लिखो…..

by: 📒My Diary✍❤My Life✍ ✍.. (on: Aug 11, 2018)
Category: Other   Language: Hindi
tags: ..
मत सोचो क्या लिखना है

और क्या किसने पढ़ना है

लिखो जो तुम्हारा दिल कहे

मत सोचो कि कब लिखना है

लिखो जब दिल थमा के क़लम

हाथों से तुम्हारे जिद कर कहे

लिखो! बस अभी लिखना है!

लिखो मत जो तुमने पढ़ा किताबों में

लिखो वो जो ज़िंदगी ने पढ़ाया तुम्हें

ख़ुद को और अपनों को पढ़कर कर

जो नज़्म बरबस हाथों में मचलती है

तुम लिखो, बस वही नज़्म लिखो!

तुम्हारे दिल से लिखे लफ़्ज़

किसी का दिल ही पढ़ता है

हमदिली का यह लम्बा सफ़र

एहसास पल में तय करता है

जज़्बातों की स्याही डाल

सच की नोंक से कुरेद रफ़ू करो

रूह पर पड़ा पुराना चाक कोई

या फिर नादान ज़ेहन से हटा दो

किसी फरेब का नक़ाब कोई!

जेहनी लोगों की सयानी बातों ने

घोलें हैं हवा में ज़हर कई

तुम अपनी दिवानगी के लफ़्ज़ों से

बख़्श दो ,घुटती साँसों को

साफ़ हवा का झोंका कोई

लिखो तो कुछ ऐसा लिखो

पढकर जिसे कुछ टूटे ख़्वाबों को

साझे आसमान में नयी परवाज़ मिले
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826 days ago
Rating: 10
 
 
837 days ago
Ji Han.. friend 😂😊 hum hamesha Dil ki hi baat dilse karate hai...
 
 
837 days ago

ऐ कलम रुक रुक के चल
एक अदब का मुकाम है,
तेरी नोक के नीचे
किसी के महबूब का नाम है
 
 
838 days ago
VERY TRUE SHAM... JO B LIKHO BAS DIL SE LIKHO.....WO DIL KI BAAT BAS WO DIL HI SAMJHE.....DIL SE NIKALI HAR LABZ US DIL TAK PAHUCHE....
 
 
838 days ago
तेरे जाने से कुछ तो बदला नहीं
रात भी आई थी और चाँद भी था
साँस भी वैसे ही चलती है हमेशा की तरह
आँख वैसे ही झपकती है हमेशा की तरह
थोड़ी सी भीगी हुई रहती है
और कुछ भी नहीं...
- गुलज़ार
 
 
838 days ago
तुम लिखो, बस वही नज़्म लिखो!

तुम्हारे दिल से लिखे लफ़्ज़

किसी का दिल ही पढ़ता है

हमदिली का यह लम्बा सफ़र

एहसास पल में तय करता है
 
 
838 days ago
Rating: 10
 
 
839 days ago
चलते रहेगे क़ाफ़िले मेरे बग़ैर भी यहाँ,

एक तारा टूट जाने से फ़लक़ सूना तो नही होता।।
 
 
839 days ago
Rating: 10
 
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