यूँ मुझसे रूठ जाने का शुक्रिया///........

by: upendra Singh (on: Oct 22, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Friends
चोटों पे चोट देते ही जाने का शुक्रिया,
पत्थर को बूत की शक्ल में लाने का शुक्रिया/_
जागा रहा तो मेने नए काम कर लिए,
ऐ नींद आज तेरे न आने का शुक्रिया/_
सूखा पुराना जख्म नए को जगह मिली,
स्वागत नए और पुराने का शुक्रिया/_
आती न तुम तो क्यों बनाता ये सीढियाँ,
दीवारों मेरी राह में आने का शुक्रिया/_
अब यह हुआ कि दुनियां ही लगती है मुझको घर,
यूँ मेरे घर में आग लगाने का शुक्रिया/_
गम मिलते हैं तो और निखरती है शायरी,
यह बात है तो सारे जमाने का शुक्रिया/_
अब मुझको आ गया है मनाने का हुनर,
यूँ मुझसे रूठ जाने का शुक्रिया///_
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408 days ago
Beautiful lines
 
 
408 days ago
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408 days ago
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408 days ago
shukriya, nice1
 
 
408 days ago
Rating: 10
 
 
764 days ago
अब मुझको आ गया है मनाने का हुनर,
यूँ मुझसे रूठ जाने का शुक्रिया

Lovely df upendra
 
 
764 days ago
Rating: 10
 
 
764 days ago
इतने सुंदर लिखने के लिये शुक्रिया।
 
 
764 days ago
Rating: 10
 
 
765 days ago
Rating: 10
 
 
766 days ago
Nice
 
 
766 days ago
Rating: 10
 
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