किस्मत में दर्द लिखा है मोहब्बत कैसे न होती.....

by: upendra Singh (on: Dec 9, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: friendas
मुझ पर अपनों का प्यार, बस यूँ उधार ही रहने दो,
बड़ा खुशनुमा है ये कर्ज़, मुझे कर्ज़दार ही रहने दो।
यूं तो अकसर कई मिलते हैं राह ए सफर में,
पर तुम मिले तो ऐसा लगा जैसे हमकदम मिल गया।
मोहब्बत वक़्त के बे रहम तूफानों से नहीं डरती,
उसे कहना बिछड़ने से मोहब्बत तो नहीं मरती।
इक समंदर सा नशा है तेरी. मोहब्बत का
उभरता हूँ उभर के फिर से डूब जाता हूँ।
इश्क़, मोहब्बत, प्यार, इबादत सब कहने की बाते है,
चाहिए अगर सुकून ज़िन्दगी में, तो इनसे दूरी रखिये।
खव्वाहिश तो न थी किसी से दिल लगाने की पर,
किस्मत में दर्द लिखा है मोहब्बत कैसे न होती।

score: 9.52702
average: 9.85714
Ratings: 8
 
« send to friends»
URL (link) to this writing. You can copy and paste this in your email to send to your contacts:
 
Not good
Ok
Excellent!
 
 
 

Comments

[View All Comments]
 
630 days ago
Rating: 10
 
 
630 days ago
nice
 
 
630 days ago
thanks to all of u friends
 
 
631 days ago
Rating: 10
 
 
708 days ago
Rating: 9
 
 
716 days ago
इश्क़, मोहब्बत, प्यार, इबादत सब कहने की बाते है,
चाहिए अगर सुकून ज़िन्दगी में, तो इनसे दूरी रखिये।

खव्वाहिश तो न थी किसी से दिल लगाने की पर,
किस्मत में दर्द लिखा है मोहब्बत कैसे न होती।
 
 
716 days ago
Rating: 10
 
 
717 days ago
Thanks friends
 
 
717 days ago
awsm
 
 
717 days ago
Rating: 10
 
 
718 days ago
बहुत सुंदर ।
 
 
718 days ago
Rating: 10
 
 
718 days ago
bahoot khub... sachayi hai ye
 
 
718 days ago
Rating: 9
 
 
718 days ago
Rating: 10
 
[View All Comments]