फ़ना

by: 📒My Diary✍❤My Life✍ ✍.. (on: Sep 26, 2018)
Category: Other   Language: Hindi
tags: ..
ऐसा ख़ामोश तो मंज़र न फ़ना का होता
मेरी तस्वीर भी गिरती तो छनाका होता

यूँ भी इक बार तो होता कि समुंदर बहता
कोई एहसास तो दरिया की अना का होता

साँस मौसम की भी कुछ देर को चलने लगती
कोई झोंका तिरी पलकों की हवा का होता

काँच के पार तिरे हाथ नज़र आते हैं
काश ख़ुशबू की तरह रंग हिना का होता

क्यूँ मिरी शक्ल पहन लेता है छुपने के लिए
एक चेहरा कोई अपना भी ख़ुदा का होता
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776 days ago
ऐसा ख़ामोश तो मंज़र न फ़ना का होता
मेरी तस्वीर भी गिरती तो छनाका होता
 
 
776 days ago
Rating: 10
 
 
781 days ago
wow. Excellent
 
 
781 days ago
Rating: 10
 
 
792 days ago
Very nice
 
 
792 days ago
Rating: 10
 
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