न जाने कहाँ खोया हूँ

by: upendra Singh (on: Apr 14, 2019)
Category: Other   Language: Hindi
tags: Friends
कपड़े" और "चेहरे",*
*अक्सर झूठ बोला करते हैं~*
*"इंसान" की असलियत तो,*
*"वक्त" बताता है..!!!* बिखरा ही
सही में तेरे शाख का ही
पत्ता हूँ...
न जाने कहाँ खोया हूँ
पर
तुझ में ही कहीं रहता हूँ.
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418 days ago
कपड़े" और "चेहरे",*
*अक्सर झूठ बोला करते हैं~*
*"इंसान" की असलियत तो,*
*"वक्त" बताता है..!!!* nice one 👌👌
 
 
418 days ago
Rating: 10
 
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