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on: Oct 7, 2018
ratings: 14

tags: friends
language: hi

जिससे जितना प्यार करोगे उतना रौओगे
दिल की जमी पे जब फसल यादो की बोओगे

एक फूल का दर्द उसकी जुकि डाली समझते हे,
बाग की बात बाग का माली ही समझते हे,
ये किस तरह की रात बनाई हे दुनियावाले ने,
दिए का दिल जलता हे और लोग रोशनी समजते हे |

कैसा होता दर्द टूटने का एक डाली से पूछो
पतझड़ आने की पीड़ा तुम हरयाली से पूछो
एक कली खिलने से पहले कोई तोड़ ले जाए
क्यों गुम-सुम सा हो जाता है उस माली से पूछो.....
.....
.....पा जाओगे सब कुछ खुद को जितना खोओगे
दिल की जमी पे जब फसल यादों की बोओगे ....
 
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on: Sep 29, 2018
ratings: 8

tags: ..
language: hi

ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में

शाम के साए बालिश्तों से नापे हैं
चाँद ने कितनी देर लगा दी आने में

रात गुज़रते शायद थोड़ा वक़्त लगे
धूप उन्डेलो थोड़ी सी पैमाने में

जाने किस का ज़िक्र है इस अफ़्साने में
दर्द मज़े लेता है जो दोहराने में

दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है
किस की आहट सुनता हूँ वीराने में

हम इस मोड़ से उठ कर अगले मोड़ चले
उन को शायद उम्र लगेगी आने में
 
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on: Sep 26, 2018
ratings: 3

tags: ..
language: hi

ऐसा ख़ामोश तो मंज़र न फ़ना का होता
मेरी तस्वीर भी गिरती तो छनाका होता

यूँ भी इक बार तो होता कि समुंदर बहता
कोई एहसास तो दरिया की अना का होता

साँस मौसम की भी कुछ देर को चलने लगती
कोई झोंका तिरी पलकों की हवा का होता

काँच के पार तिरे हाथ नज़र आते हैं
काश ख़ुशबू की तरह रंग हिना का होता

क्यूँ मिरी शक्ल पहन लेता है छुपने के लिए
एक चेहरा कोई अपना भी ख़ुदा का होता
 
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on: Sep 26, 2018
ratings: 3

tags: ..
language: hi

पराग... दुनियादारी के बारे में कुछ नहीं
जानता था। एक दिन बस में वह अपनी जेब
से फोन निकाल रहा था कि पास खड़े एक
व्यक्ति को लगा कि वह उसकी जेब से
बटुआ निकाल रहा है। उसने पराग को
फटकारा और गालियां भी दीं। पराग ने
सफाई दी कि वह तो अपनी जेब से मोबाइल
निकाल रहा था, लेकिन गलती से उसका
हाथ सामने खड़े व्यक्ति के बटुए को छ
गया। अगले स्टॉप पर बस से उतरने के बाद
पराग को ऐसा लग रहा था, जैसे कि वह
एक चोर हो और चोरी करते पकड़ा गया
हो। चूंकि वह उसके ऑफिस का पहला
दिन था, इसलिए किसी भी कीमत पर उसे
समय पर ऑफिस पहुंचना तो था ही। पीछे
से एक और बस आ रही थी। उसने अपने
मन को समझाया और उस बस में चढ़ गया।
बस में उसके आगे एक और लड़का था, जो
कुछ-कुछ उसी की तरह दिखता था।
इत्तफाक से इस बार उस लड़के का हाथ
उसके आगे वाले व्यक्ति की जेब पर पड़
गया। ठीक जैसा पराग के साथ हुआ था,
वैसे ही आगे वाले व्यक्ति ने पलट कर उस
लड़के को दो-तीन गालियां सुनाई और
सबके सामने फटकार लगा दी। बस में
मौजूद सारे लोग उस लड़के को घूरने लगे।
हालांकि पराग पहले से बेहतर महसूस
कर रहा था। लेकिन उसे उस लड़के के
लिए बुरा लग रहा था। लेकिन पराग ने
देखा कि उस लड़के के चेहरे पर एक
शिकन तक नहीं थी, बल्कि वह तो मुस्कुरा
रहा था। पराग ने उसके कंधे पर हाथ
रखा और कहा, कोई बात नहीं भाई। मैं भी
अभी इसी परिस्थिति से गुजर कर आ रहा
हैं। इस पर वह लड़का हंसते हुए कहते।
लगा, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। ये लोग तो
मुझे पिछले बस स्टॉप से जानते हैं। जबकि
मैं खुद को पिछले बीस साल से जानता हूं।
यह सुनकर पराग स्तब्ध रह गया। उसे
उसकी जिंदगी का पहला सबक मिल गया।

हम खुद को किस नजर से देखते
हैं, यही मांयने रखता है।
 
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on: Sep 25, 2018
ratings: 3

tags: Friend
language: hi

बारहवी के बाद B.A करना उतना ही जरूरी है, 
जितना मरने के बाद तेरहवीं करना। 

होता कुछ नहीं, बस आत्मा को शांति मिल जाती है।🤗😅😅 

दोस्त की शादी में इतना नागिन डान्स किया कि 
दोस्त का बाप भी पूछ 
बैठा, 
बेटा शादी होने देगा या नागमणी लेकर ही मानेगा 😤😂😂 

ठण्ड में सबसे बड़ी समस्या... 

आधी रात तो यही सोचने में 
निकल जाती है कि,,, 

कम्बल लम्बा किधर से है 
और चौड़ा किधर से... 
😁😁😆😆😂😂 

रूम लेकर रहने वाले लड़के तब तक बर्तन नहीं धोते 




जब तक कढ़ाई में चाय बनाने की नौबत ना आ जाये. 😜😜 

जब घर में पोंछा लगा हो तो 
साला ऐसे निकलना पड़ता है.😅 


जैसे पाकिस्तानियों ने बारूद बिछा🔫दिया हो।😂😂😂 

जिस दिन सोचता हूँ, कि ज़िन्दगी में बहुत बड़े बड़े काम करने हैं 
.. 
.. 
साला उसी दिन घरवाले गेहूँ पिसवाने भेज देते है😡😡😠😣😜😜😜😂😂😂😂🤣🤣🤣🤣 

इंसान के पास 😇दिमाग होना चाहिये... 




💀खोपड़ी तो भूतो के पास भी होती है !!😂😁😜😜😜😜 
😜😂😜😜😂😜😜😂😜😂 

ये तो अच्छा है कि बोर्ड परीक्षा का कोई exit poll नही आता, 

नहीं तो घरवाले 3-4 दिन पहले से ही "पिटाई" शुरू कर देते...! 
 
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on: Sep 24, 2018
ratings: 1

tags: Friend
language: hi

दादाजी अपना 100 वाँ जन्मदिन मना रहे थे.
सब उनको बधाइयाँ दे रहे थे और उनकी सेहत का राज पूछ रहे थे.👶🏻
दादाजी अपनी सेहत का राज बताते हुए बोले,
"मेरी शादी 75 साल पहले हुयी थी,
तब शादी के दिन हमने एक-दूसरे से वादा किया था कि जब भी हममें झगड़ा या बहस होगी तो, हारने वाला घर से बाहर जा कर 5 Km walk कर के आयेगा!

जैन्टलमैन, मैं पिछले 75 सालों से रोज खुली हवा में Walk करता रहा हूँ, यही मेरी सेहत का राज है |

तब एक मित्र ने कहा,
आपकी wife भी काफी पतली और energytic है, उसका राज क्या है?
दादाजी ने राज खोला,

"वो एक दूसरा Secret है, मेरी पत्नी रोज मेरा पीछा करती थी, 🏃🏾‍♀🏃🏾‍♀🏃🏾‍♀.
ये देखने के लिये की मैंने 5 km Walk किया या नही"

मस्त रहें। व्यस्त रहें।
अस्त-व्यस्त ना रहे।
😍😍❤
 
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on: Sep 23, 2018
ratings: 6

tags: Friend
language: hi

*_घास के पैसे (लघुकथा)_*

मै अपनी सुन्दर पड़ोसन के साथ पार्क में गया। हम एकान्त में बैठे।
वो बोली: क्या करें?
मैने कहा: एक चुटकुला सुनो:

*चुटकुला*
एक सन्यासी मन्दिर में सो रहा था। रात को एक सुन्दरी आकर उसके पास लेट गयी। सुबह को सन्यासी पछताया। जाकर अपने गुरु से बोला: बताइये, प्रायश्चित कैसे होगा?

गुरु ने पूछा: तुमने सुन्दरी के साथ कुछ किया भी था?
सन्यासी ने कहा: नहीं।
गुरु बोले: दस दिन तक सुबह उठकर घास चरो।
सन्यासी ने पूछा: ऐसा क्यों?
गुरु ने कहा: इसलिये कि तुम गधे हो।
*(समाप्त)*

मेरी पड़ोसन खूब हंसी। बहुत देर बाद हम दोनों उठकर जाने लगे। जाते-२ उसने मुझे 100 रूपये दिये।
मैने पूछा: चुटकला पसन्द आया, इसलिये रूपये दे रही हो?
वो बोली: नहीँ, घास खरीदने के लिये।
😂😂
 
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on: Sep 20, 2018
ratings: 3

language: hi

बेगाने होते लोग देखे, 
अजनबी होता शहर देखा 
हर इंसान को यहाँ, 
मैंने खुद से ही बेखबर देखा। 

रोते हुए नयन देखे, 
मुस्कुराता हुआ अधर देखा 
गैरों के हाथों में मरहम, 
अपनों के हाथों में खंजर देखा। 

मत पूछ इस जिंदगी में, 
इन आँखों ने क्या मंजर देखा 
मैंने हर इंसान को यहाँ, 
बस खुद से ही बेखबर देखा।
 
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on: Sep 16, 2018
ratings: 4

tags: Friend
language: hi

दिल की ख्वाहिश को नाम क्या दूँ,
प्यार का उसे पैगाम क्या दूँ,
दिल में दर्द नहीं, उसकी यादें हैं,
अब यादें ही दर्द दे,
तो उसे इल्ज़ाम क्या दूँ।
 
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on: Sep 9, 2018
ratings: 13

tags: FRIENDS
language: hi

मेरे चिराग़ हैं नादाँ , ऐ हवा धीरे चल
तेरे पास है आसमाँ, ऐ हवा धीरे चल।

ये दीवारें हैं कच्ची , छत कमज़ोर है
नए घर के हैं निशाँ , ऐ हवा धीरे चल।

फूल बिखर न जाए,तितली डर न जाए
खौफ में है बागवां , ऐ हवा धीरे चल।

दुपट्टा गर उड़ जाए,वो तो डर जाएँगी
इश्क अभी है जवाँ , ऐ हवा धीरे चल।
 
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by: Saloni
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on: Sep 9, 2018
ratings: 2

tags: मैं
language: hi

कोई तुम से पूछे ,
कौन हूं मैं,
कह देना ,
बीता हुआ कल हो तुम,
सुंदर पल हो तुम।
कोई तुम से पूछे कौन हु मैं,
कह देना ,
आंखो के काजल हो तुम।
सलोनी
 
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on: Sep 8, 2018
ratings: 1

tags: friends
language: hi

वो तो दिवानी थी मुझे तन्हां छोड़ गई
खुद न रुकी तो अपना साया छोड़ गई

दुख न सही गम इस बात का है
आंखो से करके वादा होंठो से तोड़ गई।

मैं चाहता हूँ मैं तेरी... हर साँस में मिलूँ,
परछाईयों में, धूप में, बरसात में मिलूँ।

कोई खुदा के दर पे मुझे ढूंढ़ता फिरे,
मैं भी किसी को प्यार की सौगात में मिलूँ।

तड़पे हजारों दिल मगर हासिल न मैं हुआ,
तू चाहता है मैं तुझे यूँ ही खैरात में मिलूँ।
 
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on: Sep 8, 2018
ratings: 2

tags: friends
language: hi

चमन में जो भी थे नाफ़िज़ उसूल उसके थे,
तमाम काँटे हमारे थे और फूल उसके थे,
मैं इल्तेज़ा भी करता तो किस तरह करता,
शहर में फैसले सबको कबूल उसके थे।
शिकायत क्या करूँ दोनों तरफ ग़म का फसाना है,
मेरे आगे मोहब्बत है तेरे आगे ज़माना है,
पुकारा है तुझे मंजिल ने लेकिन मैं कहाँ जाऊं,
बिछड़ कर तेरी दुनिया से कहाँ मेरा ठिकाना है।
हर एक हसीन चेहरे में गुमान उसका था,
बसा न कोई दिल में ये मकान उसका था,
तमाम दर्द मिट गए मेरे दिल से लेकिन,
जो न मिट सका वो एक नाम उसका था।
 
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by: Saloni
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on: Sep 2, 2018
ratings: 2

tags: कभी
language: hi

कभी आते है वो,

कभी जाते है वो।

कभी दिल लगाते है वो,

कभी दिल तोड़ते है वो।

कभी बाते करते है वो,

कभी चुप रहते है वो।

न जाने क्यों ऐसे सताते है वो।

कभी मुस्कुराते हैं वो,

कभी खिल खिला के हसते है वो।

न जाने क्यों नटखट है वो।

सलोनी
,🌸🌸🌸🌸
🌹🌹🌹🌹
🌻🌻🌻🌻
 
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on: Aug 28, 2018
ratings: 5

tags: friends
language: hi

तनहा बैठे है दोनो.....
“मै और मेरा दिल”
.
तेरी याद मे रहते है दोनो...
“मै और मेरा दिल”
.
शीशे का वजूद और हर हाथ में पत्थर...
सहमे बैठे है दोनो...
“मै और मेरा दिल”
.
ख़ामोशी का सबब जो कोई पूछ ले तो....
तेरा नाम ही लेते है दोनो....
“मै और मेरा दिल”.....!!!!!
 
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on: Aug 28, 2018
ratings: 4

language: hi


वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है,
आहट उसकी, जैसे दिल में हलचल सी कर जाती है,

झुकी नजर उसकी, जैसे मुझको पागल कर जाती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।

आइना है
उसकी नज़रें, जो सबकुछ बतलाती है, वो है पागल,
जो दिल को झुटा बतलाती है,

लगती है प्यारी,
जब खुद ही वो शर्माती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है
 
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on: Aug 21, 2018
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tags: Poem
language: hi

फकत, लकीरें है खींचती चारों तरफ,
कोई मन से ,तन से ,कोई रुह की तरफ

फकत ,अंदाज है कुछ जज्बात का यहाँ
फकीरी है ,कोई चलती ईबादत की तरफ

फकत, पह्चान ही अधुरी है अपनी तरफ
नजरों का धोखा है, दुनियादारी की तरफ

फकत, खयाल खोना हुश्न हकीकी तरफ
मिजाज ए महोबत,जीस्म जाँन की तरफ

फकत, जिंदगी है फना फितरत की तरफ
ओर कदम उठ रहे है,मौत महेबुबा तरफ
 
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on: Aug 17, 2018
ratings: 0

tags: Poem
language: hi

मिलकर युं ही बीछडती है परछांईयाँ फकत,
ना मिला कोई , नूर ए अलम आईना बनकर

आरपार देखलुं नजारा, ओर नजर का हुनर
ईश्क हकीकी ,मिला ना कोई रुहाना बनकर

दर्द ओर जख्म की परवाह ,कहाँ है दिल को
मरहमी अंदाज मैं जीता हुँ दिल ए नूर बनकर

रास्ते अजीब से ,चले आ रहे मेरी तरफ यारों
मैं मिलना चाहता बस, रुहानी मंजिल बनकर
 
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by: Saloni
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on: Aug 16, 2018
ratings: 4

language: hi

जन्म लेकर आओ कान्हा फिर,
सब के दुःख दूर कर दो कान्हा फिर,

जन्म लेकर आओ कान्हा फिर,
हम सब को अपने छत्र छाया में रख लो फिर,
तू है हमारी प्यारी माँ,
हम है तुम्हारे वच्चे,

आओ जाओ फिर कान्हा ,
हम है अधूरे तुम्हारे बिना।

सलोनी
 
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by: Saloni
average: 10.0

on: Aug 16, 2018
ratings: 2

language: hi

जन्म लेकर आओ कान्हा फिर,
सब के दुःख दूर कर दो कान्हा फिर,

जन्म लेकर आओ कान्हा फिर,
हम सब को अपने छत्र छाया में रख लो फिर,
तू है हमारी प्यारी माँ,
हम है तुम्हारे वच्चे,

आओ जाओ फिर कान्हा ,
हम है अधूरे तुम्हारे बिना।

सलोनी
 
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