फितरत यह जिंदगी मेरी

by: anand anand (on: Dec 3, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Poem
आखरी साँस है कब , क्या पता है जिंदगी मेरी
लफ्ज से गुजरा हुं ,हकीकत बयाँ जिंदगी मेरी

चाहत की रंगीनियों से सराबेर हुं मैं यकीनन ही
पायी है महोबत दोस्ताना , प्यार भरी जिंदगी मेरी

उसुल परस्ती मैं जीना ,अंजाम ए महोबत दुनिया
बेउसुल आशियाँ ए महोबत , ईबादत जिंदगी मेरी

बेहद चाहा है ,मिशाल क्या दु जहाँ की मैं याराना
चाँद का हुश्न नजरों में , नजर ए नूर जिंदगी मेरी

मेरा हक़ नही ,फर्ज है , सराहना लफज में हयात
मेरी दुआ आपके लीए , फितरत यह जिंदगी मेरी
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723 days ago
Thanks
 
 
725 days ago
Nice
 
 
725 days ago
आखरी साँस है कब , क्या पता है जिंदगी मेरी
लफ्ज से गुजरा हुं ,हकीकत बयाँ जिंदगी मेरी
 
 
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nice
 
 
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