मिजाज़ ए महोबत

by: anand anand (on: May 3, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Poem
दिल ए यार, सुकुन है, मिजाज़ ए महोबत
रोशन है हाल तमाम, मिजाज़ ए महोबत

बस करवटें बदलेते है, ईन्तजा़र का अलम
नज़रों का है इन्तजाम, मिजाज़ ए महोबत

मिलती है निगाहें, कुछ अलप-ज़लप बाँते
जुदाई का हाल तमाम, मिजाज़ ए महोबत

गुल सा हसीन कभी, कभी खा़र से भी प्यार
कभी फि़जा का इन्तकाम, मिजाज़ ए महोबत

जिस्मो हयाती, खयाल ओ खुबसुरत है कहानी
कब्र में होना है इन्तजा़म, मिजाज़ ए महोबत

पाना-खोना खेल, हसरत ए दिल शोहरत तमाम
आखिर में छुटना अंजाम, मिजाज़ ए महोबत
score: 9.24221
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938 days ago
उलझा है पाँव यार का जुल्फ-ऐ-दराज़ में,,,
लो आप अपने जाल में सय्याद आ गया!!!!!
 
 
938 days ago
Rating: 5
 
 
938 days ago
nice
 
 
938 days ago
Rating: 9
 
 
938 days ago
v nice
 
 
938 days ago
Rating: 10
 
 
938 days ago
Wonderful.
 
 
938 days ago
Rating: 9
 
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