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on: Nov 24, 2020
ratings: 3

language: hi

..........धन -दौलत भी हैं ज़रूरी..............
1
पैदल चल पड़ा मैं तुझसे मिलने को .
होके दुनियादारी और अपनों से दूर .
एक तो मुम्बई है राजस्थान से बहुत दूर .
पर तुझसे मिलने को इस दिल किया मुझे मजबूर ..............BY राज .7.45 PM

XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX

इतना भी क्या था मज़बूरी यार ..?
राजस्थान की लडकियां होती हैं बहुत सुन्दर ,
इसके लिए मुंबई तक आने की क्या थी जरुरत ..?
मुंबई की मराठी लड़की होती है बहुत थीका .. ( like chilli )...by शरू 7.54pm

xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
2.
न ही सुन्दर लड़की चाहिए न ही थीका की दरकार .
तुम्हारी सौंदर्य बसी है दिल में , हुआ है प्यार .
तपते रेगिस्तान से पैदल बिन हाथी और घोडा .
तेरे लिए मैं o जनम , चला आया भागा दौड़ा . ............By....राज ..8.16 PM

XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX

मगर हमें तो घोड़े में बैठ कर ,
आनेवाले ले के हाथ में तलवार
राजकुँवर की बचपन से ,थी इंतज़ार ,
हम बिलकुल नहीं पैदल चलनेवाले ,
मंगावो ऊंट , हाथी और घोड़े ............. .........................by शरू 8. 26 PM

XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
3
दिल का राजा हूँ मैं , जहां करता हूँ मैं हुकूमत .
क्या तुम्हारे दिल में सच्चे प्यार की नहीं कोई कीमत ?.
कामिनी , हक़ीक़त तो यह है की दौलत से हूँ मैं गरीब .
दिल से करता हूँ प्यार और रहता हूँ दिल के क़रीब . By...... राज 8.38 PM

XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX

अच्छा ,आप हो सिर्फ नाम के राजकुमार ,
और कुछ नहीं आप के पास , आप हो फ़क़ीर ,
क्या पेट भरेगा इज्जत से आप का यह नायाब प्यार ..?
धन -दौलत भी जीने के लिए होती है बहुत ज़रूरी ,.............BY शरू 8.45 pm
 
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on: Nov 17, 2020
ratings: 4

tags: friends
language: hi

उलझनें हैं बहुत..मग़र,
सुलझा लिया करता हूँ..
और, फोटो खिंचवाते वक़्त..
मैं अक्सर मुस्कुरा लिया करता हूँ..
क्यूँ नुमाइश करुँ...
अपने माथे पर शिकन की..
मैं, अक्सर मुस्कुरा के...
इन्हें मिटा दिया करता हूँ...
जब लड़ना है,
खुद को खुद ही से..
तो, हार-जीत में..
कोई फ़र्क नहीं रखता हूँ..
हारुँ या जीतूं..
कोई रंज नहीं.
कभी खुद को जिता देता हूँ..
तो, कभी खुद से जीत जाता हूँ..
ज़िंदगी, तुम बहुत खूबसूरत हो..
इसलिए मैंने तुम्हें..
सोचना बंद और..
जीना शुरु कर दिया है..
 
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by: Saloni
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on: Nov 14, 2020
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language: hi


लो फिर दीवाली आई
खुशियों की बहार आई ।
चलो हम सब हाथ मिलाएं
दिलो मे एक दूसरे के प्रति प्रेम बढ़ाएं।
किसी गरीब के घर को रोशन करें
दिल में सब सुकून पाऐं।

लो फिर दीवाली आई
दीवाली की रात है निराली
लक्ष्मी सब के घरों में आई ।

लो फिर दीवाली आई
सुख समृद्धि ले कर आई ।

दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ
 
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on: Nov 12, 2020
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language: hi

................जुगल बंदी .....। दोस्ती ..........................
1
जब मेरा आंगन फूल खिलते है
जब हवा चुके मेरा बदन चलते हैं
जब दूरसे कोई आवाज़ हमें देते है
तब तब तुम यादआते हो सखी ......................by नरसिम्हा
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फूलों की नरमी में भी हम है
सूरज की गर्मी में भी पावो हमें
तूफान की रफ़्तार से है तेज़ हम
रोक लो हमें कहीं आगे निकल न जाए ..................by शरू
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
2.
जैसे तेरे मेरे ये बेदाग दोस्ती
वैसे माझी और उनका कस्ती
ऐसे कोई किसीको न छोड़े टूट के
बांध लो एक अटूट बंधन में हमें ….....................by narasimha
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
अगर होगी सच्चाई हमारी दोस्ती में
राम और हनुमान भी हो सकते हैं
कृष्णा और द्रौपदी भी बन सकते हैं
कृष्णा सुदाम भी कहला सकते हैं ........................by शरू
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3.
सखी पता नहीं यह दोस्ती क्या होती
दोस्ती किस्से कहता है न मालुम
जब आप मिले तो में था अकेले
अभी मेरा दोस्त साथ है यही है ख़ुशी
में तो अभी दुनिया बदल सकता हु .....................by नरसिम्हा
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
दोस्त जब साथ होते हैं सुनो तो
अपने आप में एक विश्वास होती है
हम अकेला नहीं यह एहसास ही काफी
दोस्त को हम चुन थे हैं भगवान नहीं ....................by शरू.......
 
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by: Saloni
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on: Oct 16, 2020
ratings: 1

language: hi



है दुर्गा माँ
सिंह की सवार बनकर
रंगों की फुहार बनकर
पुष्पों की बहार बनकर
सुहागन का श्रंगार बनकर
तुम्हारा स्वागत है दुर्गा माँ तुम आओ।

भूखे का निवाला बन कर
खुशियों का अपार बन कर
सब के जीवन को संवार कर
रसोई में प्रसाद बन कर
तुम्हारा स्वागत है दुर्गा माँ तुम आओ।

सारे संसार को उजाला बना कर
सब के दुख हर कर
सब पर आशीर्वाद बनकर
तुम्हारा स्वागत है दुर्गा माँ तुम आओ ।

🙏🙏🙏🙏

नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
 
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by: Saloni
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on: Oct 11, 2020
ratings: 1

language: hi



रविवार पलायन करता है जैसे
एक हसीन सपना हो जैसे।
आज ही दिन मिलता है फुरसत के पल वैसे।
झट से गुजर जाता है कैसे ।
प्यारी ज़िन्दगी की ऐसी तैसी
क्यों नहीं सकून से जीने नहीं देती
जैसे हम चाहते है वैसे ।
 
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by: Saloni
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on: Oct 11, 2020
ratings: 2

tags: चाय
language: hi



चाय हूँ मैं,
नुखर की पहचान हूँ मैं,
किसी की मुस्कान हूँ मैं।

चाय हूँ मैं,
दोस्तों के माहौल को गरम ,
करती हूँ मैं,
सब मुझे खुशी खुशी पी कर ,
भूल जाते हैं अपने गम।

चाय हूँ मैं,
सब के दिलो में ,
राज़ करती हूँ मैं,
किसी की हमराज़ हूँ मैं,
गरीबों की शान हूँ मैं,
अमीरों की थकान ,
दूर करती हूँ मैं,
पाई जाती हूँ मैं ,
हर दुकान में,
क्यूं की चाय हूँ मै।
Saloni
 
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by: Sujal
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on: Oct 8, 2020
ratings: 3

language: hi

पापा आफिस में पहुंचे ही थे कि स्कूल से फोन आया!

सुरीली आवाज में एक मैम बोलीं –
“सर! आप की बेटी जो सेकंड क्लास में है,
मैं उसकी क्लास टीचर बोल रहीं हूँ।
आज पैरंट्स टीचर मीटिंग है। रिपोर्ट कार्ड दिखाया जाएगा।
आप अपनी बेटी के साथ टाईम से पहुंचें।”..

बेचारे पापा क्या करते।
आदेश के पाबंद… तुरंत छुट्टी लेकर, घर से बेटी को लेकर स्कूल पहुंच गए।

सामने गुलाबी साड़ी पहने,छोटी सी बिंदी लगाए, नयी उम्र की, गोरी सी लेकिन बेहद तेज मैम बैठी थी।

पापा कुछ बोल पाते कि इससे पहले लगभग डांटते हुए बोलीं -” आप अभी रुकिए, मैं आप से अलग बात करूंगी।”

पापा ने बेटी की तरफ देखा, और दोनों चुपचाप पीछे जाकर बैठ गए।

“मैम बहुत गुस्से में लगती हैं” – बेटी ने धीरे से कहा। “तुम्हारा रिपोर्ट कार्ड तो ठीक है” – उसी तरह पापा भी धीरे से बोले। “पता नहीं पापा, मैंने तो देखा नहीं। “-बेटी ने अपना बचाव किया। “मुझे भी लगता है, आज तुम्हारी मैम तुम्हारे साथ मेरी भी क्लास लेंगी।” – पापा खुद को तैयार करते हुए बोले।

वो दोनों आपस में फुसफुसा ही रहे थे कि तभी मैम खाली होकर बोलीं – “हाँ! अब आप दोनों भी आ जाइए।

पापा किसी तरह उस शहद भरी मिर्ची सी आवाज के पास पहुंचे। और बेटी पापा के के पीछे छुप कर खड़ी हो गई।

मैम- देखिए! आप की बेटी की शिकायत तो बहुत है लेकिन पहले आप इसकी परीक्षा की कापियां और रिपोर्ट देखिए। और बताइए इसको कैसे पढ़ाया जाये।
… मैम ने सारांश में लगभग सारी बात कह दी..
मैम- पहले इंग्लिश की कापी देखिए.. फेल है आप की बेटी।

… पापा ने एक नजर बेटी को देखा, जो सहमी सी खड़ी थी.. फिर मुस्कुरा कर बोले…
पापा – अंग्रेजी एक विदेशी भाषा है। इस अम्र में बच्चे अपनी ही भाषा नहीं समझ पाते।

… इतना मैम को चिढ़ने के लिए काफी था…
मैम- अच्छा! और ये देखिए! ये हिंदी में भी फेल है। क्यों?

… पापा ने फिर बेटी की तरफ देखा.. मानो उसकी नजरें साॅरी बोल रहीं हों…

पापा – हिंदी एक कठिन भाषा है। ध्वनि आधारित है। इसको जैसा बोला जाता है, वैसा लिखा जाता है। अब आप के इंग्लिश स्कूल में कोई शुद्ध हींदी बोलने वाला नहीं होगा…

…..पापा की बात मैम बीच में काटते हुए बोलीं…
मैम – अच्छा… तो आप और बच्चों के बारे में क्या कहेंगे जो….

इस बार पापा ने मैम की बात काट कर बोले..
पापा – और बच्चे क्यों फेल हुए ये मैं नहीं बता सकता… मै तो….

मैम चिढ़ते हुए बोली – “आप पूरी बात तो सुन लिया करो, मेरा मतलब था कि और बच्चे कैसे पास हो गये…” फेल नहीं”…

अच्छा छोड़ो ये दूसरी कापी देखो आप। आज के बच्चे जब मोबाइल और लैपटॉप की रग रग से वाकिफ हैं तो आप की बच्ची कम्प्यूटर में कैसे फेल हो गई?

…. पापा इस बार कापी को गौर से देखते हुए, गंभीरता से बोले – “ये कोई उम्र है कम्प्यूटर पढ़ने और मोबाइल चलाने की। अभी तो बच्चों को फील्ड में खेलना चाहिए।

… मैम का पारा अब सातवें आसमान पर था… वो कापियां समेटते हुए बोली-” सांइस की कापी दिखाने से तो कोई फायदा है नहीं। क्योंकि मैं भी जानती हूँ कि अल्बर्ट आइंस्टीन बचपन फेल होते थे।”

… पापा चुपचाप थे…

मैम ने फिर शिकायत आगे बढ़ाई – “ये क्लास में डिस्पलिन में नहीं रहती, बात करती है, शोर करती है, इधर-उधर घूमती है।

पापा ने मैम को बीच में रोक कर, खोजती हुई निगाह से बोले…

पापा – वो सब छोड़िए! आप कुछ भूल रहीं हैं। इसमें गणित की कापी कहां है। उसका रिजल्ट तो बताइए।

मैंम-(मुंह फेरते हुए) हां, उसे दिखाने की जरूरत नहीं है।

पापा – फिर भी, जब सारी कापियां दिखा दी तो वही क्यों बाकी रहे।

मैम ने इस बार बेटी की तरफ देखा और अनमने मन से गणित की कापी निकाल कर दे दी।

…. गणित का नम्बर, और विषयों से अलग था…. 100%…..
मैम अब भी मुंह फेरे बैठी थीं, लेकिन पापा पूरे जोश में थे।

पापा – हाँ तो मैंम, मेरी बेटी को इंग्लिश कौन पढ़ाता है?
:
मैम- (धीरे से) मैं!
:
पापा – और हिंदी कौन पढ़ाता है?
:
मैम- “मै”
:
पापा – और कम्प्यूटर कौन पढ़ाता है?
:
मैम- वो भी “मैं”
:
पापा – अब ये भी बता दीजिए कि गणित कौन पढ़ाता है?
:
मैम कुछ बोल पाती, पापा उससे पहले ही जवाब देकर खड़े हो गए…
पापा – “मैं”…
:
मैम – (झेंपते हुए) हां पता है।
:
पापा- तो अच्छा टीचर कौन है????? दुबारा मुझसे मेरी बेटी की शिकायत मत करना। बच्ची है। शरारत तो करेगी ही।
:
मैम तिलमिला कर खड़ी हो गई और जोर से बोलीं-“””मिलना तुम दोनों आज घर पर, दोनों बाप बेटी की अच्छे से खबर लेती हूं”””!!!
😉😋😊😜😀🤓😛😆😄😍😅
 
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by: Sujal
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on: Oct 7, 2020
ratings: 3

tags: Sujal
language: hi

एक शहर है तुम्हारे अंदर .........
सुना है आजकल वहां रहते नहीं हो
बहुत कुछ है दिल और दिमाग के दरमियाँ..
दूसरों की तो छोड़ो..
वह खुद से भी कहते नहीं हो..
एक शहर है तुम्हारे अंदर…
कुछ लोगों के लिए जहाँ तुमने..
उस शहर का हर दरवाज़ा खोल दिया था..
जब शहर में हिस्सा माँगा उन्होंने ..
तुमने हर हिस्सा बिन मोल दिया था…
पर फिर…
तुम्हारी उम्मीदों और खुशियों को ही..
अपनी तिजारत बना ली उन्होंने..
तुम्हारी सुकून वाली झील के पास..
मतलबों की इमारत बना ली उन्होंने..
अपने इरादों के औज़ार से ..
शहर का हर हिस्सा तोड़ दिया..
चल दिये किसी दूसरे शहर
और तुम्हे अपने ही शहर में अकेला छोड़ दिया..
उस बंजर ज़मीन को..
फिर से खिलखिलाना ज़रूरी है..
तुम्हे तुम्हारे उस शहर से..
फिर से मिलाना ज़रूरी है…
ज़रूरी है क्योंकि..
इन समंदरों के किनारों सी जिन्दगियों में..
अपने कदमों के निशान क्या ढूँढना
जब एक पूरे शहर के मालिक हो तुम..
तो किसी और के शहर में मकान क्या ढूँढना..
अपनी हर बंजारी उम्मीद से कहो..
आराम से इस शहर में रहना..
और सुनो..
इस शहर की चाबी ..
कभी किसी और को मत देना..!!!
 
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on: Oct 6, 2020
ratings: 11

tags: कुछ
language: hi

मेरे-तुम्हारे बीचकुछ नही है....
बस है तो कुछ वक़्त
कुछ शब्द कुछ आवाज़ें
कुछ कशिश....
हर बार की गई
एक छोटी सी कोशिश.....
समझने की कुछ और
लम्हें जी लेने की क़वायद
कुछ और मुस्कुरा लेने
की फिर से तैयारी....
कुछ और साथ निभाने
का वादा और.....?
कुछ नहीं है मेरे-तुम्हारे बीच.....
कुछ भी नहीं......!!❤️
 
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on: Oct 6, 2020
ratings: 2

tags: friends
language: hi

क्या जानो तुम बेवफाई की हद दोस्तों,
वो हमसे इश्क सीखती रही किसी ओर के लिए।
वो अपने मेहंदी वाले हाथ मुझे दिखा कर रोई,
अब मैं हुँ किसी और की ये मुझे बता कर रोई,
पहले कहती थी कि नहीं जी सकती तेरे बिन,
आज फिर से वो बात दोहरा कर रोई,
कैसे कर लुँ उसकी महोब्बत पे शक यारो,
वो भरी महफिल में मुझे गले लगा कर रोई।
 
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on: Sep 14, 2020
ratings: 1

tags: Friends
language: hi

*_मैं हिन्दी हूं ।।_*

*_हिंदी दिवस (१४ सितं.) पर विशेष_*

_मैं *सूरदास की दृष्टि* बनी_
_*तुलसी हित चिन्मय सृष्टि* _बनी_
_मैं *मीरा के पद की मिठास*_
*_रसखान के नैनों की उजास_*
_मैं हिन्दी हूं ।।_

_मैं *सूर्यकान्त की अनामिका*_
_मैं *पन्त की गुंजन पल्लव* हूं_
_मैं हूं *प्रसाद की कामायनी*_
_मैं ही *कबीरा की हूं बानी*_
_मैं हिन्दी हूं ।।_

_*खुसरो की इश्क मजाजी* हूं_
_मैं *घनानंद की हूं सुजान*_
_मैं ही *रसखान के रस की खान*_
_मैं ही *भारतेन्दु का रूप महान*_
_मैं हिन्दी हूं ।।_

_*हरिवंश की हूं मैं मधुशाला*_
_*ब्रज, अवधी, मगही की हाला*_
*_अज्ञेय मेरे हैं भग्नदूत_*
_*नागार्जुन की हूं युगधारा*_
_मैं हिन्दी हूं ।।_

_मैं *देव की मधुरिम रस विलास*_
_मैं *महादेवी की विरह प्यास*_
_मैं ही *सुभद्रा का ओज गीत*_
_*भारत के कण-कण में है वास*_
_मैं हिन्दी हूं ।।_

_मैं *विश्व पटल पर मान्य बनी*_
_मैं *जगद्गुरु अभिज्ञान* बनी_
_मैं *भारत मां की प्राणवायु*_
_मैं *आर्यावर्त अभिधान* बनी_
_मैं हिन्दी हूं।।_

_मैं *आन बान और शान बनूं*_
_मैं *राष्ट्र का गौरव मान बनूं*_
_यह दो *तुम मुझको वचन आज*_
_मैं *तुम सबकी पहचान बनूं*_
_मैं हिन्दी हूं।।_

*_हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं_...*
 
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on: Sep 7, 2020
ratings: 1

tags: Friends.
language: hi

तुम'
इक नाम नहीं, एहसास हो ,

'तुम'
मेरी कहानी नहीं,अलफाज़ हो,

'तुम'
जिंदगी ही नहीं जीने का अंदाज हो,

'तुम'
अरमान ही नहीं मेरा विश्वास हो,

'तुम'
मुझसे दूर सही मगर सबसे पास हो

'तुम' ।❤
 
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on: Sep 6, 2020
ratings: 2

language: hi

#भारत_को_लेबनान_बनने_से_बचाइए

कुछ दिन पहले लेबनान में महाविस्फोट हुआ और उसमें सैंकड़ों लोग मारे गये और हजारों घायल हो गये, एक लुटे पिटे देश के लिए यह भारी सदमा है

लेबनान बर्बाद हो रहा है और सचमुच मुझे इसका बहुत दु:ख भी है इसलिए लेबनान के बहाने भारत की वर्तमान परिस्थितियों का विश्लेषण करना भी समीचीन होगा।

भारत के अस्तित्व के लिए सीएए और एनआरसी आखिर इतनी जरूरी क्यों हैं, यह लेबनान के इतिहास से जाना जा सकता है

लेबनान इस बात का एक शानदार उदाहरण है कि किसी मुल्क द्वारा अति उदारता में की गई चंद गलतियां किस तरह एक हंसते खिलते और विकसित सहिष्णु राष्ट्र को नष्ट कर देती है।

#1970_के_दशक में लेबनान को #स्वर्ग कहा जाता था और इसकी राजधानी बेरूत को #पूर्व_का_पेरिस कहा जाता था।

लेबनानी ईसाई दुनिया के सबसे पुराने ईसाइयों में से थे और लेबनान एक प्रगतिशील, सहिष्णु और बहु-सांस्कृतिक समाज था जैसे भारत आज है लेबनान में मध्य पूर्व एशिया के कुछ बेहतरीन विश्वविद्यालय थे, जहाँ पूरे अरब से बच्चे पढ़ने आते थे और फिर वे वहीं सेटल हो जाते थे, वहां की बैंकिंग दुनिया की सबसे अच्छी बैंकिंग प्रणालियों में से एक थी, तेल न होने के बावजूद, लेबनान की अर्थव्यवस्था बहुत सुदृढ़ थी।

लेबनानी समाज की प्रगति का अनुमान साठ के दशक की हिंदी फिल्म
#एन_इवनिंग_इन_पेरिस से लगाया जा सकता है, जिसकी लेबनान में भी शूटिंग की गयी थी।

अब लेबनान के बुरे दिन आरंभ होने लगे थे, लेबनान की इस्लामी आबादी लगातार बढ़ रही थी और मुसलमान ईसाईयों की तुलना में कहीं अधिक बच्चे पैदा कर रहे थे और उन बच्चों को उनकी शिक्षा की कमी के कारण धीरे-धीरे इस्लामिक कट्टरपंथी बनाया जा रहा था
सन् 1970 में जॉर्डन में अशांति और लड़ाई शुरू हो गई थी और लिबरल लेबनान ने फिलिस्तीनी मुस्लिम शरणार्थियों के लिए करुणा दिखाते हुए अपने दरवाजे खोल दिए फलस्वरूप
#सन्_1980 तक आते आते लेबनान ठीक उसी स्थिति में आ गया था जैसा कि आज #सीरिया है।

#जिहादी जिन्होंने दया और करुणा की भीख मांगते हुए शरणार्थी के रूप में लेबनान में प्रवेश किया था, उन्हीं ने देशी ईसाइयों की सफाई शुरू कर दी जिसके परिणाम स्वरूप लाखों निर्दोष ईसाई मारे गये, इन्हें कोई भी बचाने के लिए नहीं आया और जो लोग इस हिंसा में बच गये उन्होंने लेबनान छोड़कर अन्यत्र प्रवासी बनने में ही अपनी भलाई समझी, लाखों मौतों और अन्यत्र पलायन के परिणाम स्वरूप लेबनानी ईसाई आबादी, जो 1970 में 60% थी, 30 वर्षों में मात्र 37% तक कम हो गई।

आज लेबनान में मुस्लिम बहुसंख्यक हो गये हैं और उन्होंने मूल लेबनानी ईसाइयों के वापस लौटने के सारे दरवाजे कानूनन बंद कर दिये हैं।

लेबनान की यह दुःखद कहानी केवल
30 साल पुरानी है, भारत को लेबनानी इतिहास से सीखने की जरूरत है, #रोहिंग्या और #बांग्लादेश घुसपैठियों जैसे जिहादी मानसिकता वाले लोगों से भी सतर्क रहने की जरूरत है ऐसे जिहादी मानसिकता वाले लोगों के खिलाफ आज हमें एकजुट होने की जरूरत है

और #सीएए और #एनआरसी के खिलाफ अभियान से जुड़े दलों संस्थानों लोगों नेताओं अभिनेताओं और बिकाऊ मीडिया का बहिष्कार करने की जरूरत है
दिखावे का बहिस्कार नही सच का
#कही_देर_न_हो_जाये
यह अभी नहीं तो कभी नहीं वाली परिस्थिति है, आज नहीं जागे तो तीस-चालीस साल में हम भी लेबनान जैसे बर्बाद मुल्क बनने को तैयार रहें जब या तो हम अपने ही देश में मार दिए जाएंगे या धर्मांतरण करा दिए जाऐंगे या देश से बाहर कहीं भगा दिए जाएंगे या दोयम दर्जे के नागरिक बना दिए जाऐंगे

यह कोई डराने वाली कल्पना नहीं बल्कि साफ चेतावनी है जो लेबनान के इतिहास द्वारा पूरी दुनिया को दी जा रही है।
 
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on: Sep 6, 2020
ratings: 3

tags: THE TRUTH
language: hi

#वो_सच_जिसे_पढ़कर_आपकी
#आत्मा_कांप_उठेगी

#एक_सितम्बर_2004 को "#बेसलान" के एक स्कुल में, कुछ इस्लामी आतंकवादी अचानक घुस गए और घुसते ही पुरुषों का मार दिया, ताकि किसी तरह के प्रतिरोध की संभावना ना रहे ये जेहादी आतंकी आतंकवाद से भी ज़्यादा दरिंदगी दिखना चाहते थे स्कूल में 3 से 8 साल तक बच्चे थे. वो जेहादी उन सभी बच्चों को स्कूल के जिम हॉल में ले गये
इसके बाद बच्चों की चीखती आवाज़ें इनके ज़ुल्म के आगे दब कर रह गयी
बारी बारी से 3 से 8 साल की एक एक बच्ची के साथ कई कई आतंकवादियों ने बलात्कार किया इन हैवानों ने न सिर्फ बलात्कार किया बल्कि बच्चों के गुप्तांगों में अपने बंदूक और अन्य वस्तुओं को घुसेड़ा और दूसरे सारे बंधक बच्चों को ये सब देखने को मजबूर किया गया जितना बच्चों से खून निकलता ये हैवान उतनी ही ज़ोर जोर से कहकहे लगाते थे

हथियार के गुप्तांगों में डालने के वजह से, हथियार भी खून से सन गये थे इस सबसे भी उन जालिमो का जी नहीं भरा तो उन छोटे-छोटे बच्चों को बुरी तरह पीटा भी बहुत सारी बच्चियां ब्लीडिंग और दर्द की वजह से उसी समय मर गयी
जेहादियों ने मासूम बच्चों को खूब लहू लुहान किया और खूब ठहाके लगाए जैसे-जैसे समय बीता उनके ज़ुल्म और बढ़ते गये बच्चों के पानी मांगने पर पानी की जगह अपना पेशाब पीने पर मजबूर किया

आतंकवादियों ने बच्चों के सामने पानी के बर्तन को रख दिया और कहा जो इसको पीने आएगा उसको मैं गोली मार दूँगा इसके बाद बच्चों को मे अपनी मौत का ख़ौफ़ समा गया बच्चे डर कर चिल्ला भी नही पा रहे थे क्योकि ऐसा करने पर उनको मारा पीटा जाता अब तक स्कूल के बाहर भीड़ लग चुकी थी आतंकी अंदर से खड़े हो कर नगरवासियों पर कॉमेंट करते हुए अंडे फेंकते और हँसते थे बच्चों के उपर इनकी क्रूरता लगातार जारी रही

रात को जेहादियों ने इन्ही मजबूर मासूम बच्चों से कहा कि - वो नंगे, खून से सने और मरे हुए बलात्कार के शिकार बच्चों की लाशों को घसीटकर पीछे फेंक कर आयें इस बीच #रशियन_सैनिकों ने स्कूल को घेर लिया और पहले उनसे समझौते की कोशिशें की जिससे बच्चों को बचाया जा सके
आतंकियों ने साफ कर दिया था कि अगर गैस का इस्तेमाल हुआ या बिजली काटी गयी तो वो तुरंत बच्चों को मार देंगे

इस बीच रूस की सब से अच्छी फोर्स "#Alpha_and_Vympel" आ चुकी थी रूसी विशेष बलों ने विभिन्न तकनीकों का उपयोग करते हुए स्कूल पर हमला कर दिया इस हमले में टैंक, बंदूक, बम, राकेट्स सभी इस्तेमाल किये गए
स्पेशल फोर्स के कमांडोज ने अपनी जान पर खेल कर हमला किया लेकिन उस अभागे दिन सिर्फ़ रक्तपात के सिवा कुछ भी हासिल नही हो पाय
334 लोग मारे गये जिसमे से 186 छोटे-छोटे मासूम बच्चे थे

247 बच्चे जो गंभीर रूप से घायल थे उनको इलाज के लिए मास्को भेजा गया सुरक्षा बल के सैनिक भी मारे गये थे
बच्चों की लाशें और उनकी दुर्दशा को देख कर उनके माँ बाप के चीख पुकार और रोने की आवाज़ से पूरा इलाक़ा दहल उठा
जो बच्चे स्कूल से निकल रहे थे सब खून से सने हुए थे लाशों के ढेर लगे थे
ऐसा घिनौना काम तो शैतान भी नही कर सकते हैं
#भारत के इतिहास में भी ऐसी क्रूरता की कहानिया हैवानों से ही जुडी हुई है.

#गुरु_गोविन्द_सिंह के बच्चों को ज़िंदा दीवार में चुनवाना
#मोतीराम_मेहरा के बच्चों को कोल्हू में पेरना
#बन्दा_बहादुर के बेटे को बाप की आँखों के सामने काटकर बेटे का दिल निकाल कर बाप के मुह में जबरन ठूंसना
इस्लाम कबूल न करने वाले माँ-बाप के बच्चों को काटकर उनके अंगों की माला बनाकर माँ-बाप के गले में डालना
माँ की गोद से बच्चे को छीनकर बच्चे को उछालकर बल्लम की नोक पर लेना तो भारत ने भी देखा है

आपको एक बार गूगल पर जाकर "#beslan_school_hostage_crisisलिखकर सर्च करना चाहिए उस घटना का विवरण और चित्र देखकर समझ आ जाएगा कि ये जेहादी आतंकी की नीचता की किस हद तक जा सकते हैं
 
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by: Sujal
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on: Aug 23, 2020
ratings: 8

tags: Sujju
language: hi

मोहब्बत भी अजीब चीज बनायीं खुदा तूने,
तेरे ही मंदिर में,
तेरी ही मस्जिद में,
तेरे ही बंदे,
तेरे ही सामने रोते हैं,
तुझे नहीं, किसी और को पाने के लिए…!
 
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by: Sujal
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on: Aug 23, 2020
ratings: 5

tags: Sujju
language: hi

Santa samundar me dahi daal raha tha..
Banta : kya kar raha hai?
Santa : Lassi bana raha hun
Banta : Yeh kya Pagalpan hai??
Teri aisi harkaton se hi log hum pe joke banate hai..
ab bata..
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Itni Saari Lassi kon piyega? 😛
 
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on: Aug 22, 2020
ratings: 1

tags: Raaj
language: hi

Pyar Aankho Se Jataya Toh Bura Maan Gaye,
Haal-e-Dil Humne Sunaya Toh Bura Maan Gaye,
Woh Toh Har Roz Rulaya Karte The Hamien,
Ek Roz Humne Rulaya Toh Bura Maan Gaye.

Haal-e-Dil Apna Kya Sunaayein Aapko,
Gham Se Baatein Karna Aadat Hai Hamari,
Log Marte Hain Sirf Ek Baar Sanam,
Pal Pal Roj Marna Aadat Hai Hamari.

Aisi Kardi Hai Tumne Meri Halat Ya Rab,
Haal-e-Dil Kisi Ko Suna Na Paaunga,
Tujhse Kiya Hai Vada Tabhi Majboor Hun,
Isi Liye Khud Ko Main Mita Na Paaunga.

Kami Hai Mujh Mein Toh Bas Itni Mere Dosto,
Haal-e-Dil Apna Sabhi Ko Suna Deta Hun Main,
Maalum Hai Mujhko Ki Koyi Saath Nahi Deta,
Fir Bhi Dil Se SabKo Apna Bana Leta Hun Main.

Mulakat Toh Huyi Thi Unse Ek Roj Magar,
Hum Haal-e-Dil Unko Apna Sunate Kaise,
Hamari Takdeer Mein Hi Likha Hai Rona Magar,
Zakhm Apne Hum Unko Dikhakar Rulate Kaise.

Sach Hai Ke Hum Mohabbat Se Darte Hain,
Kyunki Yeh Pyar Dil Ko Bahut Tadpata Hai,
Aankhon Aansu Toh Hum Chhupa Sakte Hain,
Haal-e-Dil Duniya Ko Maalum Ho Jata Hai
 
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on: Aug 20, 2020
ratings: 4

language: hi

Nahi basti kisi aur ki surat
Ab in aankhon me ..!!
kaash ki hamne tujhe
itne gaur se na dekha hota..!!!!
 
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on: Aug 10, 2020
ratings: 5

tags: Raaj
language: hi

Jab Hum Tumse Kahin Dur Chale Jaayenge
Wada Hai Ki Tumhe Bohut Yaad Aayenge

Abhi Nahi Hai Waqt Tumhe Hamse Milne K Liye
Tab Tumhe Saare Bite Pal Yaad Aayenge

Karoge Dua Khuda Se Ek Mulakat K Liye Bhi
Par Tab Tak Ham Bohut Dur Chale Jaayenge

Meri Har Arzoo Jo Hoti Hai Tumse Puri
Bas Unhi Yaadon K Pal Saath Reh Jaayenge

Abhi Hai Pal To Jee Lo Kuch Pal Bhi Saath Mere
Jab Chale Jaayenge Ham To Tadapte Hi Reh Jaoge

Doge Aawaj Kabhi To Ham Na Laut Paayenge
Shayad Tab Tak Hamare Laut Aane K Har Raaste Band Ho Jaayenge

Karta Hoon Gujarish Tumse Na Hone Do Mujhe Apne Se Juda
Jo Gaye Bichad Tumse Ek Baar To Fir Kabhi Na Ham Mil Paayenge
 
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