सजाया है

by: anand anand (on: Dec 17, 2017)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Poem
गुल ए मस्त हसीन , तेरा एक चहेरा
नूर से सजाया है, तुने बडा प्यार से
थोडी भीगी पलकों पर , भीगा भीगा
शबनमी अहेसास भी ,तुने सजाया है

नज़र बिछाकर , राहे वफा सुकुन से
इन्तजार के अलम में , बसाया है
टुटती साँसे, सब्र बेसब्र निगाहें अपनी,
चाहत की राहत में, दिल सजाया है,

हँसती खेलता , अटखेलीयाँ करती वो,
हिरनी की चाल, गजब तुने ढाया है,
दिल ए मस्त ,रहेनुमाई महोबत भरी
मस्तानी जिंदगी को,बखुबी सजाया है


score: 9.37792
average: 10.0
Ratings: 3
 
« send to friends»
URL (link) to this writing. You can copy and paste this in your email to send to your contacts:
 
Not good
Ok
Excellent!
 
 
 

Comments

[View All Comments]
 
1070 days ago
Nice one 👍
 
 
1070 days ago
Rating: 10
 
 
1071 days ago
wonderful
 
 
1071 days ago
Rating: 10
 
 
1072 days ago
Like .....awsome
 
 
1072 days ago
Rating: 10
 
[View All Comments]