*लोग है|*,,,,,,

by: upendra Singh (on: Dec 7, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: friends
तू अपनी खूबियां ढूंढ,
कमियां निकालने के लिए
*लोग हैं|*

अगर रखना ही है कदम तो आगे रख,
पीछे खींचने के लिए
*लोग हैं|*

सपने देखने ही है तो ऊंचे देख,
निचा दिखाने के लिए
*लोग हैं|*

अपने अंदर जुनून की चिंगारी भड़का,
जलने के लिए
*लोग हैं|*

अगर बनानी है तो यादें बना,
बातें बनाने के लिए
*लोग हैं|*

प्यार करना है तो खुद से कर,
दुश्मनी करने के लिए
*लोग है|*

रहना है तो बच्चा बनकर रह,
समझदार बनाने के लिए
*लोग है|*

भरोसा रखना है तो खुद पर रख,
शक करने के लिए
*लोग हैं|*

तू बस सवार ले खुद को,
आईना दिखाने के लिए
*लोग हैं|*

खुद की अलग पहचान बना,
भीड़ में चलने के लिए
*लोग है|*

तू कुछ करके दिखा दुनिया को,
तालियां बजाने के लिए
*लोग हैं|..*
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679 days ago
Zindagi mein.bankar dikha , log aashish dene ko.taiyar hai
 
 
679 days ago
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721 days ago
nice
 
 
721 days ago
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721 days ago
Nice
 
 
721 days ago
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