घास के पैसे (लघुकथा)

by: MAHI :-) don't like chat (on: Sep 23, 2018)
Category: Joke   Language: Hindi
tags: Friend
*_घास के पैसे (लघुकथा)_*

मै अपनी सुन्दर पड़ोसन के साथ पार्क में गया। हम एकान्त में बैठे।
वो बोली: क्या करें?
मैने कहा: एक चुटकुला सुनो:

*चुटकुला*
एक सन्यासी मन्दिर में सो रहा था। रात को एक सुन्दरी आकर उसके पास लेट गयी। सुबह को सन्यासी पछताया। जाकर अपने गुरु से बोला: बताइये, प्रायश्चित कैसे होगा?

गुरु ने पूछा: तुमने सुन्दरी के साथ कुछ किया भी था?
सन्यासी ने कहा: नहीं।
गुरु बोले: दस दिन तक सुबह उठकर घास चरो।
सन्यासी ने पूछा: ऐसा क्यों?
गुरु ने कहा: इसलिये कि तुम गधे हो।
*(समाप्त)*

मेरी पड़ोसन खूब हंसी। बहुत देर बाद हम दोनों उठकर जाने लगे। जाते-२ उसने मुझे 100 रूपये दिये।
मैने पूछा: चुटकला पसन्द आया, इसलिये रूपये दे रही हो?
वो बोली: नहीँ, घास खरीदने के लिये।
😂😂
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715 days ago
very interesting. congrats
 
 
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