बेमिशाल है

by: anand anand (on: May 21, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Poem
महोबत करने की ,अंदाज़ बेमिशाल है
हुश्न हकीकी, तेरा होना बेमिशाल है

पाया भी क्या खोकर खुद को जिंदगी
खोया जो उनका , पाया बेमिशाल है

बहुत सब्र से ,काटी है बिरहाना जिंदगी
मौज़ ए मिलन मुस्कराहट बेमिशाल है

आदत है जीने की , जीस्म जाँ में दुनिया
रुहानियत मे रुह का होना बेमिशाल है

गज़ब है , सुकुन ओर शोहरत ए ईनाम
नाम तेरा , ईबादत ए हुश्न बेमिशाल है
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