जिंदगी

by: anand anand (on: May 25, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Poem
बीत रहा है लम्हा लम्हा,
कट रहा रास्ता जिंदगी
इन्तजार ए अलम में है
नजरें प्यासी, प्यासी जिंदगी

बेशक ,वफा से है चलना
मंजिल ए महोबत जिंदगी
वेवफाई दिल्लगी ,समजता
रुहाना मिटना, कुरबान जिंदगी

मिला भी क्या ?बीछड जाये
दोनो से परे ,हकीकत जिंदगी
बीछड ना पाये अहेसास
महेफुस हयीति ,सब मे जिंदगी

टुटते रहे ,फीर जुडते रहे
जन्मोजनम की कहानी जिंदगी
बात है जजबात हमदर्द ही
दर्द ए अलम ,मरहमी है जिंदगी
score: 9.36691
average: 9.6
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805 days ago
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805 days ago
nice
 
 
805 days ago
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806 days ago
Rating: 9
 
 
806 days ago
Thanks
 
 
806 days ago
Rating: 10
 
 
806 days ago
*कभी जीने की आशा,*
*कभी मन की निराशा,*
*कभी खुशियो की धूप,*
*कभी हकीकत की छांव,*
*कुछ खोकर कुछ पाने की आशा,*
*शायद यही है जीवन की परिभाषा...!!!*

*_🙏-*
 
 
806 days ago
सुक्रिया
 
 
806 days ago
Rating: 9
 
 
806 days ago
माना के तुम लफ़्ज़ों के बादशाह हो,
पर हम ख़ामोशी पे राज़ करते है।
 
 
806 days ago
Rating: 10
 
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