मेरी तन्हाईयों तुम ही ........

by: upendra Singh (on: Dec 21, 2017)
Category: Other   Language: Hindi
tags: friends
मेरी तन्हाईयों तुम ही लगा लो मुझको सीने से
कि मैं घबरा गया हूँ इस तरह रो रो के जीने से

ये आधी रात को फिर चूड़िया सी क्या खनकती है
कोई आता है या मेरी ही ज़न्जीरें छनकती हैं
ये बातें किस तरह पूछूँ मैं सावन के महीने से
कि मैं घबरा गया हूँ इस तरह रो रो के जीने से

पीने दो मुझे अपने ही लहू का जाम पीने दो
ना सीने दो किसी को भी मेरा दामन ना सीने दो
मेरी वहशत ना बढ जाये कहीं दामन के सीने से
score: 9.30162
average: 10.0
Ratings: 2
 
« send to friends»
URL (link) to this writing. You can copy and paste this in your email to send to your contacts:
 
Not good
Ok
Excellent!
 
 
 

Comments

[View All Comments]
 
961 days ago
Nice!!!!!
 
 
961 days ago
Rating: 10
 
 
961 days ago
Rating: 10
 
[View All Comments]