💞कैसे कह दूँ कि मुलाकात नहीं होती ..💞

by: Chandni ✨ॐ🙏' (on: May 5, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Chandnni
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कैसे कह दूँ कि मुलाकात नहीं होती .
रोज़ मिलते मगर बात नहीं होती .

कुचे मैं गुज़रे वो नज़र झुका के
आँख हमारी कभी चार नहीं होती .

छुप के रोती हूँ तेरी याद में दुनिया भर से
कब मेरी आँख से बरसात नहीं होती .

खुद चले आओ या बुला भेजो
ज़िंदगी अकेले बसर नहीं होती

'
हाल-ए-दिल पूछने वाले तेरी दुनिया में कभी
दिन तो होता . मगर रात नहीं होती .

हम ख़ुदाई में हो गए रुसवा
मगर उनको ख़बर नहीं होती

जब भी मिलते तो कहते कैसी हो
इस से आगे तो कोई बात नहीं होती

.......................... ''चाँदनी ''💋
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932 days ago
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935 days ago
EXCELLENT !!!
 
 
935 days ago
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