🔥चले आओ 🔥.

by: Chandni ✨ॐ🙏' (on: Apr 24, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Channdni

खुद चले आओ या बुला भेजो।
रात अकेले बसर नहीं होती॥

हम ख़ुदाई में हो गए रुसवा।
मगर उनको ख़बर नहीं होती॥

किसी नादाँ से जो कहो जाये।
बात वह मुख़्तसर नहीं होती॥

जब से अश्कों ने राज़ खोल दिया।
चार अपनी नज़र नहीं होती॥

आग दिल में लगी न हो जब तक।
आँख अश्कों से तर नहीं होती॥ ❤️

................... ''चाँदनी ''💋
score: 9.30162
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Comments

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944 days ago
Ooohhho...aag hai humm...
 
 
947 days ago
uhhhhh
 
 
947 days ago
Rating: 10
 
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