बात है

by: anand anand (on: Jun 23, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Poem
मौज ए दिल , गुजरे लफ्ज जजबात है
दिल की हमदर्द से , दिल्लगी भरी बात है

दर्द का होना लाजिमी ,जख्म की भी यही
कोइ पसंद, ना पसंदगी की खरी बात है

मिले कोइ ,मिटकर रहे फितरत ए फ़न भी
कोई हवा का झौका , सफर की बात है

बेबयाँ हुं ,बेबस कतई नही अपने हुनर से
उलफत की अदायगी ,इन्सानियत बात है

खुश रहो , मिजाज ए महोबत दुनियादारी में
हकीकत होनहार हुश्न ,ईबादत की बात है
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