कुसूर हमारी मोहब्बत का नहीं।।..

by: upendra Singh (on: Dec 12, 2018)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: Friends
माली चाहे कितना भी चौकन्ना हो
फूल और तितली में रिश्ता हो ही जाता है
कोई वादा नहीं फिर भी प्यार है,
जुदाई के बावजूद भी तुझपे अधिकार है,
तेरे चेहरे की उदासी दे रही है गवाही,
मुझसे मिलने को तू भी बेक़रार है..
मेरी आँखों से छलकती है।
उसकी मोहब्बत की आयतें ।।
अब अगर जमाने को उर्दू नहीं आती..
इसमें कुसूर हमारी मोहब्बत का नहीं।।..
इन आंखो मे आंसू आये न होते,
अगर वो पीछे मुडकर मुस्कुराये न होते,
उनके जाने के बाद बस यही गम रहेगा,
कि काश वो हमारी ज़िन्दगी मे आये न होते..
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715 days ago
इन आंखो मे आंसू आये न होते,
अगर वो पीछे मुडकर मुस्कुराये न होते,
उनके जाने के बाद बस यही गम रहेगा,
कि काश वो हमारी ज़िन्दगी मे आये न होते..
 
 
715 days ago
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716 days ago
nice
 
 
716 days ago
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716 days ago
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716 days ago
awesome
 
 
716 days ago
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716 days ago
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716 days ago
इन आंखो मे आंसू आये न होते,
अगर वो पीछे मुडकर मुस्कुराये न होते,
उनके जाने के बाद बस यही गम रहेगा,
कि काश वो हमारी ज़िन्दगी मे आये न होते..
 
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