लिखते है सदा उन्हीं के लिए...

by: upendra Singh (on: Jul 13, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: friends
लिखते है सदा उन्हीं के लिए...
जिन्होंने हमें कभी पढ़ा ही नहीं..
मुझ पर सितम ढहा गए मेरी ही ग़ज़ल के शेर,
पढ़-पढ़ के खो रहे हैं वो गैर के ख्याल में।
आज उस ने एक दर्द दिया तो मुझे याद आया,
हमने ही दुआओं में उसके सारे दर्द माँगे थे।
कुछ लोग खोने को प्यार कहते हैं,
तो कुछ पाने को प्यार कहते हैं,
पर हकीक़त तो ये है,
हम तो बस निभाने को प्यार कहते हैं…
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Excellent!
 
 
861 days ago
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862 days ago
Lovely lines
 
 
862 days ago
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866 days ago
Beautiful
 
 
866 days ago
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866 days ago
gd1
 
 
866 days ago
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