इज़हार हम भी नही करते.

by: upendra Singh (on: Mar 17, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: friends
मिला वो भी नही करते,
मिला हम भी नही करते.
दगा वो भी नही करते,
दगा हम भी नही करते.
उन्हे रुसवाई का दुख,
हमे तन्हाई का डर
गिला वो भी नही करते,
शिकवा हम भी नही करते.
किसी मोड़ पर मुलाकात हो जाती है
अक्सर रुका वो भी नही करते,
ठहरा हम भी नही करते.
जब भी देखते हैं उन्हे,
सोचते है कुछ कहें उनसे .
सुना वो भी नही करते,
कहा हम भी नही करते.
लेकिन ये भी सच है,
की मोहब्बत उन्हे भी हे हमसे
इकरार वो भी नही करते,
इज़हार हम भी नही करते.
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978 days ago
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985 days ago
👌👌
 
 
985 days ago
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985 days ago
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986 days ago
बहुत कोमल सवाल हो गया ! क्या करे !!
 
 
986 days ago
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986 days ago
Rating: 9
 
 
986 days ago
SUPERB🌹🌹
 
 
986 days ago
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986 days ago
Hum intezar karne Chod diye hai.....
Yeh Duniya .....merr kaam ki nahi....
 
 
986 days ago
Beautiful
 
 
986 days ago
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