मेरी जिन्दगी .......

by: upendra Singh (on: Dec 16, 2017)
Category: Other   Language: Hindi
tags: friends
*लोग जल जाते हैं मेरी मुस्कान पर क्योंकि*
*मैंने कभी दर्द की नुमाइश नहीं की*
*जिंदगी से जो मिला कबूल किया*
*किसी चीज की फरमाइश नहीं की*
*मुश्किल है समझ पाना मुझे क्योंकि*
*जीने के अलग है अंदाज मेरे*
*जब जहां जो मिला अपना लिया*
*ना मिला उसकी ख्वाहिश नहीं की।*
*माना कि औरों के मुकाबले कुछ ज्यादा पाया नहीं मैंने,*
*पर खुश हूं कि खुद को गिरा कर कुछ उठाया नही
score: 9.43918
average: 10.0
Ratings: 4
 
« send to friends»
URL (link) to this writing. You can copy and paste this in your email to send to your contacts:
 
Not good
Ok
Excellent!
 
 
 

Comments

[View All Comments]
 
942 days ago
Thanks friends
 
 
943 days ago
Bahut khubb
 
 
943 days ago
Rating: 10
 
 
954 days ago
10
 
 
954 days ago
Rating: 10
 
 
963 days ago
good
 
 
963 days ago
Rating: 10
 
 
965 days ago
EXCELLENT
 
 
965 days ago
Rating: 10
 
[View All Comments]