लिखते है सदा उन्हीं के लिए...

by: upendra Singh (on: Jul 13, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: friends
लिखते है सदा उन्हीं के लिए...
जिन्होंने हमें कभी पढ़ा ही नहीं..
मुझ पर सितम ढहा गए मेरी ही ग़ज़ल के शेर,
पढ़-पढ़ के खो रहे हैं वो गैर के ख्याल में।
आज उस ने एक दर्द दिया तो मुझे याद आया,
हमने ही दुआओं में उसके सारे दर्द माँगे थे।
कुछ लोग खोने को प्यार कहते हैं,
तो कुछ पाने को प्यार कहते हैं,
पर हकीक़त तो ये है,
हम तो बस निभाने को प्यार कहते हैं…
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959 days ago
Excellent!
 
 
959 days ago
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960 days ago
Lovely lines
 
 
960 days ago
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964 days ago
Beautiful
 
 
964 days ago
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964 days ago
gd1
 
 
964 days ago
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