रहे हैं
किसान तो हार मान कर आत्मा हत्या
खेत में अन्न नहीं उगेगा तो क्या खाएंगे ...? ..........................शरू ...७.०८
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX xxxxxxxxxx
६.
कुछ तो नेताओ के इच्छा शक्ति में कोई दम नहीं है
वर्ना एक मुल्क के विकास को सत्तर साल कम नहीं है ॥
वैसे देश विकास की और चल सकता है नहीं हुई है अभी देर
अच्छे नेताओ को चुनो अच्छे दिन आएंगे जरूर देर सबेर ॥
.......................................................................................राज॥७.१६
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX xxx
नेता लोग ही सही नहीं हैं असल में
चुन के आते हैं झूठे वादा के सहारे
हर जगह में भ्रष्टाचार कनेवाले लोग
फिर कैसे होगी कब होगी देश का उद्धार ,,?,,,,,,,,......................शरू ७.२२
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७.
चाहे जो हो जनता की उम्मीद की रफ्तार अभी नहीं है थमी
वैसे देश में अच्छे लोग अच्छे नेताओं की भ नहीं है कोई कमी ।
बस जरूरत है सभी को एकजुट होकर करना होगा मतदान
फिर शायद ना हो किसी आँख में नमी हर चेहरे पर हो मुस्कान
.....................................................................................राज॥ ७.३०
हमें लगता है अच्छे लोग सब होगये ख़त्म
जो थे देश भक्त और जानते थे देश के नस
देश को चलाना जानते थे ,वोह लोग थे तजुर्बेदार
अब न रहा किसी पर भरोसा हर जगह भ्रष्टाचार .....................शरू ७.३५
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on: May 10, 2019
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language: hi

पापा आफिस में पहुंचे ही थे कि स्कूल से फोन आया!

सुरीली आवाज में एक मैम बोलीं –
“सर! आप की बेटी जो सेकंड क्लास में है,
मैं उसकी क्लास टीचर बोल रहीं हूँ।
आज पैरंट्स टीचर मीटिंग है। रिपोर्ट कार्ड दिखाया जाएगा।
आप अपनी बेटी के साथ टाईम से पहुंचें।”..

बेचारे पापा क्या करते।
आदेश के पाबंद… तुरंत छुट्टी लेकर, घर से बेटी को लेकर स्कूल पहुंच गए।

सामने गुलाबी साड़ी पहने,छोटी सी बिंदी लगाए, नयी उम्र की, गोरी सी लेकिन बेहद तेज मैम बैठी थी।

पापा कुछ बोल पाते कि इससे पहले लगभग डांटते हुए बोलीं -” आप अभी रुकिए, मैं आप से अलग बात करूंगी।”

पापा ने बेटी की तरफ देखा, और दोनों चुपचाप पीछे जाकर बैठ गए।

“मैम बहुत गुस्से में लगती हैं” – बेटी ने धीरे से कहा। “तुम्हारा रिपोर्ट कार्ड तो ठीक है” – उसी तरह पापा भी धीरे से बोले। “पता नहीं पापा, मैंने तो देखा नहीं। “-बेटी ने अपना बचाव किया। “मुझे भी लगता है, आज तुम्हारी मैम तुम्हारे साथ मेरी भी क्लास लेंगी।” – पापा खुद को तैयार करते हुए बोले।

वो दोनों आपस में फुसफुसा ही रहे थे कि तभी मैम खाली होकर बोलीं – “हाँ! अब आप दोनों भी आ जाइए।

पापा किसी तरह उस शहद भरी मिर्ची सी आवाज के पास पहुंचे। और बेटी पापा के के पीछे छुप कर खड़ी हो गई।

मैम- देखिए! आप की बेटी की शिकायत तो बहुत है लेकिन पहले आप इसकी परीक्षा की कापियां और रिपोर्ट देखिए। और बताइए इसको कैसे पढ़ाया जाये।
… मैम ने सारांश में लगभग सारी बात कह दी..
मैम- पहले इंग्लिश की कापी देखिए.. फेल है आप की बेटी।

… पापा ने एक नजर बेटी को देखा, जो सहमी सी खड़ी थी.. फिर मुस्कुरा कर बोले…
पापा – अंग्रेजी एक विदेशी भाषा है। इस अम्र में बच्चे अपनी ही भाषा नहीं समझ पाते।

… इतना मैम को चिढ़ने के लिए काफी था…
मैम- अच्छा! और ये देखिए! ये हिंदी में भी फेल है। क्यों?

… पापा ने फिर बेटी की तरफ देखा.. मानो उसकी नजरें साॅरी बोल रहीं हों…

पापा – हिंदी एक कठिन भाषा है। ध्वनि आधारित है। इसको जैसा बोला जाता है, वैसा लिखा जाता है। अब आप के इंग्लिश स्कूल में कोई शुद्ध हींदी बोलने वाला नहीं होगा…

…..पापा की बात मैम बीच में काटते हुए बोलीं…
मैम – अच्छा… तो आप और बच्चों के बारे में क्या कहेंगे जो….

इस बार पापा ने मैम की बात काट कर बोले..
पापा – और बच्चे क्यों फेल हुए ये मैं नहीं बता सकता… मै तो….

मैम चिढ़ते हुए बोली – “आप पूरी बात तो सुन लिया करो, मेरा मतलब था कि और बच्चे कैसे पास हो गये…” फेल नहीं”…

अच्छा छोड़ो ये दूसरी कापी देखो आप। आज के बच्चे जब मोबाइल और लैपटॉप की रग रग से वाकिफ हैं तो आप की बच्ची कम्प्यूटर में कैसे फेल हो गई?

…. पापा इस बार कापी को गौर से देखते हुए, गंभीरता से बोले – “ये कोई उम्र है कम्प्यूटर पढ़ने और मोबाइल चलाने की। अभी तो बच्चों को फील्ड में खेलना चाहिए।

… मैम का पारा अब सातवें आसमान पर था… वो कापियां समेटते हुए बोली-” सांइस की कापी दिखाने से तो कोई फायदा है नहीं। क्योंकि मैं भी जानती हूँ कि अल्बर्ट आइंस्टीन बचपन फेल होते थे।”

… पापा चुपचाप थे…

मैम ने फिर शिकायत आगे बढ़ाई – “ये क्लास में डिस्पलिन में नहीं रहती, बात करती है, शोर करती है, इधर-उधर घूमती है।

पापा ने मैम को बीच में रोक कर, खोजती हुई निगाह से बोले…

पापा – वो सब छोड़िए! आप कुछ भूल रहीं हैं। इसमें गणित की कापी कहां है। उसका रिजल्ट तो बताइए।

मैंम-(मुंह फेरते हुए) हां, उसे दिखाने की जरूरत नहीं है।

पापा – फिर भी, जब सारी कापियां दिखा दी तो वही क्यों बाकी रहे।

मैम ने इस बार बेटी की तरफ देखा और अनमने मन से गणित की कापी निकाल कर दे दी।

…. गणित का नम्बर, और विषयों से अलग था…. 100%…..
मैम अब भी मुंह फेरे बैठी थीं, लेकिन पापा पूरे जोश में थे।

पापा – हाँ तो मैंम, मेरी बेटी को इंग्लिश कौन पढ़ाता है?
:
मैम- (धीरे से) मैं!
:
पापा – और हिंदी कौन पढ़ाता है?
:
मैम- “मै”
:
पापा – और कम्प्यूटर कौन पढ़ाता है?
:
मैम- वो भी “मैं”
:
पापा – अब ये भी बता दीजिए कि गणित कौन पढ़ाता है?
:
मैम कुछ बोल पाती, पापा उससे पहले ही जवाब देकर खड़े हो गए…
पापा – “मैं”…
:
मैम – (झेंपते हुए) हां पता है।
:
पापा- तो अच्छा टीचर कौन है????? दुबारा मुझसे मेरी बेटी की शिकायत मत करना। बच्ची है। शरारत तो करेगी ही।
:
मैम तिलमिला कर खड़ी हो गई और जोर से बोलीं-“””मिलना तुम दोनों आज घर पर, दोनों बाप बेटी की अच्छे से खबर लेती हूं”””!!!
 
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by: Saloni
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on: May 9, 2019
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language: hi

ज़िन्दगी एक गुज़रती हुई परछाई है,
आईना तमाशा देखता रहता है अपना ।
सलोनी
 
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on: May 8, 2019
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language: hi

,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,प्यार ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

यह प्यार क्या होती है ?
क्यों होती है ?
क्या इंसान जी नहीं सकता
प्यार के बिना,,,,,,,?,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ,,,,,,,,,,५।१६
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
सजी है संसार प्यार से नहीं इस दुनिया में
प्यार से कोई भी प्यारा
सच तो यह है कि प्यार के बिना
दुनिया में किसी का गुजारा नहीं होता ॥ ६।
।।।।।।।,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ॥
६,२३
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
2
मगर यह प्यार होती नहीं शाश्वत
कभी होती है आधी अधूरा
झेलना पड़ता है छोटा सा दिल को
बर्दाश्त करना पड़ता है दर्द बहुत ,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ५,२९
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
यह तो सच कहा तुमने यार
कभी मुकम्मल नहीं होता है प्यार ।
अगर कभी खत्म हो जाए जहॉ प्यार
बस समझो वहाँ खत्म हो जाता है प्यार ॥
।।।।।।।।,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ॥ ५,३५
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

कितने भी उदाहरण है दुनिया में
दो प्यार करनेवालों को मिलने
नहीं दिया इस दुनिया वालों ने
फिर भी मिठा न सके प्यार को ,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ५,३८
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
हमेशा ऐसा भी नहीं है यार
ये दुनिया बिल्कुल बेजार नहीं है।
सभी प्यार करने वाले बिछड़ते नहीं
बहुत मिले भी हैं यारा करने वाले प्यार ॥
।।।।।।।।।,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज॥ ५,४७
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
 
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on: May 8, 2019
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language: hi

चल पड़ा हूं खुद को लेकर,

इस भीड़ भरी दुनिया में,

मंजिल को पाऊंगा,

या मिल जाऊंगा मिट्टी में,

चल पड़ा हूं खुद को लेकर,

इस भीड़ भरी दुनिया में।
 
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by: Saloni
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on: May 6, 2019
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tags: नमी
language: hi

शाम से आँखो में नमी सी है,

यूँ लगता है तुम्हारी कमी सी है,

क्यों किया था तुमसे प्यार ,

दिल है बहुत बेकरार,

सब इलाज ऐ हाकिम किया ,

न दिल का दर्द गया ।

सलोनी
🌻🌻🌻
🌸🌸🌸
🏵️🏵️🏵️
 
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by: Saloni
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on: May 5, 2019
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tags: जान
language: hi

कहते है लोग होश में नही हूं मैं,
जैसे भी हूँ मै,
पर मद-होश भी नहीं हूँ मैं।

न लेना मुझे किसी की जान ,
करती हूं सब का मान ,

दिल में है बहुत सकून,
की मुझमें है बहुत जनून ।

सलोनी
🏵️🏵️🏵️
🌼🌼🌼
🌹🌹🌹
 
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by: Saloni
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on: May 3, 2019
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language: hi

तकदीर लिखने वाले
एक एहसान लिख दे

मेरे दोस्त
की तकदीर में,
मुस्कान लिख दे

ना मिले जिंदगी में,
कभी भी दर्द उसको

चाहे
उसकी किस्मत में,
मेरी जान लिख दे !
सलोनी
 
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by: Saloni
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on: May 2, 2019
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tags: तुम
language: hi

तुम ने कभी नींद का दीदार नहीं किया शायद ,
तुम ज़माने के रखवाले में फ़ना होते चले गए।
खुद तुम्हारे अपने ख़फ़ा हो गए तुमसे,
तुम क्या थे और क्या होते चले गए।
सलोनी
 
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by: Saloni
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on: Apr 29, 2019
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language: hi

जो कह न सके हम ज़ुबाँ से,
उसका एहसास तुम्हे जताना है,
मोहब्बत है तुमसे बेइंतहा, नज़रों से ये तुम्हे बताना है..!!
सलोंनी
 
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on: Apr 28, 2019
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tags: friends
language: hi

ख्वाहिशो ने ही भटकाये है,
जिंदगी के रास्ते...
वरना...
रूह तो उतरी थी ज़मीं पे,
मँजिल का पता लेकर...!!
वो चाँदनी का बदन खुशबुओं का साया है,
बहुत अजीज़ हमें है मगर पराया है,
उसे किसी की मोहब्बत का ऐतबार नहीं,
उसे ज़माने ने शायद बहुत सताया है।
दुआ मांगी थी आशियाने की,
चल पड़ी आंधियां ज़माने की,
मेरे गम को कोई समझ न पाया,
मुझे आदत थी मुस्कराने की॥
जब तक न लगे बेवफ़ाई की ठोकर दोस्त,
हर किसी को अपनी पसंद पर नाज़ होता है।
 
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on: Apr 28, 2019
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tags: friends
language: hi

ज़रा सी ज़िंदगी है, अरमान बहुत हैं;
हमदर्द नहीं कोई, इंसान बहुत हैं;
दिल के दर्द सुनाएं तो किसको;
जो दिल के करीब है, वो अनजान बहुत है |
बड़ी अजीब सी है शहरों की रौशनी,
उजालों के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल है।
हालात ही कुछ ऐसे है कि खामोश हूँ वरना..
दफन मेरे सीने में तुफान बहुत है..
मै शायर हु मोहब्बत का
इश्क से नज्‍म सजाता हूँ
कभी पढ़ता हूं मोहब्बत को
कभी मोहब्बत लिख जाता हूँ...
 
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on: Apr 28, 2019
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tags: friends
language: hi

“हमें न मोहब्बत मिली, न प्यार मिला,
हमको जो भी मिला बेवफा यार मिला,
अपनी तो बन गई तमाशा जिंदगी,
हर कोई अपने मकसद का तलबगार मिला.”
“गुनाह करके सज़ा से डरते हैं,
जहर पी के दवा से डरते हैं,
दुश्मनों के सितम का खौफ नहीं,
हम तो दोस्तों की वफ़ा से डरते हैं.”
उन्हें चाहना हमारी कमजोरी हैं,*
उनसे कह ना पाना हमारी मजबूरी हैं...
थोडा इश्क़ हमें भी कर लेने दो जनाब...
सब नेक बन गए तो गुनाह कौन करेगा..!!
साँस थम जाती है पर जान नहीं जाती;
दर्द होता है पर आवाज़ नहीं आती;
अजीब लोग हैं इस ज़माने में ऐ दोस्त;
कोई भूल नहीं पाता और किसी को याद नहीं आती।
 
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