..पत्थरबाजी.

by: Rajesh singh (on: Aug 13, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: RAJ.पहाड़ी शेर
दोस्तों आजकल हम T V में देखते हैं , अखबरों में पढ़ते हैं कि कश्मीर ममें युवाओं द्वारा सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की घटना हो रही है । लेकिन फिर भी हमारे सुरक्षाबल पत्थर खाकर भी बिल्कुल अपना आपा नहीँ खोते । अपने हाथों मे हथियार होते हुए संयम बनाए रहते हैं।आज समय आगया है पूरे देश को इस विषय पर सोचना चाहिए व इस घटना की घोर निंदा करनी चाहिए ॥

..........................पत्थरबाजी..........

कश्मीर के युवाओं ने पेश की है ये कैसी भयानक तस्वीर ?
पत्थरबाजी व नफरत की आग में झोंक दी है कश्मीर ॥<

ऐक तो पडोसी मुल्क ने वैसे ही कर रखा है नाक में दम
उपर से पत्थरबाजी की घटना नहीँ हो रही है कम ॥
और पत्थर भी उठाया है तो देखो किसके खिलाफत ?
जो रात दिन करते हैं दुश्मनों से उनकी हिफाजत ॥

दुश्मन ही नहीँ चाहे बर्फबारी हो या बाढ़ करते हैं इनकी सुरक्षा ।
इन नामुराद पत्थरबाजो नें अपने मसीहाओ को भी नहीँ है बक्शा ॥
कश्मीर के हालात दिन ब दिन होते जा रेहें हैं बद से बदतर ।
किसने लगाई यह आग किसने थमा दिए युवाओं के हाथों में पत्थर ?

और सुरक्षाबलों की सहनशीलता को देनी पड़ेगी दाद ।
पत्थर खाकर भी न माथे में शिकन न आँखों में फरियाद ॥
बातचीत व समझदारी से भी जीती जाती है हारी बाजी ।
हर समस्या का हल नहीँ होता यारो सिर्फ पत्थरबाजी ॥

..............................................द्वारा...............राजेश सिंह ॥
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