********जाने अनजाने********

by: Deepa Singh Pathania (on: Nov 9, 2018)
Category: Other   Language: Hindi
tags: धरती पर रहने वाले हर एक इंसान की अपनी ही एक कहानी होती है. इसीलिए किसी को भी पूरी सच्चाई जाने बिना
एक 15 साल का लड़का अपने पिता के साथ ट्रेन में सफ़र कर रहा था. लड़का खिड़की के पास बैठा हुआ था और खिड़की के बाहर देखकर जोर-जोर से अपने पापा से कह रहा था की……“पापा, वो देखिये पेड़ तेज़ी से पीछे जा रहे है!”ये सुनकर उसके पिताजी मुस्कुराने लगे और पास में बैठा एक युगल (पति-पत्नी) उस 15 साल के लड़के द्वारा किये जा रहे बच्चे जैसे व्यवहार को गुस्से से देख ही रहे थे, की तभी अचानक वह लड़का फिर से चिल्लाया…

“पिताजी, देखिये बादल भी हमारे साथ ही जा रहे है!”

इस बार उस युगल से रहा नही गया उसने इसका विरोध करते हुए उस बुजुर्ग व्यक्ति (लड़के के पिता) से कहा की….

“तुम अपने बेटे को किसी अच्छे डॉक्टर को क्यू नहीं दिखाते?”

तभी वह बुरुर्ग व्यक्ति (लड़के का पिता) मुस्कुराया और उसने कहा की….

“मैंने ऐसा ही किया, बल्कि अभी हम अस्पताल से ही आ रहे है, मेरा बेटा बचपन से ही अँधा था, और उसे आज ही उसकी आखे मिली, आज पहली बार मेरा बेटा इस दुनिया को देख पा रहा है.”
score: 9.37792
average: 10.0
Ratings: 3
 
« send to friends»
URL (link) to this writing. You can copy and paste this in your email to send to your contacts:
 
Not good
Ok
Excellent!
 
 
 

Comments

[View All Comments]
 
748 days ago
10
 
 
749 days ago
कई बार हमारे व्यवहार से हम जाने अनजाने में लोगो को चोट पहोचा जाते है.
Nice Written
 
 
749 days ago
कई बार हमारे व्यवहार से हम जाने अनजाने में लोगो को चोट पहोचा जाते है.
Nice Written
 
 
749 days ago
Rating: 10
 
 
749 days ago
महान जीवन सबक। साझा करने पर बधाई
 
 
749 days ago
Rating: 10
 
 
749 days ago
धरती पर रहने वाले हर एक इंसान की अपनी ही एक कहानी होती है. इसीलिए किसी को भी पूरी सच्चाई जाने बिना दोषी नहीं ठहराना चाहिये. क्यू की किसी भी बात की सच्चाई आपको आश्चर्यचकित कर सकती है…..कई बार हम सच्चाई जाने बिना ही किसी पर भी बड़ा आरोप लगाते है और फिर बाद में हमें हमारी गलतियों का अहसास होता है. इसीलिए बाद में पछताने की बजाये हमें पहले ही किसी भी बात के जड़ में जाकर पूरी सच्चाई जानने की कोशिश करनी चाहिये… क्यू की कई बार हमारे व्यवहार से हम जाने अनजाने में लोगो को चोट पहोचा जाते है.
 
 
749 days ago
Rating: 10
 
[View All Comments]