....हर हर महादेव :...

by: Rajesh singh (on: Feb 12, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: RAJ.पहाड़ी शेर
.......हर हर महादेव :...........
करके रख भभूत का शृंगार.
ड़ाल गले में नाग सर्पो का हार.
जटा मे धारण किये गंगा की धारा.
माथे पर शोभित चाँद का डेरा.

बाजू मे बांधे रुद्राक्ष का माला.
हाथ मे उठाये त्रिशूल का भाला.
करते हो तुम देवा कैलाश पर वास.
पल मे ही करते हो दुष्टो का नाश.

हे नाथ तुम हो शंकर भोला.
जब भी तुमने तीसरा आंख खोला.
राजा इंद्रा का भी सिंघासन डोला.
तीनो लोको मे मच गया हल्ला.

वैसे तो है शिवा तुम्हारी शांत है माया.
पर जब जब भी है तुमको क्रोध आया.
तब किया है तुमने तांडव का नाच.
तीनो लोको मे फैली बर्बादी की आंच.

समुंद्रा मंथन मे विष था निकला,
पिया तुमने वो जेहेर का प्याला.
हलाहल पीकर नीलकंठ केहलाए,
पापी कोई तेरा कोप से बच ना पाये ....
...............................कवि ..राजेश सिंग...12.2.18
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Comments

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1018 days ago
....हर हर महादेव .........sundar kavita ...RAJ
 
 
1018 days ago
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