दिल ए नूर,,,हयात

by: anand anand (on: May 22, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Poem
बेशक बादशाहाना अंदाज है तेरा महोबत
बेफीक्र चाहत का सिलसिला तेरा महोबत

जिस्म जाँ से उपर उठ गए अफसाने दिल
कब्र की औकात से परे , हुश्न तेरा महोबत

कतई ना बीक जाना ,बाजार ए दुनिया दारी
अनमोल, अहेसास रुहाना है तेरा महोबत


जिंदादिली जिक्र फकत मिटना कुरबानी में
मौज ए मस्त बहार ही है रुप तेरा महोबत

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916 days ago
good1
 
 
916 days ago
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917 days ago
Rating: 7
 
 
917 days ago
Nice
 
 
917 days ago
Rating: 5
 
 
918 days ago
Nc 1
 
 
918 days ago
Rating: 10
 
 
919 days ago
अनमोल, अहेसास रुहाना है तेरा महोबत .....Nice
 
 
919 days ago
मुजे मेरी ही तलाश है ,आईना ए दिल,
आब अंबर बरसे, कभी अश्क तस्वीर

छुकर भी , ना पाया हकीकत ए दिल
नजर अंदाज तो नही , हुश्न हयात दिल
 
 
919 days ago
यह ईबादत है फकत ,
मानीए ,रुहानियत

हरतरफ होनापन है
बरतरफ मौत इन्सानियत
 
 
919 days ago
हुस्न का बहकना ज़ारी है,
दिये रोशनी के जला दो.!
इलज़ाम इश्क सर आएगा,
चाहे ईमानदारी दिखा दो.!!
 
 
919 days ago
Rating: 10
 
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