Tere mere darmiyan

by: anand anand (on: Nov 2, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Poem
फकत सुकुन से कुछ लफ्ज गुजरे इत्मिनान
कुछ जजबात अपनापन, तेरे मेरे दरमियाँ

ना लेना ना देना , फकत मौज ए मिलन ही
बुलबुले का अहेसास फकत तेरे मेरे दरमियाँ

ना रुसवाई कभी ना मौज ए मिलन अपना
सपना रंगीन लफ्ज बुनना, तेरे मेरे दरमियाँ

गुजरे हाल मस्त ,फूलों की महक, नजाकत
शबनमी भीगा अहेसास , तेरे मेरे दरमियाँ

घौंसला है तिनका तिनका जजबात का यह
तितर बीतर ना हो जाय , तेरे मेरे दरमियाँ
score: 9.30162
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Comments

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744 days ago
yeh kya jo tere mere dermiya just wonderful
 
 
744 days ago
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