एहेसास दिल में

by: anand anand (on: Jan 26, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Poem


हमने ना बनाइ है , रिस्तों की सरहदे जिंदगी में कभी
ओर गुजर गए बेनाम , महेफुस रहते अहेसास दिल मे,

क्युं टुटकर चाहा पतंगे ने , फितरत में अपनी कुरबानी
वोह जलते रहे ,जलाते रहे, शम्मा एदिल अहेसास दिल मे

बदसुरत है शायद अंदाज़ ए महोबत, फकत लफ्ज़ में ही
या हयाति ही नही ,जजबात उभरते हुए अहेसास दिल में

खैर ,अपनी ओकात नही, जीस्मी जहाँ की हकीकत मे,
हक़ से खेलती हकीकी में ,हर हाल वो अहेसास दिल में
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1033 days ago
gd1
 
 
1033 days ago
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1035 days ago
NIce
 
 
1035 days ago
Rating: 10
 
 
1035 days ago
om
 
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