मुझे तन्हां छोड़ गई...........

by: upendra Singh (on: Sep 8, 2018)
Category: Other   Language: Hindi
tags: friends
वो तो दिवानी थी मुझे तन्हां छोड़ गई
खुद न रुकी तो अपना साया छोड़ गई

दुख न सही गम इस बात का है
आंखो से करके वादा होंठो से तोड़ गई।

मैं चाहता हूँ मैं तेरी... हर साँस में मिलूँ,
परछाईयों में, धूप में, बरसात में मिलूँ।

कोई खुदा के दर पे मुझे ढूंढ़ता फिरे,
मैं भी किसी को प्यार की सौगात में मिलूँ।

तड़पे हजारों दिल मगर हासिल न मैं हुआ,
तू चाहता है मैं तुझे यूँ ही खैरात में मिलूँ।
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