,,,,,,,,,,,,वैलेंटाइन डे ,,,,,,,, p-1

by: sharu------ . (on: Feb 14, 2019)
Category: Poem   Language: Hindi
tags: RAJ......N.....SHARU
,,,,,,,,,,,,,वैलेंटाइन डे ,,,,,,,,

यह क्या है हम कहाँ जा रहे हैं
यह क्या है वैलेंटाइन डे ,,,,।?
प्यार करनेका खुल्लम खुल्ला
क्यों करते हैं प्रदर्शन यहां वहां ,,?,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ।५।१४
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ये दिन है जब करने का प्यार का इजहार ।
तो लोगों को क्यों है इस बात पर ऐतराज ।
साल में एक ही दिन तो मुकर्रर है प्यार के लिए
तो हम दो दिलों के बीच क्यों आएं यार ॥ 😀😀😁😁
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ५,१९
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२।
प्यार के खिलाफ हम नहीं हरगिज
भरे पड़े हैं प्यार की कथा से हमारी इतिहास
हम है खिलाफ इनकी नंगे नाच पर
प्यार को क्यों बनाते हैं लोग फ्री शो ,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ५।२५
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नौजवानों में नई उमंग होती है
प्यार की नई ।तरंग होती है
हो सकता है हो कोई इनमे भी लैला मजनू या शीरी फरहाद
जो आगे चलकर रचेंगे प्यार का इतिहास ॥
।,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ,,,,,,५।३२
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३।
रह ने दो प्यार की उमंग और तरंग
मगर करते हैं इसका प्रदर्शन सड़को पर
छोटे बच्चे ,बड़े बूढ़ों पर होती है असर
चलना पड़ता हैं हम कुछ देख रहे हैं
जो हमें देखना नहीं चाहिए हर गिज,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,शरू ५।३९
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अब क्या करें जब प्यार करे दो दीवाने को
अपनाना पड़ेगा हमको ऐसे ही जमाने को ।
बाकी इंटरनेट ने कर दी ही पूरी कसर ।
और कुछ तो है ये बाजारवाद का असर ॥
।,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,राज ॥,,,,,,,५।५०
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score: 9.36026
average: 9.5
Ratings: 9
 
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Comments

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539 days ago
tnq all friends........for a good comment
 
 
541 days ago
Rating: 10
 
 
541 days ago
Rating: 9
 
 
541 days ago
True and frank explanation of Valentine Day. We are heading toward a more open but westernized society, which if not followed carefully may boomerang on us. Thanks for sharing Sharu.
 
 
541 days ago
Rating: 10
 
 
541 days ago
tnx kumar ji......MISHRA JI......TANDON JI
 
 
541 days ago
Very nice. Too good.
Fantabolous mam
 
 
541 days ago
Rating: 8
 
 
541 days ago
JO AAP NE LIKHA HAI WOH SATYA HAI LEKIN AANE WALI PEEDHI KO SANSKAAR BHEE HUMNE HI DIYE HAIN.
 
 
541 days ago
Rating: 10
 
 
541 days ago
So beautiful lines
 
 
541 days ago
Rating: 8
 
 
541 days ago
TNX PRATAP JI
 
 
541 days ago
Rating: 9
 
 
541 days ago
Very truly u said
 
 
541 days ago
tnq BALI JI
 
 
541 days ago
very true g
 
 
541 days ago
Rating: 10
 
 
541 days ago
राज , बहुत दिनों के बाद हम लिख रहे हैं ।
फिर भी वही राज को पाया हम।,,,,,,,,,,,tnq....well written..
 
 
541 days ago
Rating: 10
 
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