ऐ मेरे दिल, यूं मुझसे न इंतकाम ले

by: upendra Singh (on: Mar 15, 2018)
Category: Other   Language: Hindi
tags: friends
मैं लफ़्ज़ों में कुछ भी इज़हार नहीं करता,
इसका मतलब ये नहीं की मैं तुझे प्यार नहीं करता,

चाहता हूँ मैं तुझे आज भी पर,
तेरी सोच में अपना वक़्त बेकार नहीं करता,

तमाशा ना बन जाए कहीं मोहब्बत मेरी,
इसी लिए अपने दर्द को नमूदार नहीं करता,

जो कुछ मिला है उसी में खुश हूँ मैं,
तेरे लिए खुदा से तकरार नहीं करता,

पर कुछ तो बात है तेरी फितरत में ज़ालिम,
वरना में तुझे चाहने की खता बार-बार नहीं करता...

दिल जब भी तन्हाई में तेरा नाम ले
दूर से ही सही, तू दिल का सलाम ले

हम तेरी मुहब्बत में सुबहो-शाम जले
मेरी बुझती नजर देखकर तू जान ले

कभी तुझे भी खलेगी हमारी कमी
कभी तू भी रोएगी, ये तू मान ले

एक दरिया बसाया है मेरी आंखों में
ऐ मेरे दिल, यूं मुझसे न इंतकाम ले
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