दिल मजबूर था......

by: upendra Singh (on: Mar 27, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: friends
क्या न जाने जहाँ का भी दस्तूर था
जिसको चाहा था दिल ने वही दूर था
दिल मजबूर था.....!!

रस्म-ए-उल्फ़त अधूरी रही थी मेरी
वो सदाएं अधूरी रही थीं मेरी
दिल से दिल ना मिले,ग़म से दिल चूर था
जिसको चाहा था दिल ने वही दूर था
दिल मजबूर था.......!!

मशवरा दिल से करते भला कब तलक
तस्करा दिल से करते भला कब तलक
ख़ुद को ख़ुद पर भरोसा न भरपूर था
जिसको चाहा था दिल ने वही दूर था
दिलमजबूर था.......!!

ये समुन्दर सी आँखे जो बहने लगीं
अपने ग़म की कहानी लो कहने लगीं
हर कोई इस ज़माने में मगरूर था
जिसको चाहा था दिल में वही दूर था
दिल मजबूर था......!!

क्या न जाने जहाँ का भी दस्तूर था
जिसको चाहा था,दिल ने वही दूर था
दिल मजबूर था.......!!
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975 days ago
Dil bewakoof tha 😂😂
 
 
975 days ago
Nice.....
 
 
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Nice.....
 
 
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Nice.....
 
 
975 days ago
Nice.....
 
 
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975 days ago
Bahut khub...
 
 
975 days ago
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975 days ago
Wahh
 
 
975 days ago
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976 days ago
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976 days ago
Dil majboor tha
 
 
976 days ago
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976 days ago
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