💞मेरा ज़नूने-शौक है, या हद है प्यार की💞

by: Chandni ✨ॐ🙏' (on: May 12, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Chandnni
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💞मेरा ज़नूने-शौक है, या हद है प्यार की
तेरे बिना सूनी लगे, रौनक बहार की

आते नहीं हैं वो कभी, महफ़िल में वक़्त से
आदत सी हमको पड़ गई है इंतज़ार की

सूरज ढला, तो आसमाँ की, रुत बदल गई
पक्षी कहानी लिख गए, अपनी कतार की

माना कि शोभा रखता है, कैक्टस का फ़ूल भी
लेकिन चुभन, महसूस की है, मैंने ख़ार की

कुछ भी कहूं या चुप रहूं आफ़त में जान है
रस्सी भी " चाँदनी " बट चुकी गर्देन पे दार की
.
.......................चाँदनी ' 🔥
score: 9.33724
average: 9.41667
Ratings: 13
 
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Comments

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880 days ago
ये तो शायद पुरुषोत्तम अब्बी 'आजर' की कविता है जी।
 
 
880 days ago
Rating: 5
 
 
927 days ago
💞 धन्यवाद आप सभी मित्रों का !आप इसी तरह हौसला देते रहें और मैं आपके स्नेह को सार्थक सिद्ध कर सकूँ. आपकी इन नेक शुभकामनाओ के लिए आभारी हूँ !आपका स्नेह ही
मेरा सामर्थ्य है. सादर और ससम्मान नमन
 
 
927 days ago
Rating: 10
 
 
928 days ago
मोहब्बत की चादर में......
लिपटे हुए अफसाने..!!

दोस्त तो दोस्त.........
दुश्मन भी हमारे दीवाने..!!!
मोहब्बत की चादर में......
लिपटे हुए अफसाने..!!
 
 
928 days ago
Rating: 10
 
 
928 days ago
nice
 
 
928 days ago
Rating: 10
 
 
928 days ago
हर तरफ फैली हुई है चांदनी ही चांदनी =
= जैसे वो खुद साथ हैं उनकी जवानी साथ है==
 
 
928 days ago
Rating: 8
 
 
928 days ago
बहुत खूब लिखा है >>तेरे बिना सूनी लगे, रौनक बहार की
 
 
928 days ago
Rating: 10
 
 
928 days ago
Beautiful
 
 
928 days ago
Beautiful
 
 
928 days ago
Rating: 9
 
 
928 days ago
Mera Junune showk hai ya Had hai pyar ki..... BAHOOT KHOOB, Bahut achhi Rachana hai !!!
 
 
928 days ago
Rating: 10
 
 
928 days ago
माना कि शोभा रखता है, कैक्टस का फ़ूल भी
लेकिन चुभन, महसूस की है, मैंने ख़ार की

***** Dardbhari hai lekin bahut Khubsurat panktiya pyare mitr.
Bha gayi !
 
 
928 days ago
Rating: 9
 
 
928 days ago
Dil kab toota tha?
 
 
928 days ago
Rating: 10
 
 
928 days ago
Good lines.
 
 
928 days ago
Rating: 10
 
 
928 days ago
Excellent
 
 
928 days ago
Rating: 10
 
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