दे दे

by: anand anand (on: Jul 16, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Poem
एक नई शहर , एक नया मकाम देदे
ओ महोबत जीने का, बहाना एक देदे

तुट जाये भेद भरम की , सारी दिवारे
साँस विश्वास दिल में गज़ब का भर दे

मिले रंगे नूर, आयना ए दिल हर अंदाज़
जिंदगी जीने का , ऐसा कोई पैगाम देदे

हसरतों का खुले द्वार , हसीन चहेरों पर
मुस्काराते फूलों जैसा, एक चहेरा देदे

धुल जाये सारे , रंज़ ओ गम़ के साये भी
रोशन दिल हो, सुनहरी नई एक शहर देदे
score: 9.37792
average: 10.0
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841 days ago
Rating: 10
 
 
863 days ago
तन्हाई है , दोस्त दिलरुबाना
यादें इश्क हुनर ,हुश्न फरमाना

मिले नूर ए नजर फितरत ए फन
महोबत मे , फना दिल हो जीना
 
 
864 days ago
Thanks
 
 
864 days ago
Rating: 9
 
 
864 days ago
beautifully written
 
 
864 days ago
Rating: 10
 
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