मोहब्बत में शायद कमी आ गई.....

by: upendra Singh (on: May 20, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: friends
बे-इरादा नज़र उनसे टकरा गई
ज़िन्दगी में अचानक बहार आ गई

रूख़ से पर्दा उठा चाँद शर्मा गया
ज़ुल्फ़ बिखरी तो काली घटा छा गई

वो जो हँसते हुए बज़्म में आ गए
मैं ये समझा क़यामत क़रीब आ गई

उनकी ज़ुल्फ़ों में पड़ते हुए ख़म देखकर
शेख़ जी की तबीयत भी ललचा गई

मौत क्या चीज़ है मैं तुझको समझाऊँ क्या
इक मुसाफ़िर था रस्ते में नींद आ गई

दिल में पहले सी ऐ 'दिल' वो धड़कन नहीं
मोहब्बत में शायद कमी आ गई
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920 days ago
Beautiful words
 
 
920 days ago
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