अवकाश चाहिए..

by: upendra Singh (on: Oct 16, 2018)
Category: Other   Language: Hindi
tags: friends
मन की थकान जो उतार दे
वो अवकाश चाहिए..
इस भागती सी जिंदगी में
फुरसत की सांस चाहिए ।

चेहरों को नहीं दिल को भी
पढने का वक्त हो ….
मुखौटों से कुछ पल का
संन्यास चाहिए ।

अब बहुत मन भर गया
बड़प्पन और मान से,
है बहुत तृप्त हम
झूठी आन बान शान से..
इसको भी कुछ दिन का
उपवास चाहिए।

बन जाऊं तितली या परिंदा कोई
वो आभास चाहिए..
मन की थकान जो उतार दे
वो अवकाश चाहिए ।।
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892 days ago
Rating: 10
 
 
939 days ago
Thanks
 
 
939 days ago
चेहरों को नहीं दिल को भी
पढने का वक्त हो ….
मुखौटों से कुछ पल का
संन्यास चाहिए ।
 
 
939 days ago
Kya baat hai
Bahut khoob
 
 
939 days ago
Rating: 10
 
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