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by: Saloni
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on: Apr 18, 2019
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language: hi

आंसू छुपाये थे मैंने
जुदाई मे तेरा ,
दिल तो खूब रोया था
बदनाम किया था मेरा।
सलोंनी
 
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on: Apr 14, 2019
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tags: Friends
language: hi

कपड़े" और "चेहरे",*
*अक्सर झूठ बोला करते हैं~*
*"इंसान" की असलियत तो,*
*"वक्त" बताता है..!!!* बिखरा ही
सही में तेरे शाख का ही
पत्ता हूँ...
न जाने कहाँ खोया हूँ
पर
तुझ में ही कहीं रहता हूँ.
 
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on: Apr 13, 2019
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language: hi







अम्मा, तुम हम सबको बहुत डाँटती थी -
“नल धीरे खोलो... पानी बदला लेता है!
अन्न नाली में न जाए, नाली का कीड़ा बनोगे!

सुबह-सुबह तुलसी पर जल चढाओ,
बरगद पूजो,
पीपल पूजो,
आँवला पूजो,

मुंडेर पर चिड़िया के लिए पानी रखा कि नहीं?

हरी सब्जी के छिलके गाय के लिए अलग बाल्टी में डालो।

अरे कांच टूट गया है। उसे अलग रखना। कूड़े की बाल्टी में न डालना, कोई जानवर मुँह न मार दे।

.. ये हरे छिलके कूड़े में किसने डाले, कही भी जगह नहीं मिलेगी........

माफ़ करना माँ, तुम और तुम्हारी पीढ़ी इतनी पढ़ी नहीं थी पर तुमने धरती को स्वर्ग बनाए रखा,
और हम चार किताबे पढ़ कर स्वर्ग-नरक की तुम्हारी कल्पना पर मुस्कुराते हुए धरती को नर्क बनाने में जुटे रहे।

प्यार और आभार

अम्मा, तुम हम सबको बहुत डाँटती थी -
“नल धीरे खोलो... पानी बदला लेता है!
अन्न नाली में न जाए, नाली का कीड़ा बनोगे!

सुबह-सुबह तुलसी पर जल चढाओ,
बरगद पूजो,
पीपल पूजो,
आँवला पूजो,

मुंडेर पर चिड़िया के लिए पानी रखा कि नहीं?

हरी सब्जी के छिलके गाय के लिए अलग बाल्टी में डालो।

अरे कांच टूट गया है। उसे अलग रखना। कूड़े की बाल्टी में न डालना, कोई जानवर मुँह न मार दे।

.. ये हरे छिलके कूड़े में किसने डाले, कही भी जगह नहीं मिलेगी........

माफ़ करना माँ, तुम और तुम्हारी पीढ़ी इतनी पढ़ी नहीं थी पर तुमने धरती को स्वर्ग बनाए रखा,
और हम चार किताबे पढ़ कर स्वर्ग-नरक की तुम्हारी कल्पना पर मुस्कुराते हुए धरती को नर्क बनाने में जुटे रहे।

प्यार और आभार

 
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by: Saloni
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on: Apr 12, 2019
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language: hi

जो हुआ काश ऐसा न होता ,

दिल का दर्द बयान नही होता ,

वो नही सी ,

और कोई दर्द होता ,

और दिल रोता ,

कोमल सा दिल ,

चकनाचूर नही होता ,

मोतियों जैसे आँसू ,

यूँ नही टपकते ,

जो हुआ सो हुआ ,

न पूँछ क्या हुआ ,

यूँ तो होना था ,

जो हुआ अच्छा हुआ ,

न कोई गम ,

न कोई शिकवा ,

अब न कोई दर्द ,

अब सब सही हुआ।

सलोनी
💐💐💐
🌼🌼🌼
🌸🌸🌸
 
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on: Apr 10, 2019
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language: hi

एक जोहरी की कहानी जिसने एक बच्चे को तरास कर एक हीरा बनाया।
नारायण दास के पिता एक नामी जोहरी थे। पुरा परिवार खुब अच्छे से अपना जीवन यापन कर रहा था। एक दिन नारायण के पिता का निधन हो गया।
नारायण बहुत छोटा था और अपने पिता का काम नहीं संभाल सकता था। पिता के जाने के बाद परिवार एक दम टूट गया। धीरे धीरे परिवर पर कर्ज का बोझ बढ़ने लगा। कुछ ही दिनों में ये हो चला कि परिवार के पास खाने को कुछ ना रहा। उनको दूसरों की मदद का मोहताज होना पड़ा।
एक दिन माँ नीलम का हार देकर बोली की "बेटा इस हार को अपने चाचाजी के पास ले जाओ। इसको बेच कर जो पैसे मिलेंगे उससे घर का खर्चा चल जायेगा। नारायण ने माँ की बात मान कर ऐसा ही किया। नारायण दुकान पर जाकर बोला कि चाचाजी मां ने यह हार दिया है। इसको बेचना है। चाचाजी ने हार को अच्छी तरह से देखा परखा और कहा कि बेटा अभी बाज़ार बहुत मंदा है, अभी इसके उचित दाम नहीं मिल पाएंगे। मां को बोलना कि कुछ दिन रुक जाए, जब बाज़ार सही होगा तब बेच देना। इसके बाद उन्होंने कुछ रुपये नारायण को दिए और बोले कि कुछ दिन इनसे काम चला लो। इसके बाद चाचाजी ने बोला कि बेटा तुम कुछ समय के लिए दुकान पर आ जाया करो, यहां काम कर लो। तुम्हें भी पैसों कि जरूरत है और मझे भी सहारा मिल जाएगा। नारायण ने ये बात मां को बताई और उनकी आज्ञा पाकर अगले दिन से दुकान पर जाने लगा।
दुकाँन पर नारायण ने खूब मन से काम सीखा और बराबर काम करते करते उसको हीरों की अच्छी परख हो गई। ऐसे ही समय बीत गया और अब नारायण 20 साल का हो गया था। लोग दूर दूर से अपने हीरों की जांच करवाने के लिए नारायण दास के पास आते। अब उसका कर्ज भी समाप्त हो गया था। और परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी हो गई थी।
एक दिन नारायण के चाचाजी ने बोला कि नारायण अब बाजार में भाव अच्छा है, अपनी मां से वो हार ले आओ जिसको तुम पहले दिन लाए थे। नारायण को याद आ गया कि चाचाजी किस हार की बात कर रहे हैं। नारायण अपनी मां के पास गया और उनसे वो हार मांगा। माँ न हार नारायण को दे दीया। हार को लेकर नारायण के मन में सबसे पहले ख्याल आया कि क्यूं ना इस हार को जांच लिया जाए। उसने हार को जांचा तो पाया कि हार तो नकली है। इसके बाद नारायण ने हार वहीं रख दिया और वापस दुकान कि तरफ चल पड़ा। दुकाँन पर पहुंचने पर चाचाजी ने नारायण से हार मांगा। इस पर नारायण ने सारी घटना बता दी और बताया की वह हार नकली है। इस पर चाचाजी बोले कि बेटा जब तुम पहले दिन हार लाए थे मझे तभी पता चल गया था कि हार नकली है, लेकिन उस समय अगर मैं तुमको बता देता तो तुम सोचते कि बुरा वक़्त आया है तो चाचाजी हमारे हार को भी नकली बताने लगे। इसलिए मैंने तुमसे बज़ार का भाव कम है बोलकर मना कर दिया था। लेकिन मैं यह भी जानता था कि तुम्हें पैसों की कितनी जरूरत थी। और इसीलिए मैंने उस हार को ना लेकर, इस हीरे को यानी तुमको तराशना उचित समझा। और देखो आज मेरा हीरा उस हार से कहीं ज्यादा कीमती निकला।
 
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by: Saloni
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on: Apr 10, 2019
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language: hi

छोटी सी ज़िन्दगी है,

खाली हाथ आये थे ,

ख़ाली हाथ चले जाएंगे ,

क्या खोया ,

क्या पाया ,

न कोई गम,

न कोई ख़ुशी,

यह ज़िन्दगी की रीत है ।

सलोंनी

🌹🌹🌹
🌻🌻🌻
 
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by: Saloni
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on: Apr 4, 2019
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tags: मैं
language: hi

मै जैसी हूँ ,
तुम से अलग हूँ,
न कोई छल कपट है ,
न दुसरो से जलती हूँ,
अब मैं ऐसी हूँ।

मै जैसी हूँ,
अपने मे खुश हूँ,
अपनों के साथ ,
खुली हवा मे जीती हूँ,
दुसरो के ख़ुशी मे खुश होती हूँ,
अब मैं ऐसी हूँ ,
जैसी भी हूँ,
सब को प्यार और सम्मान करती हूँ ।

सलोंनी
💮💮💮
🌼🌼🌼
🌸🌸🌸
 
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by: Saloni
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on: Apr 1, 2019
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language: hi

आँखों में नींद हो,

चेहरा हसींन हो ,

होटो पर लाली हो,

मुस्कुराहता हुआ चेहरा ,

लोगो को घायल कर देता है,

कुछ खास लोग ,

इस मुस्कराहट के दीवाने है,

दिल ऐ नादान है,

इस में सलोंनी के ,

दिल का क्या कसूर।

सलोनी

🌸🌸🌸
🌼🌼🌼
🏵️🏵️🏵️
🌹🌹🌹
 
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on: Apr 1, 2019
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language: hi

आँखों में नींद हो,

चेहरा हसींन हो ,

होटो पर लाली हो,

मुस्कुराहता हुआ चेहरा ,

लोगो को घायल कर देता है,

कुछ खास लोग ,

इस मुस्कराहट के दीवाने है,

दिल ऐ नादान है,

इस में सलोंनी के ,

दिल का क्या कसूर।

सलोनी

🌸🌸🌸
🌼🌼🌼
🏵️🏵️🏵️
🌹🌹🌹
 
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on: Apr 1, 2019
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language: hi

आँखों में नींद हो,

चेहरा हसींन हो ,

होटो पर लाली हो,

मुस्कुराहता हुआ चेहरा ,

लोगो को घायल कर देता है,

कुछ खास लोग ,

इस मुस्कराहट के दीवाने है,

दिल ऐ नादान है,

इस में सलोंनी के ,

दिल का क्या कसूर।

सलोनी

🌸🌸🌸
🌼🌼🌼
🏵️🏵️🏵️
🌹🌹🌹
 
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on: Mar 26, 2019
ratings: 5

language: hi

गुज़रा हुआ कल फिर लौट के न आएगा,
सुनेहरा पल फिर नही आयेगा ,
चंद लम्हे ख़ुशी के आये थे ,
समभाल के रखना ,
आकेलेपन में आपका साथ निभाएगा।
सालोनी
 
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on: Mar 23, 2019
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tags: INSAAN...
language: hi

Arz hai ...

INSAAN khud ki nazzar mein hi sahi hona chahiye ...

Duniya tho bhagwan se BHI dukhi hai ....

Be happy and keep smiling 😍😍😍😍😍
 
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on: Mar 17, 2019
ratings: 5

tags: TKB
language: hi

इक नदी किनारे बैठा
रेत के पन्नों पर,
कुछ याद तूझे कर लेता हूं,
कुछ सपने,
कुछ पल, कुछ उमंग,
सोच सोच कर लिख देता हूं,
तुम उस नदी की
इक कमसीन लहर
समान हो जैसे,
चुपके से अाती हो,
छू मुझे वापस,
घाट से चली जाती हो,
बार बार क्यों,
ऐसे सताती हो,
मेरी रेतिले पन्नों,
को तुम एक छण
रौंद जाती हो...
क्यों बार बार
सताती हो...
ले लो मुझे
अपनी अागोश में,
या मुझमें
समा जाअो तुम,
बार बार मेरे सपनों को
न इस तरह मिटाअो तुम,
न इस तरह मिटाअो तुम... (बीगदोस्त)
इक नदी किनारे बैठा
रेत के पन्नों पर,
कुछ याद तूझे कर लेता हूं,
कुछ सपने,
कुछ पल, कुछ उमंग,
सोच सोच कर लिख देता हूं,
तुम उस नदी की
इक कमसीन लहर
समान हो जैसे,
चुपके से अाती हो,
छू मुझे वापस,
घाट से चली जाती हो,
बार बार क्यों,
ऐसे सताती हो,
मेरी रेतिले पन्नों,
को तुम एक छण
रौंद जाती हो...
क्यों बार बार
सताती हो...
ले लो मुझे
अपनी अागोश में,
या मुझमें
समा जाअो तुम,
बार बार मेरे सपनों को
न इस तरह मिटाअो तुम,
न इस तरह मिटाअो तुम... (बीगदोस्त)
https://farm5.staticflickr.com/4336/37070227570_897550a24a_b.jpg
 
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on: Mar 16, 2019
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tags: .....
language: hi

हर किसी को नहीं आते
बेजान बारूद के कणों में
सोई आग के सपने नहीं आते
बदी के लिए उठी हुई
हथेली को पसीने नहीं आते
शेल्फ़ों में पड़े
इतिहास के ग्रंथो को सपने नहीं आते
सपनों के लिए लाज़मी है
झेलनेवाले दिलों का होना
नींद की नज़र होनी लाज़मी है
सपने इसलिए हर किसी को नहीं आते
 
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on: Mar 15, 2019
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language: hi

........ज़िन्दगी और कुछ नहीं ....jugal bandi
1
तुम हो मेरे दिल के पास
फिर क्यों है दिल तेरा उदास ?
हो तुम तो बहुत ही जहीन
फिर जाना क्यों हो तुम ग़मगीन ?
........................................................................राज...३.०० p m

दिन बदल जाता है अँधेरी रात में ,
ऋतू एक के बाद एक बदलते रहते है ,
इंसान के अंदर भी होता है उतार चढाव ,
अब एक भाव है तो दूसरा ही फल दूसरा भाव ..............शरू ३.३५pm

2
दिन की तरह तुम कहीँ डूब न जाना ,
मौसम की तरह कहीँ तुम बदल न जाना ,
लाख आए उतार चढाव ज़िंदगी में ,
मौकों की तरह कहीँ तुम फिसल न जाना ॥
.........................................................................राज..३.४० pm

कोशिश तो यही रहेगी हमेशा मेरी
मुसाफिर के तरह आगे निकल न जावू
रुख जावू डेरा डाल के एक जगह
फिर भी इंसान होता है विधि के मोहताज .!.................शरू..३.४४pm

3
हमारे प्यार मे विधि का न कोई दखल हो ,
कसम है विधि के नियम को बदल दो ।
खुदा से माँगलूँ तुम्हे तुम पर हक़ है मेरा ,
सदा के लिए डालदो तुम मेरे दिल पर डेरा ॥
.........................................................................राज...३.50pm

मान लिया आप को,आज भी है वही तेवर ,
जो देखी थी बरसों पहले यहां पर यार ,
विधि की नियम को बदल डालने की हिम्मत ,
और खुद को देवदास पारो बनाने की ताकत .............शरू..३.५६pm

4
चाहे जैसे हो हालात ज़िंदगी की रफ्तार कभी न हे थम ,
प्यार मे तेवर बदल जाए तो यारा प्यार हो जाता है कम ।
कसकर रखता हूँ ज़िंदगी को, कभी न देता ढील ,
दुनियाँवालों से देखना एक दिन तुमको लूँगा मैं छीन ॥
..........................................................................राज..४.०३pm

वाह !....क्या ज़िन्दगी है एक घोडा गाडी ?
जो तुम कसके पकड़के रखोगे ..?
ज़िन्दगी कब, कैसे फिसल जाए कोई न जाने ,
रेत् की तरह उंगुलियों के बीच में से अपनी................शरू ४.०७ pm
 
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on: Mar 7, 2019
ratings: 5

language: hi

......नारी नहीं अब बेचारी.:----

यह ख्याल आया, नारी नहीं हो तो क्या होता हाल ?
कैसे चलती ये दुनिया, कैसे चलती ये कायनात ?
प्यार की सूरत है, ममता की मूरत है नारी,
कौन केह्ता है अबला है ? अब नारी नहीं है बेचारी,

जिंदगी के हर मोड पर पुरुष से कंधा मिलाकर,
साथ साथ चलती है वो पुरुष को संभालकर,
आज हर क्षेत्रा मे पुरुष से पीचे नहीं है,
राजनेत्री, अभिनेत्री, खेल हो या पढ़ाई, नीचे नहीं है,

जन सेवा हो या सेना, हर जगह अपना रंग जमाया है,
अंतरिक्ष हो या हिमालया, अपना परचम लहराया है,
पर ये तो बस सिक्के का एक पहलू है यार,
नारी को नहीं मिला सम्मान जिसकी है वो हक़दार,

आज भी अपनी बेबसी पर नारी कहीं रोती है,
नारी अब भी अपने सिर पर मैला धोती है,
हर वर्ग मे पुरुषो द्वारा शोषित होती है कामिनी,
सरे आम सामूहिक दुष्कर्मा का शिकार होती है दामिनी,

पैदा होने से पेहले ही कोख मे मार दिया जाता है,
कहीं खिलने से पेहले ही उन्हे मसल दिया जाता है,
तक कर निढाल होती है पर कभी रुकती नहीं है,
ढेरो जुल्मो सितम सेहकर भी कभी टूटती नहीं है,

दुनिया की हर नारी के लिये मेरा यह कलाम है,
अंतराष्ट्रिया महिला दिवस पर नारी को मेरा सलाम है.
............... ............... ................................by . राजेश सिंह

( अंटरास्ट्रिया महिला दिवस पर ...... विशेष कविता )
 
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on: Mar 1, 2019
ratings: 6

language: hi

,,,,,,,,,,,,,,,,, टेररिज्म ,,,,,,,,,,,,,,
१,
यह उग्रगामियों को क्या कहे,,,,?
क्या इनका माँ बाप नहीं ,,,,?
कोई बीबी ,भाई ,बहन नहीं ,,?
क्यों यह लोग खून के प्यासे हैं ,,,,,?,,,,,,,,शरू ३,३१

xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

इन उग्रवादियों का ना कोई माँ बाप होते हैं
ना ही होता है इनका कोई बहन ना कोई भाई
आतंक ही इनका धर्म है ईमान है मजहब है
इंसानियत नहीं इनमे ये हैं बिल्कुल कसाई ॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ॥ ३,३६

xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx


इनको हम भारतवासियों पर
क्यों है इतना गुस्सा ।
यही से ही तो निकले थे वे
यह नाते से हुए हमारे भाई ,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ३,४६

xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

भले कहीं से निकले हो नहीं है इनका कोई वतन
सिर्फ भारत ही नहीं ये है पूरे विश्व के दुश्मन ।
मजहब के नाम पर भोले नौजवानों को बहकाना
इनका काम ये बस इंसानियत का खून बहाना ॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ॥ ३,५३

xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

क्या मिलता है इन को बहाने से खून ,,,,,,?
क्यों नहीं रहने देते दुनिया में अमन ,,?
कितना माँ बहनो का मिला होगा शाप इनको
मिलता है जन्नत ,खून बहाने से, कहना है इनका।,,,,,,,,,शरू ३,५८

xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

जिहाद से मिलेगा जन्नत, इनका तो यही है गलतफहमी
72 हूरें के लालच में खून से रंग देते हैं ये अपनी ही सरजमीं ।
इन काफिरों को तो खून बहाने से ही मिलता है चैन
ये अमन के दुश्मन हैं मरकर भी शायद ही मिलता है इनको चैन ॥
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज,,,,,,,,,४,०८
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

इन्हे मरना है तो मरे अपने ही देश में
भारत देश के अंदर आते हैं क्यों यह दरिंदे ,,,,,,,?
आज़ादी के बाद खोये हैं हम कितने जान
किया है क्या ऐसी गुनाह हम भारत की वासी ,,,,,,,,,शरू ,,४,१३
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

इनका ना कोई देश होता है ना कोई वतन
हमेशा खून बहाने का करते है ये बस जतन ।
हम भारतवासी का तो बस यही है गुनाह
उस मुल्क के साथ नरमी बरती जिस मुल्क ने दिया इनको पनाह ॥ ,राज,,,4.20
 
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on: Mar 1, 2019
ratings: 4

language: hi

चरित्रहीन ---- एक प्रेरणादायक कहानी -एक बार अवश्य पढे ...पसंद आये तो जरूर शेयर करे।..............

एक बार एक बुजुर्ग को उनके बातो से प्रभावित हो एक औरत ने उन्हें अपने घर खाने का निमंत्रण दिया । बुजुर्ग निमंत्रण स्वीकार कर उस औरत के घर भोजन के लिए चल पड़े । रास्ते में जब लोगों ने उस औरत के साथ बुजुर्ग को देखा तो, एक आदमी उनके पास आया और बोला कि आप इस औरत के साथ कैसे? बुजुर्ग ने बताया कि वह इस औरत के निमंत्रण पर उसके घर भोजन के लिए जा रहे हैं, यह जानने के बाद उस व्यक्ति ने कहा कि आप इस औरत के घर न जाऐं आप की अत्यंत बदनामी होगी

क्योंकि यह औरत चरित्रहीन है।
इसके बावजूद बुजुर्ग न रुके, कुछ ही देर में यह बात जंगल में आग की तरह फैल गई। आनन फानन में गांव का मुखिया दौडता हुआ आ गया और बुजुर्ग से उस औरत के यहां न जाने का अनुरोध करने लगा।

विवाद होता देख बुजुर्ग ने सबको शांत रहने को कहा, फिर मुस्कराते हुए मुखिया का एक हाथ अपने हाथ में कस कर पकड़ लिया और बोले क्या अब तुम ताली बजा सकते हो?
मुखिया बोला एक हाथ से भला कैसे ताली बजेगी ।

इस पर बुजुर्ग मुस्कुराते हुए बोले जैसे एक हाथ से ताली नहीं बज सकती तो अकेली औरत कैसे चरित्रहीन हो सकती है जब तक कि एक पुरुष उसे चरित्रहीन बनने पर बाध्य न करे। चरित्रहीन पुरुष ही एक औरत को चरित्रहीन बनाने में जिम्मेदार है।

यह कैसी विडम्बना है कि इस कथित " पुरुष प्रधान समाज के अभिमान में ये पुरुष अपनी झूठी शान के लिए औरत को केवल अपने उपभोग की वस्तु भर समझता है और भूल जाता है कि जिस औरत को वह चरित्रहीन कह रहा है उसका जिम्मेदार वह स्वयं है।

ॐ शांति
 
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on: Mar 1, 2019
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language: hi

संस्कृत :
कुछ रोचक तथ्य....

संस्कृत के बारे में ये 20 तथ्य जान कर आपको भारतीय होने पर गर्व होगा।

आज हम आपको संस्कृत के बारे में कुछ ऐसे तथ्य बता रहे हैं,जो किसी भी भारतीय का सर गर्व से ऊंचा कर देंगे;;

.1. संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी माना जाता है।

2. संस्कृत उत्तराखंड की आधिकारिक भाषा है।

3. अरब लोगो की दखलंदाजी से पहले संस्कृत भारत की राष्ट्रीय भाषा थी।

4. NASA के मुताबिक, संस्कृत धरती पर बोली जाने वाली सबसे स्पष्ट भाषा है।

5. संस्कृत में दुनिया की किसी भी भाषा से ज्यादा शब्द है।
वर्तमान में संस्कृत के शब्दकोष में 102 अरब 78 करोड़ 50 लाख शब्द है।

6. संस्कृत किसी भी विषय के लिए एक अद्भुत खजाना है।
जैसे हाथी के लिए ही संस्कृत में 100 से ज्यादा शब्द है।

7. NASA के पास संस्कृत में ताड़पत्रो पर लिखी 60,000 पांडुलिपियां है जिन पर नासा रिसर्च कर रहा है।

8. फ़ोबर्स मैगज़ीन ने जुलाई,1987 में संस्कृत को Computer Software के लिए सबसे बेहतर भाषा माना था।

9. किसी और भाषा के मुकाबले संस्कृत में सबसे कम शब्दो में वाक्य पूरा हो जाता है।

10. संस्कृत दुनिया की अकेली ऐसी भाषा है जिसे बोलने में जीभ की सभी मांसपेशियो का इस्तेमाल होता है।

11. अमेरिकन हिंदु युनिवर्सिटी के अनुसार संस्कृत में बात करने वाला मनुष्य बीपी, मधुमेह,कोलेस्ट्रॉल आदि रोग से मुक्त हो जाएगा।
संस्कृत में बात करने से मानव शरीरका तंत्रिका तंत्र सदा सक्रिय रहता है जिससे कि व्यक्ति का शरीर सकारात्मक आवेश (PositiveCharges) के साथ सक्रिय हो जाता है।

12. संस्कृत स्पीच थेरेपी में भी मददगार है यह एकाग्रता को बढ़ाती है।

13. कर्नाटक के मुत्तुर गांव के लोग केवल संस्कृत में ही बात करते है।

14. सुधर्मा संस्कृत का पहला अखबार था, जो 1970 में शुरू हुआ था।
आज भी इसका ऑनलाइन संस्करण उपलब्ध है।

15. जर्मनी में बड़ी संख्या में संस्कृतभाषियो की मांग है।
जर्मनी की 14 यूनिवर्सिटीज़ में संस्कृत पढ़ाई जाती है।

16. नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार जब वो अंतरिक्ष ट्रैवलर्स को मैसेज भेजते थे तो उनके वाक्य उलट हो जाते थे। इस वजह से मैसेज का अर्थ ही बदल जाता था।
उन्होंले कई भाषाओं का प्रयोग किया लेकिन हर बार यही समस्या आई।
आखिर में उन्होंने संस्कृत में मैसेज भेजा क्योंकि संस्कृत के वाक्य उल्टे हो जाने पर भी अपना अर्थ नही बदलते हैं।
जैसे
अहम् विद्यालयं गच्छामि।
विद्यालयं गच्छामि अहम्।
गच्छामि अहम् विद्यालयं ।
उक्त तीनो के अर्थ में कोई अंतर नहीं है।

17. आपको जानकर हैरानी होगी कि Computer द्वारा गणित के सवालो को हल करने वाली विधि यानि Algorithms संस्कृत में बने है ना कि अंग्रेजी में।

18. नासा के वैज्ञानिको द्वारा बनाए जा रहे 6th और 7th जेनरेशन Super Computers संस्कृतभाषा पर आधारित होंगे जो 2034 तक बनकर तैयार हो जाएंगे।

19. संस्कृत सीखने से दिमाग तेज हो जाता है और याद करने की शक्ति बढ़ जाती है।
इसलिए London और Ireland के कई स्कूलो में संस्कृत को Compulsory Subject बना दिया है।

20. इस समय दुनिया के 17 से ज्यादा देशो की कम से कम एक University में तकनीकी शिक्षा के कोर्सेस में संस्कृत पढ़ाई जाती है।

संस्कृत के बारे में ये 20 तथ्य जान कर आपको भारतीय होने पर गर्व होगा!

और हमारे भारतीय लोगों की मूर्खता की पराकाष्ठा तो देखिये वो हमारी मूल भाषा को छोड़कर अंग्रेजी जैसे विक्षिप्त और गरीब भाषा को बोलने पर गर्व करते हैं..!! जागरूक बनिये... मातृभाषा हिंदी और संस्कृत को प्राथमिकता दीजिए..!!

संस्कृत भारती
जनजागरूकता हेतु लेख को आगे साझा अवश्य करें..!!
वंदेमातरम् 🚩 🚩
 
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on: Mar 1, 2019
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language: hi

जय श्री महाकाल हर हर महादेव
" शिवाष्टकम
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं। विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपं।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं। चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहं ॥१॥

निराकारमोंकारमूलं तुरीयं। गिरा ग्यान गोतीतमीशं गिरीशं।
करालं महाकाल कालं कृपालं। गुणागार संसारपारं नतोऽहं ॥२॥

तुषाराद्रि संकाश गौरं गम्भीरं। मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरं।
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गंगा। लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजंगा ॥३॥

चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं। प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालं।
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं। प्रियं शंकरं सर्वनाथं भजामि ॥४॥

प्रचण्डं प्रकृष्टं प्रगल्भं परेशं। अखण्डं अजं भानुकोटिप्रकाशम्।
त्रय: शूल निर्मूलनं शूलपाणिं। भजेऽहं भवानीपतिं भावगम्यं ॥५॥

कलातीत कल्याण कल्पांतकारी। सदासज्जनानन्ददाता पुरारी।
चिदानन्द संदोह मोहापहारी। प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी ॥६॥

न यावद् उमानाथ पादारविंदं। भजंतीह लोके परे वा नराणां।
न तावत्सुखं शान्ति सन्तापनाशं। प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासं ॥७॥

न जानामि योगं जपं नैव पूजां। नतोऽहं सदा सर्वदा शम्भु तुभ्यं।
जराजन्म दु:खौघ तातप्यमानं। प्रभो पाहि आपन्न्मामीश शंभो। ॥८॥

रुद्राष्टकमिदं प्रोक्तं विप्रेण हरतोषये।
ये पठन्ति नरा भक्तया तेषां शम्भु: प्रसीदति॥

श्रीरुद्राष्टकम स्त्रोतं शिवार्पणमस्तु। "
 
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