“ग़ज़ल” रूमानी हो गई...

by: upendra Singh (on: Jan 7, 2018)
Category: Other   Language: Hindi
tags: friends
होठों से लगाकर पीना, बात कुछ पुरानी हो गई
आँखों से पिला कर देख, आज रुत मस्तानी हो गई...

वो पीते है शराब महफिल-ऐ-यार जमा कर
हमने चोरी से पिया एक जाम तो बेइमानी हो गई...

युं तो करते हैं वो हरदम कुछ नई शरारत
हम जो एक बार उनसे रूठे तो नादानी हो गई...

वो करते है इज़हार-ए-प्यार इस कदर जहाँ में
हमे पता भी न चला और एक कहानी हो गई...

उन के खयालो से महकता है हर-रोज़ यह समां,
पास आने से आज उनके “ग़ज़ल” रूमानी हो गई...
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879 days ago
Thanks
 
 
879 days ago
सुदर,
 
 
879 days ago
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879 days ago
whole is good last two lines i like most
 
 
879 days ago
Rating: 10
 
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