पाना चाहता हुं

by: anand anand (on: Mar 26, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Poem
दिल ए यार, खुशबू मैं , पाना चाहता हुं
फूलों जैसी नजा़क़त , पाना चाहता हुं

पत्थर दिल हुं , आप मान लीजिए मुझे
मोम सी हो ईनायत, पिघलना चाहता हुं

तुटे हुए आईने की तरह, बिखर गया हुं
दिदारे यार ज़लक , एक पाना चाहता हुं

बहुत खर्च किया है, तिलिस्मी नूर अपना
याराना थोडी रियायत, पाना चाहता हुं

बहुत जे़ला है गम़ ए जिंदगी कोअंधेरों में
रोशन दिल से किफ़ायत ,पाना चाहता हुं
score: 9.37792
average: 10.0
Ratings: 3
 
« send to friends»
URL (link) to this writing. You can copy and paste this in your email to send to your contacts:
 
Not good
Ok
Excellent!
 
 
 

Comments

[View All Comments]
 
976 days ago
good
 
 
976 days ago
Rating: 10
 
 
976 days ago
touchy but good
 
 
976 days ago
Rating: 10
 
 
976 days ago
Rating: 10
 
[View All Comments]