अपनी मर्यादा क्यों भूल जाते हो???????

by: upendra Singh (on: Apr 20, 2018)
Category: Other   Language: Hindi
tags: friends
मेरे दूध का कर्ज़ मेरे ही खून से चुकाते हो
कुछ इस तरह तुम अपना पौरुष दिखाते हो
दूध पीकर मेरा तुम इस दूध को ही लजाते हो
वाह रे पौरुष तेरा तुम खुद को पुरुष कहाते हो
हर वक्त मेरे सीने पर नज़र तुम जमाते हो
इस सीने में छुपी ममता क्यों देख नहीं पाते हो
इक औरत ने जन्मा ,पाला -पोसा है तुम्हें
बड़े होकर ये बात क्यों भूल जाते हो
तेरे हर एक आँसू पर हज़ार खुशियाँ कुर्बान कर देती हूँ मैं
क्यों तुम मेरे हजार आँसू भी नहीं देख पाते हो
हवस की खातिर आदमी होकर क्यों नर पिशाच बन जाते हो
हमें मर्यादा सिखाने वालों तुम अपनी मर्यादा क्यों भूल जाते हो
हमें मर्यादा सिखाने वालों तुम अपनी मर्यादा क्यों भूल जाते हो
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1117 days ago
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1118 days ago
nice poem
 
 
1118 days ago
Rating: 9
 
 
1118 days ago
Excellent Quote.
 
 
1118 days ago
Rating: 10
 
 
1118 days ago
Thanks Upendra ji
 
 
1118 days ago
Rating: 10
 
 
1118 days ago
हमें मर्यादा सिखाने वालों तुम अपनी मर्यादा क्यों भूल जाते हो
V true.. Niceone 👍
 
 
1118 days ago
Rating: 10
 
 
1118 days ago
Good & relevant now
 
 
1118 days ago
Good & relevant now
 
 
1118 days ago
apt for now a days
 
 
1118 days ago
Rating: 10
 
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